क्या रही ज़हीर खान की अधूरी ख़्वाहिश

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"मैं जाने से पहले एक बार रणजी खेलना चाहता था लेकिन शायद मेरा शरीर जवाब दे रहा था और मुझे लगा कि यह सही समय होगा जब मैं क्रिकेट को अलविदा कह दूं."

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने वाले ज़हीर खान अपनी रियाटरमेंट की बात कुछ यूँ साझा करते हैं.

अपनी निजी ज़िंदगी में थोड़े गंभीर रहने वाले ज़हीर आमतौर पर मीडिया कार्यक्रमों से दूर रहना पसंद करते हैं लेकिन बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कई अनुभव बाँटे.

ज़हीर ने साल 2000 से भारतीय टीम के लिए तेज़ बॉलिंग की है और इस दौरान उन्होनें जवागल श्रीनाथ और आशीष नेहरा जैसे गेंदबाज़ो के अलावा ईशांत शर्मा और उमेश यादव के साथ भारत का गेंदबाज़ी अटैक संभाला है.

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ज़हीर भारत की पेस बॉलिंग पर कहते हैं,"हमारे पास काफ़ी अच्छे बॉलर हैं और आने वाले समय में उमेश यादव और मोहम्मद शमी काफ़ी अच्छा करेंगे."

भारतीय पेस बॉलरों में रफ़्तार की कमी पर वो बोले,"देखिए आप दूसरे देशों की तुलना हमसे मत कीजिए क्योंकि हमारे मौसम से लेकर शरीर तक काफ़ी अलग हैं."

वो कहते हैं,"फिर भी मैं मानता हूं कि रफ़्तार को काफ़ी बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है वर्ना बहुत तेज़ गेंदबाज़ी करने वाले लोग हमारे यहां भी हुए हैं आप नेहरा, आगरकर और टीनू योहानन को कैसे भूल सकते हैं."

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ज़हीर के सन्यास के ठीक 5 दिन बाद ही रिटायरमेंट की घोषणा करने वाले वीरेंद्र सहवाग की बात करते हुए ज़हीर के होंठो पर मुस्कुराहट आ जाती है.

ज़हीर कहते हैं,"मैंने उसे फ़ोन किया और कहा कि मेरे साथ ही कर लेता रिटायरमेंट लेकिन फिर मैंने उसे शुभकामनाएं दी और जल्द ही मिलने के लिए कहा."

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सहवाग की बैटिंग शैली पर बात करते हुए वो कहते हैं,"उसे डर नहीं लगता है, वो फ़ॉर्म में हो तो बड़े बड़े बॉलर्स की लय बिगड़ सकती है ऐसे में नेट्स पर या रणजी के दौरान उसे बॉलिंग करना हमेशा मुश्किल ही रहता था, लेकिन आउट करने के मौके वो देता है."

ज़हीर 2011 में क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे.

14 साल लंबे करियर में कई सफ़लताओं को चखने वाले ज़हीर ख़ान ने चोट के चलते कई बार लंबा ब्रेक भी लिया है.

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बाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ के हिस्से में एकदिवसीय क्रिकेट में 282 और टेस्ट मैचों में 311 विकेट लेने का गौरव है.

ज़हीर के नाम पर 2011 के विश्व कप में सबसे ज़्यादा 21 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड भी है जिसे वो पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद आफ़रीदी के साथ साझा करते हैं.

ज़हीर फ़िलहाल तो अपने जिम और स्पोर्टस ट्रेनिंग के बिज़नेस पर ध्यान लगा रहे हैं लेकिन भविष्य में वो क्रिकेट से जुड़ेंगे ज़रूर भले ही वो कोचिंग के ज़रिए हो या फिर कॉमेंट्री के ज़रिए.

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ज़हीर ने कुछ रैपिड प्रश्नों के भी जवाब दिए जैसे सबसे मुश्किल प्रतिद्व्दंवी जिसका जवाब था ऑस्ट्रेलिया.

सबसे अच्छी और संतुलित टीम, दक्षिण अफ़्रीका और विश्व में सबसे पसंदीदा खेलने की जगह, इंग्लैंड.

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