बांगड़ की कोच की भूमिका में परीक्षा

  • 28 मई 2016
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आईपीएल यानि इंडियन प्रीमियर लीग-9 का फ़ाइनल रविवार को खेला जाएगा. इसके बाद अगले महीने भारतीय क्रिकेट टीम ज़िम्बॉब्वे का दौरा करेगी.

भारतीय टीम ज़िम्बॉब्वे में तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मुक़ाबलें खेलेगी.

भारत के पूर्व आलराउंडर संजय बांगड़ को भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया है. टीम की कमान अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी को सौंपी गई है.

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संजय बांगड़ भारत के लिए 12 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. संजय बांगड़ ने इन 12 टेस्ट मैचों की 18 पारियों में एक शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 470 रन बनाए.

संजय बांगड़ का सर्वाधिक स्कोर नाबाद 100 रन है. संजय बांगड़ ने इसके अलावा भारत के लिए 15 एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मुक़ाबलें भी खेले हैं.

इसमें उन्होंने एक अर्धशतक की मदद से 180 रन बनाए. नाबाद 57 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा.

मध्यम तेज़ गति के गेंदबाज़ संजय बांगड़ ने टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में समान रूप से 7-7 विकेट हासिल किए.

संजय बांगड़ तब सुर्खि़यों में आए जब साल 2002 में ज़िम्बॉब्वे ने दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ भारत में खेली.

उस सीरीज़ में सौरव गांगुली की कप्तानी में नागपुर में खेले गए पहले ही टेस्ट मैच की पहली पारी में संजय बांगड़ ने नाबाद 100 रन बनाकर अपनी बल्लेबाज़ी प्रतिभा का परिचय दिया.

उसी पारी में भारत के सलामी बल्लेबाज़ शिवसुंदर दास ने 105 और सचिन तेंदूलकर ने 176 रनों की शतकीय पारी खेली.

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भारत ने वह टेस्ट मैच एक पारी और 101 रनों से जीता.

घरेलू स्तर पर संजय बांगड़ तब चर्चा में आए जब साल 2001-02 में वो रेलवे के लिए खेल रहे थे और रेलवे पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची.

इसके बाद साल 2004-05 में उनकी कप्तानी में खेलते हुए रेलवे पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन भी बनी.

लेकिन संजब बांगड़ की क़िस्मत का सितारा एक बार फ़िर तब चमका जब साल 2014 में आईपीएल में उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब का सहायक कोच बनाया गया.

पंजाब की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची, जहां वह कोलकाता नाइटराइडर्स से तीन विकेट से हार गई.

लेकिन इसके बाद उनकी कोचिंग प्रतिभा का लोहा सबने माना और वह भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच बनने में भी कामयाब रहे.

संजय बांगड़ को कोच बनाए जाने को लेकर क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन का मानना है कि अभी तक चीफ कोच बनाए जाने को लेकर कोई फ़ैसला नहीं हुआ है.

इससे पहले भी संजय बांगड़ टीम के साथ जुड़े रहे हैं इसलिए यह केवल समय की भरपाई है. बीसीसीआई ने कोच पद के लिए आवेदन मंगाए हैं.

10 जून को उसकी अंतिम तिथि है. इसी बीच में ज़िम्बॉब्वे का दौरा आ गया है. टीम के सभी खिलाड़ी उन्हें जानते है इसलिए यह एक सही कदम है.

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