द. अफ्रीका से भिड़ने को तैयार टीम इंडिया

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टीम इंडिया का कहना है कि वो दक्षिण अफ्रीका से होने वाली टी-20, वनडे और टेस्ट सिरीज़ के लिए पूरी तैयार है.

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में तैयारियों में जुटी भारतीय क्रिकेट के बल्लेबाज़ टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने को बेताब दिखते हैं तो गेंदबाज़ कुछ कर दिखाने को तैयार हैं.

भारत के दौरे पर आई दक्षिणी अफ्रीकी टीम तीन टी-20 मैचों की सिरीज का पहला मैच शुक्रवार को धर्मशाला में खेलेगी. इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच वनडे मैच और चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेली जाएगी.

'जीत के लिए खेलेंगे'

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मंगलवार को धर्मशाला में अभ्यास सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत में भारतीय बल्लेबाज़ सुरेश रैना ने कहा कि वो नहीं जानते कि किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे लेकिन वह भारत को जीत दिलाने के लिए खेलना चाहते है.

वही अजिंक्य रहाणे ने भी कहा, “कप्तान और टीम मैनेजमैंट जो कहेगा वह वही करेंगे. विशेष भूमिका में टीम की बेहतरी के लिए सौ प्रतिशत खेलना मेरी पहली प्राथमिकता है.”

दक्षिण अफ्रीकी दौरे के अपने अनुभव को लेकर रहाणे ने कहा, “वहां की विकेट और हालात अलग थे, यहां अलग है. हमारा उद्देश्य आक्रामक और सकारात्मक क्रिकेट खेलकर सिरीज़ जीतना है.”

दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ों को स्पिन के ख़िलाफ कमज़ोर माना जाता है.

ऐसे में तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मददगार धर्मशाला के विकेट को लेकर स्पिनर अक्षर पटेल ने कहा कि वह विरोधी टीम की ताक़त या कमज़ोरी को लेकर किसी दबाव में नहीं हैं.

वैसे धर्मशाला के विकेट पर उछाल अच्छा होता है और अक्षर पटेल उसी के अनुरूप लाइन-लैंग्थ के साथ गेंदबाज़ी करना चाहते हैं.

'प्रयोग से बचेंगे'

दक्षिणी अफ्रीका के धांसू बल्लेबाज़ एबी डी विलियर्स के ख़िलाफ अपनी रणनीति को लेकर अक्षर का मानना है, “उन जैसे आक्रामक बल्लेबाज़ के सामने गेंद करते समय गेंदबाज़ भूल जाता है कि उसे कहां गेंद करनी है. उनके ख़िलाफ़ अधिक प्रयोग करने से बचना होगा.”

ट्वेन्टी-20 और वनडे सिरीज़ से टेस्ट टीम में अपनी वापसी को लेकर सुरेश रैना ने कहा, “अभी तो ऐसा नही सोचा है कि इन मैचों के दम पर टेस्ट टीम में वापसी करूं. इन मैचों के बाद धरेलू क्रिकेट भी खेलनी है. ”

उन्होंने कहा, “पिछले टेस्ट मैच में जल्दी आउट हो गया था लेकिन अभी मेरे पास समय है. जैसी भी परिस्थिति में, जिस भी प्रारूप में खेलने का मौक़ा मिलेगा टीम को जिताने की कोशिश होगी और नसीब में होगा तो टेस्ट मैच भी खेलेंगे.”

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धर्मशाला में ओस वाले वातावरण में गेंदबाज़ी करने को लेकर तेज़ गेंदबाज़ मोहित शर्मा ने कहा कि ऐसे में गेंद पर पकड़ बनाने में दिक़्क़त आती है.

“गेंद स्विंग नही होती, बैट पर आसानी से आती है लेकिन हम गीली गेंद से अभ्यास करते है. वैसे भी अतंराष्ट्रीय स्तर भी डे-नाइट क्रिकेट में आप ओस को लेकर कोई बहाना नही बना सकते.”

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