सुशील कुमार और नरसिंह के बीच दंगल क्यों

  • 13 मई 2016
सुशील कुमार इमेज कॉपीरइट Ravishankar

रियो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है.

इसके बावजूद अभी तक यह तय नही हो पा रहा हैं कि कुश्ती के मुक़ाबलों में 74 किलो भार वर्ग में बीजिंग ओलंपिक के कांस्य और लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता सुशील कुमार रियो जाएंगे या फिर नरसिंह यादव.

दरअसल नरसिंह यादव ने पिछले साल लास वेगास में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और इसी के साथ उन्होंने रियो का टिकट भी हासिल कर लिया.

दूसरी तरफ अब सुशील कुमार दावा कर रहे है कि रियो के लिए उनके और नरसिंह के बीच ट्रायल होना चाहिए.

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बीबीसी से ख़ास बातचीत में नरसिंह यादव ने ज़ोर देकर कहा कि रियो जाने का हक़ उनका है क्योंकि उन्होंने ही क्वालिफाई किया है.

नरसिंह कहते है कि इससे पहले भी वही ओलंपिक में जाते रहे है जिन्होंने उसके लिए क्वालिफाई किया है. नरसिंह यादव ने इससे आगे कहा कि वह हमेशा 74 किलो भार वर्ग में ही हिस्सा लेते रहे है.

इसी वर्ग में उन्होंने तमाम कामयाबी हासिल की है. नरसिंह ने कहा कि सुशील कुमार अच्छे पहलवान है.

लेकिन उन्होंने 66 किलो भार वर्ग में पदक जीते है जबकि 74 किलो भार वर्ग में उन्होंने पदक जीते है इसलिए वही सर्वश्रेष्ठ है.

ट्रायल होने के सवाल पर नरसिंह कहते है कि जब उन्होंने विश्व चैंपियन और ओलंपिक चैंपियनों के बीच जीतकर रियो का टिकट हासिल किया है तो वह किसी से नही डरते.

बाकी कुश्ती महासंघ जो भी फ़ैसला लेगा वह उन्हे मंजूर है. वैसे नरसिंह कहते है कि जब पिछले साल ही उनके रियो जाने का फ़ैसला हो चुका था तो अब बिना वजह इस बात को तूल दिया जा रहा है.

जब किसी भी अंतराष्ट्रीय चैंपियनशिप में कोई पहलवान जाता है तो वह ट्रायल में जीतकर ही जाता है. अब रियो जाना मेरा ही हक़ है.

नरसिंह यादव अभी तक पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक के अलावा 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके है.

इसके अलावा वह साल 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 74 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीत चुके है.

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