'आराम करें या विराट की कप्तानी में खेलें धोनी'

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भारत की एकदिवसीय और टी-20 टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के सितारे लगता है उनसे रूठ गए हैं.

एक तो आईपीएल-9 में उनकी टीम सनराइजर्स पुणे सुपरजाएंटस 10 में से 7 मैच हार चुकी है. दूसरा ख़ुद उनका बल्ला भी अब विरोधियों पर क़हर बनकर नही टूट रहा.

हालात अब ऐसे है कि भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी कह दिया है कि अगर चयनकर्ता धोनी को साल 2019 में इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप तक भारत का कप्तान बनाए रखते हैं तो उन्हें आश्चर्य होगा.

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अगला विश्व कप क्योंकि साल 2019 में होना है और महेंद्र सिंह धोनी की उम्र इस समय 35 साल है. शायद इसे ध्यान में रखकर सौरव गांगुली ने ऐसा कहा होगा.

वैसे भी इन दिनों धोनी का फॉर्म इतना अच्छा नही है जितना उसके बारे में अनुमान था या पिछले साल तक था.

अगर वह फॉर्म में वापस आते हैं, क्योंकि फिटनेस तो उनकी सही है, और अगर लगे कि उनमें जोश और जुनून बाकी है तो फिर वह टीम में बने रह सकते हैं. और अगर वह टीम में रहते हैं तो फिर उनके कप्तान बने रहने की भी संभावना है.

विराट कोहली से जो धोनी को चुनौती मिल रही है ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलता है. ऐसा कम होता है कि किसी खिलाड़ी को सीधे टेस्ट टीम की कप्तानी मिले. लेकिन विराट कोहली के साथ ऐसा हुआ.

धोनी ने ना सिर्फ टेस्ट क्रिकेट से कप्तानी छोड़ी बल्कि खेलना ही छोड़ दिया. बड़े अजीब से हालात थे. अब विराट कोहली जिस तरह के ज़बरदस्त फॉर्म में हैं तो उन्हें कप्तान बनाने की मांग भी ज़ोर-शोर से उठेगी.

लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जिस तरह से धोनी की टीम पुणे आईपीएल में पीछे रही है उसी तरह विराट कोहली की टीम बेंगलोर भी पीछे ही है.

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जहां तक साल 2019 तक महेंद्र सिंह धोनी के फिट बने रहने की बात है तो उसको लेकर कोई शक नही है. लेकिन अगर धोनी 2019 तक खेलते हैं तो फिर उन्हें खेलते हुए 15 साल से अधिक हो जाएंगे.

इतने साल खेलने से शरीर तो थकता ही है, उससे अधिक मानसिक थकान होती है. अगर धोनी थोड़े समय के लिए क्रिकेट छोड़ दें तो फिर वह तरोताज़ा होकर क्रिकेट खेल सकते हैं.

लेकिन इतने बड़े खिलाड़ियों को यह डर भी होता है कि कहीं कोई और खिलाड़ी उनकी जगह ना ले ले. इन दिनों क्रिकेट में मुकाबला बहुत है.

अब यह भी सच है कि जिस धोनी को सभी जानते हैं वह टीम में जोश लेकर आते थे. अब वह जोश उनकी बल्लेबाज़ी में कम दिखाई देता है.

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अब धोनी के पास दो ही रास्ते हैं. या तो वह क्रिकेट से कुछ समय के लिए आराम ले लें या फिर वह कप्तानी का बोझ अपने सिर से उतार कर विराट की कप्तानी में खेलें.

इससे पहले सुनील गावस्कर, रिकी पोंटिंग और कपिल देव जैसे खिलाड़ी ऐसा कर चुके हैं.

(खेल पत्रकार आदेश कुमार गुप्त की अयाज़ मेनन से बातचीत पर आधारित)

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