फ़ीफ़ा का डाटा स्विस पुलिस के क़ब्ज़े में

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फ़ुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय संस्था फ़ीफ़ा ने अपना कम्प्यूटर डाटा 2018 और 2022 की विश्वकप मेज़बानी की जांच कर रहे स्विटज़रलैंड पुलिस के हवाले कर दिया है.

माना जा रहा है कि पुलिस ने फ़ीफ़ा के ज़्यूरिख स्थित मुख्यालय से संस्था के अध्यक्ष सेप ब्लैटर और दूसरे अहम पदाधिकारियों के कार्यालयों से सूचना अपने क़ब्ज़े में ली है.

फ़ीफ़ा का कहना है कि वह जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है.

स्विस पुलिस ने पिछले महीने कहा था कि वह इस बात की जांच कर रही है कि रूस और क़तर में होने वाले विश्वकपों की मेज़बानी कैसे सौंपी गई थी.

भ्रष्टाचार की जांच

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Image caption फ़ीफ़ा के महासचिव जेरोम वाल्के.

अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफ़बीआई भी फ़ीफ़ा में भ्रष्टाचार की जांच कर रही है. अब तक 14 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय हुए हैं जिनमें से नौ का संबंध फ़ीफ़ा से है.

माना जा रहा है कि फ़ीफ़ा के महासचिव जेरोम वाल्के और संस्था के वित्तीय प्रमुख मार्कस कैटनर के दफ़्तरों का आईटी डाटा भी पुलिस को दिया गया है.

फ़ीफ़ा ने ज़ोर देकर कहा है कि उसी ने जांच के लिए पहल की है. स्विस एटॉर्नी जनरल का कहना है कि इस मामले में फ़ीफ़ा 'पीड़ित पक्ष' है.

यह जांच 2018 में रूस और 2022 में क़तर में होने वाले विश्वकप से संबंधित पैसों के हेरफेर पर केंद्रित है.

दावेदारी

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Image caption फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर चुके हैं.

रूस और क़तर दोनों ने उनपर आरोपों से इनकार किया है.

इस बीच 2026 में होने वाले विश्वकप की मेज़बानी की प्रक्रिया रोक दी गई है. वाल्के ने बुधवार को कहा कि ऐसे माहौल में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बेवकूफ़ी होगी.

भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच ब्लैटर ने अपना पद छोड़ने की घोषणा की है. माना जा रहा है कि उनके उत्तराधिकारी का चुनाव 16 दिसंबर को होगा.

ब्राज़ील के पूर्व मिडफ़ील्डर ज़ीको ने फ़ीफ़ा अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करने की घोषणा की है.

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