इन भारतीय सितारों पर टिकी होंगी नज़रें

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छठे वर्ल्ड टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत को ख़िताब का सबसे तगड़ा दावेदार माना जा रहा है.

इसकी सबसे बड़ी वजह तो यही है कि टीम इंडिया को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का मौक़ा मिल रहा है. घरेलू परिस्थितियों में भारत ज़ोरदार प्रदर्शन करने के लिए जानी जाती है.

वहीं, दूसरी ओर टीम में कई ज़ोरदार खिलाड़ी भी मौजूद हैं. ऐसे में एक नज़र उन सितारों पर जो टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

रोहित शर्मा: रोहित शर्मा पर टीम को अच्छी शुरुआत देने का दबाव होगा. शुरुआती ओवरों में अगर उनका बल्ला बोला तो टीम को एडवांटेज मिलेगा. रोहित शर्मा 2007 से अब तक के सभी वर्ल्ड टी20 टूर्नामेंट में शामिल रहे हैं.

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इस दौरान उन्होंने 23 मैचों में 49 की औसत से 585 रन बनाए हैं. उनकी स्ट्राइक रेट 130 से ज़्यादा की रही है और सर्वाधिक स्कोर नाबाद 79 है.

विराट कोहली: टी20 क्रिकेट में 51 की औसत और 136 से ज़्यादा की स्ट्राइक रेट दर्शाता है कि विराट कितने ख़तरनाक बल्लेबाज़ हैं.

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भारतीय पिचों पर कोहली किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण की लाइन और लेंग्थ बिगाड़ सकते हैं. अब तक उन्होंने वर्ल्ड टी20 के दौरान भारत के लिए महज 11 मैच खेले हैं. इन मैचों में उन्होंने 504 रन बनाए हैं.

महेंद्र सिंह धोनी: अगर टीम इंडिया से 2007 के करिश्मे को दोहराने की उम्मीद की जा रही है तो इसकी बड़ी वजह टीम के कप्तान धोनी ही है.

दबाव के पलों में धोनी अपना नियंत्रण नहीं खोते और उनका दिमाग़ मुश्किलों के बीच रास्ता निकालता रहा है.

बल्लेबाज़ी में वे आख़िरी ओवरों में भारतीय पारी को तेजी से बढ़ा सकते हैं, अहम मौकों पर विकेट पर टिक कर रन भी बना सकते हैं.

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अब तक धोनी ने वर्ल्ड टी20 में भारत के सभी 28 मैच खेले हैं और इनमें उन्होंने 123 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से 440 रन बनाए हैं.

अब एक नज़र उन गेंदबाज़ों पर भी डाल लेते हैं, जो टीम इंडिया के लिए उपयोगी खिलाड़ी साबित होंगे.

जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों की उपयोगिता को देखते हुए सीनियर गेंदबाज़ों पर बेहतर करने का दबाव भी कम नहीं होगा.

आर अश्विन: वर्ल्ड टी20 में भारत का प्रदर्शन जिस एक गेंदबाज़ पर काफी हद तक निर्भर करेगा वो आर अश्विन हैं.

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अश्विन ने अब तक 2012 और 2014 के वर्ल्ड टी20 में हिस्सा लिया है और 10 मैचों में उन्होंने 16 विकेट चटकाए हैं. उन्होंने इस दौरान छह से कम की इकॉनमी रेट के साथ गेंदबाज़ी की है. भारतीय पिचों पर वह विपक्षी टीमों पर दबाव बना सकते हैं.

आशीष नेहरा: नेहरा की उम्र 37 साल की होने जा रही है, लेकिन टी20 में उनकी गेंदबाज़ी का कमाल ही है कि वे पांच साल बाद टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब रहे हैं.

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नेहरा पर टीम इंडिया के कप्तान धोनी का पूरा भरोसा है. वैसे नेहरा अब तक वर्ल्ड टी20 में पांच मुक़ाबले में हिस्सा ले चुके हैं और इन पांच मैचों में उन्होंने 10 विकेट चटकाए हैं.

हरभजन सिंह: हरभजन सिंह भी अपने अनुभव की बदौलत टीम में वापसी करने में कामयाब रहे हैं. वे वर्ल्ड टी20 में टीम इंडिया के सबसे सीनियर खिलाड़ियों में शामिल हैं.

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अब तक 19 मैचों में हरभजन 7 से कम की इकॉनमी के साथ 16 विकेट चटका चुके हैं. यानी कामायबी के लिहाज से वे अश्विन की बराबरी पर हैं. इन दोनों की होड़ से टीम इंडिया को फ़ायदा मिल सकता है.

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