क्या कतर से छिनेगी विश्व कप की मेज़बानी?

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सेप ब्लैटर के फ़ीफ़ा के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने का ऐलान ने फ़ुटबॉल की दुनिया में खलबली मचा दी है.

ब्लैटर की विदाई से कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं. ब्लैटर ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी का चुनाव एक आपात बैठक में किया जाएगा.

नया अध्यक्ष चुने जाने तक ब्लैटर फ़ीफ़ा के अध्यक्ष बने रहेंगे.

इस्तीफ़ा अभी क्यों?

पहला और अहम सवाल तो ये है कि रिकॉर्ड पाँचवीं बार अध्यक्ष चुने जाने के कुछ ही दिन बाद उन्होंने इस्तीफ़ा देने की घोषणा क्यों की?

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फ़ीफ़ा अध्यक्ष के रूप में ब्लैटर पर भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगे हैं, फिर इस बार ऐसा क्या हुआ कि अध्यक्ष चुने जाने के कुछ ही दिन बाद ब्लैटर को इस्तीफ़ा देना पड़ा. ज़ाहिर है पर्दे के पीछे कुछ न कुछ अहम चल रहा है.

फ़ीफ़ा में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही अमरीकी एजेंसी एफ़बीआई का दबाव इसकी वजह हो सकता है. अमरीकी मीडिया में ख़बरें आ रही हैं कि एफ़बीआई सीधे ब्लैटर से पूछताछ कर सकती है.

पिछले हफ्ते ही एफ़बीआई ने एक होटल पर छापा मार कर भ्रष्टाचार के आरोपों में फ़ीफ़ा के कई अधिकारियों को गिरफ़्तार किया था.

पढ़ें: क्या ब्लैटर डर गए हैं

फ़ीफ़ा के लिए आगे क्या?

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फ़ीफ़ा के ऑडिट विभाग के प्रमुख डोमिनक स्केला ने वादा किया है कि बड़े स्तर पर सुधार किए जाएंगे और “कुछ भी छिपाया नहीं जाएगा.”

इनमें से एक वादा है फ़ीफ़ा अध्यक्ष का कार्यकाल निर्धारित करना. ब्लैटर 17 साल तक इस पद पर रहे थे.

इसके अलावा स्केला ने ये भी वादा किया है कि वह फ़ीफ़ा अध्यक्ष के वेतन का भी खुलासा करेंगे.

अगले विश्व कप का क्या?

अगला विश्व कप 2018 में रूस में होना और उससे अगला कतर में. क़तर और रूस को मिली मेजबानी की प्रक्रिया विवादों में रही है और तरह-तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.

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विश्लेषकों का कहना है कि अगला विश्व कप तो रूस में ही होगा.

क्वालिफ़ाइंग राउंड्स में अब दो महीने से भी कम का समय बचा है और रूस के पास फ़ुटबॉल महाकुंभ की तैयारी के लिए तीन साल ही बचे हैं.

रही बात कतर की तो वह भी आसानी से अपनी मेजबानी नहीं छिनने देगा. ये मामला क़ानूनी दांवपेचों में भी उलझ सकता है.

लेकिन जिस तरह से एफ़बीआई ने फ़ीफ़ा अधिकारियों पर शिकंजा कसा है और बोली प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं, उससे अनिश्चितता तो बनी ही है.

अगला अध्यक्ष कौन?

रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ़्तारियों की सुर्खियां बनने के बावजूद ब्लैटर भारी मतों से जीते थे.

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अधिकतर देशों के प्रतिनिधियों ने उनके पक्ष में मत दिया था.

यूएफ़ा के अध्यक्ष प्लैटिनी को इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है. लेकिन उन्हें इसके लिए यूरोप से बाहर के देशों का समर्थन चाहिए होगा.

इसके अलावा जॉर्डन के प्रिंस अली को भी संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है. शुक्रवार को हुए चुनाव में ब्लैटर ने प्रिंस अली को पराजित किया था.

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