क्यों कमाल के हैं आशीष नेहरा

  • 26 मार्च 2016
फ़िरोज़शाह कोटला मैदान दिल्ली इमेज कॉपीरइट AFP

साल 2013, जगह दिल्ली का फ़िरोज़शाह कोटला मैदान. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का चौथा और आखिरी मैच यहां खेला जाना था.

मैच से पहले भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क दिन में प्रेस कांफ्रेस में आने वाले थे.

3-0 से पिछड़ रही ऑस्ट्रेलिया को लेकर सबकी दिलचस्पी इस सवाल में थी कि क्या कप्तान माइकल क्लार्क अपनी कमर के दर्द के कारण मैच खेलेंगें या नहीं.

तभी अचानक वहां दिल्ली और तब के भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ आशीष नेहरा नज़र आए.

मैंने नेहरा से मैच को लेकर कुछ बात करनी चाही तो उन्होंने बड़ी सादगी से कहा- अब हमसे बात करके क्या करोगे, हमारे दिन तो गए. किसी नए खिलाड़ी से बात कर लो.

तब बात आई-गई हो गई.

समय ने करवट बदली और कमाल की बात है कि आज वही आशीष नेहरा मौजूदा टी-20 क्रिकेट में भारत के सबसे अनुभवी और विश्वसनीय तेज़ गेंदबाज़ हैं.

इमेज कॉपीरइट

मौजूदा टी-20 विश्व कप में उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 20 रन देकर एक, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भी 20 रन देकर एक और बांग्लादेश के ख़िलाफ 29 रन देकर एक विकेट हासिल किया.

उल्लेखनीय है कि 17 टेस्ट मैच खेल चुके आशीष नेहरा ने अपना पिछला और आखिरी टेस्ट मैच साल 2004 में रावलपिंडी में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेला था.

इत्तेफ़ाक़ है कि आशीष नेहरा ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच भी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ही साल 2011 में विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में मोहाली में खेला था.

यहां तक कि उन्होंने इस साल भारतीय टीम में वापसी से पहले अपना पिछला टी-20 भी साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ डरबन में खेला था.

ऐसा नहीं है कि उनकी प्रतिभा पर किसी को कोई शक था, लेकिन फ़िटनेस उनकी दुश्मन बनी हुई थी.

आखिरकार उन्होंने अपना ध्यान फिटनेस और गेंदबाज़ी पर लगाया.

पिछले साल उन्होंने आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए 16 मैचों में 22 विकेट हासिल किए.

इमेज कॉपीरइट AFP

इस प्रदर्शन के बाद आशीष नेहरा को उम्मीद थी कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में होने वाले विश्व कप के लिए भारतीय टीम में उनका चयन होगा, लेकिन ऐसा नही हुआ.

आखिरकार नेहरा ने ख़ुद आवाज़ उठाई और कहा कि चयनकर्ता उन्हें नज़रअंदाज़ कर रहे हैं.

नेहरा की ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ इसी साल जनवरी में टी-20 टीम में वापसी हुई. भारत ने वहां पहली बार टी-20 सिरीज़ 3-0 से जीती.

इसके बाद नेहरा भारत में श्रीलंका के ख़िलाफ टी-20 सिरीज़ और उसके बाद बांग्लादेश में आयोजित एशिया कप टी-20 टूर्नामेंट में खेलें.

वह अपनी वापसी के बाद 13 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 16 विकेट हासिल कर चुके हैं.

एशिया कप में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 23 रन देकर तीन विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है.

वैसे आशीष नेहरा ने मीडिया में हमेशा अपने-आपको दूर रखा है.

यहां तक कि उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच से पहले कहा कि वह आज भी अपने पुराने मोबाइल के साथ ही खुश हैं.

वह फेसबुक और ट्विटर पर भी नहीं हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty

अब उनका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन देना है, जैसा कि तब देखने में भी आया जब बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सांस रोक देने वाले आखिरी ओवर में वह हार्दिक पांड्या और कप्तान धोनी से लगातार बात करते रहे.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पिछले मैच से पहले आशीष नेहरा ने कहा कि उन्होंने अपनी फिटनेस पर ध्यान आईपीएल मैचों के लिए नही बल्कि देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए दिया.

जो भी हो, 29 अप्रैल को 37 साल के होने जा रहे आशीष नेहरा ने दिखा दिया है कि उम्र उनके लिए एक केवल एक नंबर है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार