फूट-फूट कर क्यों रोई भारतीय तीरंदाज़?

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अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला तीरदांज झानू हांसदा शनिवार को अपने सम्मान समारोह में फूट-फूट कर रो पड़ी.

अमरीका में हाल ही में हुई वर्ल्ड पुलिस गेम में झानू ने तीन गोल्ड मेडल जीते थे.

झानू के सम्मान में झारखंड की राजधानी रांची में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. इसी समारोह में उनकी पीड़ा आंसुओं के रूप में छलक पड़ी.

झानू जब रो रही थीं, तब वहां झारखंड पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक रेजी डुंगडुंग समेत कई आला पुलिस अफसर भी मौजूद थे.

जातिगत भेदभाव का आरोप

झानू झारखंड पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और प्रमोशन नहीं मिलने पर बेहद आहत थीं.

ख़ुशी के मौके पर रोने की वजह के बारे में उन्होंने मीडिया से कहा, "लगता है कि पुलिस में जातिगत भेदभाव है. एसटी होने के कारण प्रमोशन नहीं मिल रहा. इतनी मेहनत के बाद भी यह हाल. इससे दिल टूट जाता है.

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झानू ने अब तक सौ से ज्यादा मेडल जीते हैं. उनकी प्रतिभा को देखकर ही राज्य सरकार ने उन्हें 2004 में सब इंस्पेक्टर के पद पर नौकरी दी थी. वो 2005 में तीरंदाज़ी में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं.

फिलहाल वह जमशेदपुर रेलवे पुलिस में हैं. झानू का दावा है कि नियमों के मुताबिक़ उन्हें अब तक प्रमोशन मिल जाना चाहिए था.

उन्होंने विभागीय प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया है. झानू का दावा है कि उनसे जूनियर को प्रमोशन मिला, पर उन्हें नहीं.

अनदेखी का दुख

गुरुवार रात झारखंड पुलिस की दो स्टार खिलाड़ी बॉक्सर अरुणा मिश्रा और झानू हांसदा अलग-अलग ट्रेनों से टाटानगर स्टेशन पहुंची थीं.

तब अरूणा मिश्रा का प्रशासनिक स्तर पर स्वागत हुआ था जबकि झानू हांसदा के स्वागत में उनके पति, भाई और कोच मौजूद थे.

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झानू अकेले ही ऑटो से घर को रवाना हुई थीं. झानू को इसका भी दुख है.

सम्मान समारोह में झानू के फफक-फफक कर रोने की घटना पर अपर पुलिस महानिदेशक रेजी डुंगडुंग ने कहा है कि पूरे मामले की जानकारी उन्होंने पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय को दे दी है.

उन्होंने कहा है कि प्रमोशन को लेकर जल्दी ही वह झानू से बात करेंगे.

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