विश्व कप: भारतीयों का पैसा कीवी टीम पर!

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Image caption रिप्पी वर्षों पहले कोलकाता से ऑस्ट्रेलिया आए थे

क्रिकेट विश्व कप ख़िताब के लिए ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के ज़्यादातर लोगों की पसंद अब न्यूज़ीलैंड की टीम बनती जा रही है.

विश्व कप का फ़ाइनल रविवार को मेलबर्न में दोनों मेज़बान टीमों, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला जाना है.

न्यूज़ीलैंड ने एक रोमांचक सेमी फ़ाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराया था, जबकि भारत की टीम सिडनी में ऑस्ट्रेलिया से हार कर प्रतियोगिता से बाहर हुई थी.

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Image caption हितेश वछराजानी और उनका परिवार

शायद यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग ख़ासे निराश हैं और चाहते हैं कि न्यूज़ीलैंड पहली बार विश्व चैम्पियन बने. सिडनी के रहने वाले हितेश वछराजानी और उनके परिवार ने भारत की हार को देखा और अब परिवार के साथ न्यूज़ीलैंड को जिताने मेलबर्न पहुँच चुके हैं.

सदमा

वछराजानी कहते हैं, "भारत तो हार गया, लेकिन जो टीम एक भी मैच नहीं हारी है वो कीवीज़ ही हैं. उम्मीद है, वे ही जीतेंगे".

सिंगापुर में रहने वाले रमननया भारतीय फैन हैं जो सेमीफ़ाइनल के पहले बड़ी उम्मीद के साथ आए थे, लेकिन भारत की हार के बाद अब सदमे में हैं.

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Image caption सिंगापुर में रहने वाले रमननया और उनके मित्र कृष्णा

रमननया ने बताया, "भारत जिस तरह हारा उससे थोड़ा अफ़सोस तो हुआ, लेकिन अब सभी भारतीयों की कामना है कि कप न्यूज़ीलैंड पहुंचे". उनके साथ मेलबर्न में फ़ाइनल देखने उनके मित्र कृष्णा भी रहेंगे जो न्यूज़ीलैंड में रहते हैं और मैकुलम की टीम का समर्थन करने आए हैं.

समर्थन

स्थानीय लोगों का ये भी कहना है कि ऐसा लगता है कि ऑस्ट्रेलिया वाले पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मूल के लोगों का समर्थन भी न्यूज़ीलैंड के साथ हो सकता है.

भारत के कोलकाता से वर्षों पहले ऑस्ट्रेलिया आए रिप्पी टैक्सी चलाते हैं. उनके पास फ़ाइनल का टिकट भी है.

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Image caption फोटो सेशन के दौरान ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड टीम के कप्तान

रिप्पी ने कहा, "100 डॉलर का टिकट खरीदा था. अब भारत तो हार गया, लेकिन हमारी दुआ न्यूज़ीलैंड के साथ है. वैसे भी अगर ऑस्ट्रेलिया जीत गया तो मस्ती में ही सही, लेकिन बड़े ताने सुनने पड़ेंगे यहाँ रहने वाले भारतीयों को."

हालाँकि जानकारों का मत है कि क़रीब 87,000 दर्शकों की क्षमता वाले एमसीजी मैदान में ऑस्ट्रेलियाई समर्थक निश्चित तौर पर ज़्यादा ही होंगे.

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