संन्यास के बाद नामी क्रिकेटरों ने क्या किया

क्रिकेट को अलविदा कहने जा रहे श्रीलंका कुमार संगकारा ने कहा है कि वो राजनीति में तो नहीं जाएंगे, हालांकि क्रिकेट में किसी भी तरह भूमिका के लिए वो तैयार हैं.

वैसे क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कई खिलाड़ियों ने अपने लिए अलग-अलग रास्ते चुने हैं.

इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ख़ान ने 1992 में पाकिस्तान को पहला और इकलौता विश्व कप जिताने के साथ ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

इसके बाद अप्रैल 1996 में उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी का गठन किया और इसके चेयरमैन बन गए.

फिलहाल उनकी पार्टी पाकिस्तान की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और वो ख़ैबर पख़्तूनख्वाह में प्रांतीय सरकार का नेतृत्व कर रही है.

एडम होलियोक

हरफनमौला होलियोक ने 1997 तक इंग्लैंड की कप्तानी सँभाली थी. 2004 में संन्यास लेने के बाद वो कारोबार की दुनिया में कूद गए.

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया, लेकिन व्यवसायिक तौर पर वो बुरी तरह फ़्लॉप रहे और ऑस्ट्रेलिया में उन्हें दिवालिया घोषित किया गया.

अप्रैल 2012 में उन्होंने कहा कि वह मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में अपना नया करियर शुरू कर रहे हैं.

दिलीप दोषी

बाएं हाथ के स्पिनर दिलीप दोषी ने भारत के लिए पहला टेस्ट 1979 में खेला था. चार साल लंबे करियर में दिलीप ने 33 टेस्ट में लगभग 31 की औसत से 114 विकेट लिए. हालांकि उनका करियर चार साल से अधिक का नहीं रहा.

बाद में वो कारोबार की दुनिया में उतर गए. दोषी की कंपनी ने मशहूर जर्मन मोंटब्लैक पेन का भारत में वितरण शुरू किया.

विनोद कांबली

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बाएं हाथ के बल्लेबाज़ विनोद कांबली का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा.

17 टेस्ट मैचों के करियर में दो दोहरे शतक जड़ने वाले कांबली ने क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया.

उन्होंने फ़िल्मों में काम किया और वो छोटे पर्दे पर भी दिखाई दिए.

इसके अलावा कांबली लोक भारती पार्टी में शामिल हुए और पार्टी के उपाध्यक्ष बने.

कांबली ने 2009 में विकरोली से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा. हालाँकि वह चुनाव नहीं जीत सके.

एंड्रयू फ़्लिंटॉफ़

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इंग्लैंड के ऑलराउंडर फ़्लिंटॉफ ने अपना आख़िरी टेस्ट अगस्त 2009 में खेला. उन्होंने 79 टेस्ट मैचों में 226 विकेट चटकाए और 3845 रन भी बनाए.

फ़्लिंटॉफ़ ने 2010 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद बॉक्सिंग रिंग में हाथ आज़माया.

क्रिस लुइस

इंग्लैंड के दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ क्रिस लुइस ने अपना आख़िरी टेस्ट अगस्त 1996 में खेला. उन्हें दिसंबर 2008 में कोकीन तस्करी के मामले में गिरफ़्तार किया गया.

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लुइस को इस मामले में दोषी पाते हुए अदालत ने 13 साल की सज़ा सुनाई. अपनी आधी सज़ा काटने के बाद लुइस जून 2015 में जेल से रिहा हुए हैं.

जेक रसेल

इंग्लैंड के विकेटकीपर रसेल ने 54 टेस्ट में 1897 रन बनाए. क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद उन्होंने पेंटिंग बनानी शुरू की और बाक़ायदा आर्ट गैलरी खोली.

वे सेना, खेल, वन्यजीव आदि कई विषयों पर चित्र बनाते हैं. यही नहीं 2007 से वे फ़ुटबॉल गोलकीपिंग की कोचिंग भी देते हैं.

ब्रेट ली

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ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली ने 76 टेस्ट मैचों में 310 विकेट लिए. अपने गाने के हुनर को दिखाने से कभी ना शर्माने वाले इस खिलाड़ी को जल्दी ही शोबीज़ में जगह भी मिल गई है.

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