बतौर कैप्टन कोहली छाप छोड़ पाए?

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भारत और बांग्लादेश के बीच फ़ातुल्ला में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच लगातार बारिश के कारण ड्रा हो गया लेकिन इस मैच में कई रंग देखने को मिले.

भारत ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 462 रन के विशाल स्कोर पर समाप्त घोषित की.

सलामी बल्लेबाज़ मुरली विजय ने बेहद परिपक्व बल्लेबाज़ी का परिचय देते हुए बिना किसी हड़बड़ाहट के 150 रनों की पारी के साथ अपना छठा टेस्ट शतक जमाया.

दूसरी तरफ शिखर धवन ने भी 173 रनों की बेजोड़ पारी खेली. हालांकि उनकी तकनीक पर अभी भी सवाल है लेकिन मुरली के साथा उनकी जुगलबंदी शानदार रही.

दमखम

दोनों ने पहले विकेट के लिए 283 रन जोड़कर अपना दमख़म दिखाया.

भारतीय गेंदबाज़ों ख़ासकर ऑफ़ स्पिनर आर अश्विन ने इस मैच में कमाल का प्रदर्शन किया.

विदेशों में उनकी गेंदबाज़ी पर अक्सर उंगली उठती रही है लेकिन पहली बार उन्होंने विदेशी ज़मीन पर पांच विकेट हासिल किए.

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हरभजन सिंह ने भी वापसी का जश्न मनाते हुए 64 रन देकर तीन विकेट लिए. दरअसल उन पर ही सबकी निगाहें थी.

भज्जी ने इमरूल कैस का विकेट लेकर अपने विकेटों की संख्या 415 तक पहुंचाई और पाकिस्तान के वसीम अकरम से आगे निकल गए हैं.

सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों की सूची में हरभजन नौवे स्थान पर पहुंच गए हैं.

रैंकिंग

चयनकर्ताओं ने इस दौरे के लिए रोहित शर्मा को चेतेश्वर पुजारा पर तरजीह दी थी लेकिन वह अवसर का लाभ नहीं उठा सके. वह केवल छह रन ही बना सके.

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इस टेस्ट के ड्रा रहने से आईसीसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारत तीसरे स्थान से ख़िसककर चौथे स्थान पर पहुंच गया. बांग्लादेश को रैकिंग में तो कोई लाभ नहीं हुआ लेकिन उसे दो अंक ज़रूर मिले.

मैच में सबसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ इंशात शर्मा कोई छाप नहीं छोड़ सके.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ ही साल 2007 में ढ़ाका में अपना पहला टेस्ट मैच खेलने वाले इंशात का यह 62वां टेस्ट मैच था. अभी भी गति के साथ गेंद पर नियंत्रण न कर पाना उनकी कमज़ोरी है.

कप्तानी के संकेत

मैच तो ड्रा रहा लेकिन विराट कोहली बतौर कप्तान अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे.

इसे लेकर भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ विजय दहिया कहते है कि विराट कोहली जैसी सोच वाले टेस्ट कप्तान कम ही होते हैं.

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उन्होंने कहा, "वह हर हाल में परिणाम के लिए मैदान में उतरते है. अब एक बात और पक्की है कि टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टॉफ के नाम पर कोई भी हो लेकिन आने वाले समय में चलने वाली विराट कोहली और रवि शास्त्री की ही है."

वैसे विजय दहिया इस बात से हैरान हैं कि बांग्लादेश की टीम को आख़िरकार इस टेस्ट में इतनी तेज़ी से रन बनाने की क्या ज़रूरत थी कि टीम केवल 65.5 ओवर में ही ढह गई.

अब भारत और बांग्लादेश के बीच तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की सिरीज़ खेली जाएगी जिसका पहला मैच 18 जून को होगा.

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