आत्महत्या के बारे में भी सोचा था: श्रीसंत

  • 29 जुलाई 2015
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तिहाड़ जेल में श्रीसंत ने आत्महत्या के बारे में भी सोचा लेकिन अब वे बीसीसीआई से उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटाने की बात करना चाहते हैं.

पिछले हफ्ते दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2013 में आईपीएल मैच फिक्सिंग के मामले में श्रीसंत को आरोप मुक्त कर दिया था.

उन्होंने बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर से मिलने की भी बात की.

श्रीसंत ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि बीसीसीआई उनके पक्ष में फैसला लेगी.

भगवान और परिवार पर भरोसा

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भारत के लिए एक दिवसीय और टेस्ट मैच खेलने वाले क्रिकेटर श्रीसंत ने उस पीड़ा की भी बात की जिससे वे गुज़रे थे जब उन्हें गिरफ्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया गया था.

श्रीसंत को मई 2013 में अजीत चंडीला और अंकित चव्हाण के साथ स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

श्रीसंत ने कहा, "शुरू में मैंने सोचा कि आत्महत्या कर लूं. लेकिन भगवान पर अपने विश्वास और परिवार केे भरोसे के कारण ही मैं इस पर काबू पा सका."

जब उनसे ये पूछा गया कि क्या वे उस बीसीसीआई से सकारात्मक जबाब की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार हैं जो भ्रष्टाचार निरोधी इकाई के मुख्य सलाहकार भी हैं , श्रीसंत ने कहा, "आखिरकार वो भी तो इंसान हैं. उनके पास भी दिल है."

'मैं इंतज़ार करूंगा'

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि वो मेरे रास्ते में रुकावट डालेंगे. बीसीसीआई आखिरकार एक संस्था है , कोई व्यक्ति नहीं."

श्रीसंत ने ये भी कहा कि अगर बीसीसीआई उन पर लगा प्रतिबंध हटाना नहीं चाहती तो वो इस मामले को लेकर अदालत नहीं जाएंगे.

उन्होंने कहा, "मैं इंतज़ार करूंगा. मैं किसी को चुनौती नहीं देना चाहता. मैं बस क्रिकेट खेलना चाहता हूं."

श्रीसंत ने कहा कि वे मैदान में अभ्यास तभी करेंगे जब उन पर प्रतिबंध हटा लिया जाएगा.

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