टेनिस की 'आशा-लता' आमने-सामने

  • 6 जुलाई 2015
williams sisters

विंबलडन में महिला सिंगल्स के चौथे दौर के मुकाबलों में आज विलियम्स बहनें आमने-सामने हैं.

ये 26वीं बार है जब सेरेना और वीनस एक-दूसरे को चुनौती दे रही हैं.

विंबलडन सिंगल्स का खिताब पांच बार अपने नाम कर चुकी विलियम्स बहनों के पास 27 ग्रैंड स्लैम खिताब भी हैं.

वीनस की वापसी

35 साल की वीनस शॉग्रंज़ सिंड्रोम से जूझ रही थीं जिसकी वजह से साल 2011 में उनकी रैंकिंग 103 तक गिर गई थी.

इस बीमारी में थकान होती है और जोड़ों में दर्द होता है.

2012 में उन्होंने टेनिस कोर्ट में वापसी की और वर्ष 2014 में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहीं.

दूसरी ओर छोटी बहन सेरेना विलियम्स का जलवा टेनिस कोर्ट पर बरकरार रहा है.

33 साल की सेरेना ने वर्ष 2015 के फ्रेंच ओपन का महिला एकल वर्ग का ख़िताब अपने नाम कर 20वां ग्रैंड स्लैम जीता है.

इसके साथ ही टेनिस की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना साल 2015 के सारे ग्रैंड स्लैम जीतने की ओर एक क़दम और बढ़ गई हैं.

उम्मीदों का बोझ

सेरेना ने अपनी बड़ी बहन वीनस से मुकाबले से पहले कहा, "मैं महिला टेनिस में अपनी सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला करने जा रही हूं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम टूर्नामेंट में इतनी जल्दी आमने-सामने होंगे लेकिन हम अपना बेहतरीन खेल दिखाएंगी."

वहीं वीनस कहती हैं, "सेरेना के सामने प्वॉइंट्स बनाना आसान नहीं. सेरेना कैसा भी खेले, वह जीतना जानती है."

सेरेना और वीनस के बीच मुकाबले का टेनिस प्रेमियों और टेनिस विशेषज्ञों को इंतज़ार रहता है.

तीन बार की ग्रैंड स्लैम विजेता लिंडसे डेवनपोर्ट ने विलियम्स बहनों के बारे में कहा, "जब दोनों आमने-सामने होती हैं तो इनके चेहरे पर इसकी पीड़ा दिखती है लेकिन वे प्रतिबद्ध होती हैं कि उन्हें कोर्ट में बस अपना काम करना है."

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