गोल होगा 1, लेकिन गिना दो जाएगा

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भारत में देसी-विदेशी खिलाड़ियों से सजी हॉकी इंडिया लीग का चौथा संस्करण नए नियमों के साथ आयोजित होगा.

सोमवार को हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने इन नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि अब मैदानी गोल होने पर टीम को एक नहीं, बल्कि दो गोल मिलेंगे.

ऐसा खिलाड़ियों की कलात्मक शैली को पुनर्जीवित करने के लिए किया जा रहा है.

नरेंद्र बत्रा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ ने भी इन नियमों को मान्यता दे दी है.

नए नियम दो साल तक

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नए नियमों का प्रयोग दो साल तक होगा. नरेंद्र बत्रा के अनुसार इन दिनों खिलाड़ियों और टीमों का ज़ोर पेनाल्टी कॉर्नर हासिल करने पर होता है, इससे कलात्मक हॉकी का आकर्षण दिन पर दिन घट रहा है.

नए नियम के आने से अगर कोई टीम एक गोल से पिछड़ रही है तो वह अंतिम समय में भी मैदानी गोल कर जीत सकती है.

इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को जान-बूझकर गोल करते समय गिराया जाता है तो उसके बाद मिले पेनाल्टी स्ट्रोक पर भी दो गोल दिए जाएंगे. ज़ाहिर है इसका फ़ैसला अंपायर ही करेंगे.

पेनाल्टी कॉर्नर और पेनाल्टी शूट ऑउट पर गोल का नियम पहले जैसा ही रहेगा.

आठ विदेशी खिलाड़ी

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बत्रा ने बताया कि लीग की हर टीम में कुल मिलाकर 20 खिलाड़ी होंगे. इनमें 12 भारतीय और 8 विदेशी खिलाड़ी होंगे.

हर टीम में 2 गोलकीपर होंगे और सभी 20 खिलाड़ियों के नाम मैच शीट पर होंगे. उन्हें बेंच पर बैठने का अधिकार होगा.

मैच जीतने वाली टीम को पांच अंक मिलेंगे. मैच ड्रा होने पर दोनों टीमों को 2-2 अंक मिलेंगे.

इसके अलावा दो या इससे कम गोल से हारने वाली टीम को एक अंक मिलेगा लेकिन तीन या इससे अधिक गोल से हारने वाली टीम को कोई अंक नही मिलेगा.

पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लीग में खेलने को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देशो के संबध सामान्य नहीं हो जाते तब तक उनका लीग में खेलना मुश्किल है.

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