साइना, श्रीकांत ने जीता इंडियन ओपन

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दिल्ली में खेला गया इंडियन ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट भारत की साइना नेहवाल ने जीत लिया है.

उन्होंने तीसरी वरीयता हासिल थाइलैंड की रत्नाचोक इंतानोन को हराकर ख़िताब अपने नाम कर लिया. शीर्ष वरीयता के साथ खेल रही साइना ने इंतानोन को 21-16, 21-14 से मात दी. इसके पहले सेमीफ़ाइनल में साइना ने जापान की युई हाशिमोतो को 21-15, 21-11 से हराया था.

श्रीकांत से हारे एक्सेलसन

दूसी ओर, पुरूष एकल वर्ग के फ़ाइनल में दूसरी वरीयता हासिल भारत के के श्रीकांत ने छठी वरीयता हासिल डेनमार्क में विक्टर एक्सेलसन को 18-21, 21-13, 21-12 से हराकर रविवार का दिन अपने लिए शानदार बना लिया. श्रीकांत ने इससे पहले स्विस ओपन के फ़ाइनल में भी एक्सेलसन को शिकस्त दी थी.

ख़िताब पर क़ब्ज़ा

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साइना नेहवाल और के श्रीकांत इंडियन ओपन सुपर सिरीज़ टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. इससे पहले इन दोनो ने पिछले साल चाइना ओपन भी अपने नाम किया था. यह कारनामा भी भारतीय खिलाडियों ने पहली बार किया था.

इससे पहले शनिवार का दिन साइना नेहवाल के लिए तब यादगार बन गया जब उन्हे दुनिया की नंबर एक बैडमिंटन खिलाडी बनने का अवसर मिला. इंडियन ओपन में चीनी खिलाडियों, ख़ासकर, ली झुईरूई के नही खेलने का फ़ायदा साइना नेहवाल को मिला.

साइना नेहवाल ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन टूर्नामेंट के फ़ाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी थी. उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक और लंदन ओलंपिक खेलो का कांस्य पदक भी शामिल हैं.

साइना बनी 'नंबर वन'

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साइना नेहवाल विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट मे जब दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनीं, वे ख़ुद आश्चर्यचकित थीं. उन्होने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा कि विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट तो भारत में एक बडे खेल की तरह हैं. हम सभी उसे देखना पसंद करते हैं. अब इससे बीच मैने कुछ ऐसा कर दिया हैं कि मुझे ख़ुद यकीन नही आ रहा. मैं बहुत खुश हूं कि मैं नंबर एक खिलाड़ी बन गई हूं. इससे पहले साल 2010 में मैं नंबर दो थी, अब नंबर एक बनने के पीछे कडी मेहनत हैं. बीच में भी कई यादगार कामयाबी हासिल की और दुनिया के पांच शीर्ष खिलाड़ियों में लगातार बनी रहीं.

यह कामयाबी उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है, इस पर साइना नेहवाल का कहना है, "हर खिलाड़ी का सपना दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी बनना होता हैं. अभी तो मुझे यही समझ में नही आ रहा कि क्या कहूं. शायद एक-दो दिन में पूरी तरह सही अहसास हो कि यह क्या हो गया हैं."

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साइना नेहवाल के कोच और राष्ट्रीय चैंपियन विमल कुमार ने कहा कि इस कामयाबी में उनके पूर्व कोच पुलेला गोपीचंद का भी महत्वपूर्ण योगदान हैं. विमल कुमार ने बताया कि साइना नेहवाल के खेल में कुछ ख़ास कमी नही थी. उन्हे बस बताया गया कि उन्हे नैट पर कैसे खेलना हैं और स्मैश और रिटर्न पर क्या सावधानी बरतनी हैं.

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