विराट ही नहीं तुस्सी भी छा गए गुरू...

  • 31 मई 2016
नवजोत सिंह सिद्धू इमेज कॉपीरइट Navjot Sidhu Twitter

सपेरे बीन लिए बैठे हैं, सांप दूरबीन लिए बैठे हैं.

शेर घास नहीं खाता, बाज़ मरा हुआ मांस नहीं खाता, हंस चाहे भूखा ही मर जाए, मोती ही चुगता है. स्वभाव से सब जुड़े होते हैं.

नदियां अपना स्वभाव बदल सकती हैं, लेकिन वीरेंद्र सहवाग, क्रिस गेल, ब्रैंडन मैक्कुलम अपना स्वभाव नहीं बदल सकते.

ये है शेरी पा जी यानी आईपीएल के कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू का जुमलों का पिटारा...जो खत्म ही नहींं होता.

बीते रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद की जीत के साथ आईपीएल का हो-हल्ला थम गया, लेकिन सिद्धू के पिटारों से निकले ये जुमले अभी कुछ और समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहेंगे.

इस बार जहां विराट कोहली के बल्ले से दनादन रन निकल रहे थे वहीं भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ नवजोत सिंह सिद्धू के मुंह से भी एक के बाद एक सदाबहार जुमले निकल रहे थे.

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वैसे तो यह कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार उनके कुछ नए जुमले भी सुनने को मिले.

क्रिकेट की बातों को समझाने का सिद्धू का अपना ही अंदाज़ होता है. वे दार्शनिक अंदाज़ में जुमले बोलते हैं.

मसलन जब वो आक्रामक बल्लेबाज़ी की बात कर रहे होते हैं तो कहते हैं कि नदियां अपना स्वभाव बदल सकती हैं, लेकिन सहवाग, गेल, मैक्कुलम नहींं.

इसे और अधिक समझाते हुए सिद्धू कहते मणी धूल में रहेगी तो चमक कम हो जाएगी, लेकिन अगर सोने में मढ़ जाए तो सौ गुना चमक जाएगी.

गेल और मैक्कुलम सलामी बल्लेबाज़ी करें तो मैच जिता सकते हैं. सातवें-आठवें नम्बर पर खिलाओगे तो धूमिल हो जाएंगे.

जब किसी टीम के तीन-चार खिलाड़ी जल्दी आउट हो जाते और केवल एक बल्लेबाज़ कुछ जम रहा होता तो उनका जुमला होता---बारात भैय्या घर पर आकर तूतरू- तूतरू तूतरू कर रही है और बहू पीपल तले सो रही है.

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दमदार शॉटस पर बल्लेबाज़ की तारीफ का उनका अंदाज़ रहा—अगर डीविलियर्स जैसा खिलाड़ी गेंद तक नहीं पहुंच सका तो शॉट की ताक़त देख सकते हैं. शक्तिशाली व्यक्ति का शक्ति प्रदर्शन, भीमसेन गदाधारी.

और जब कोई टॉप टीम हारती तो सिद्धू फ़रमाते---स्वर्ग में रहकर आटे का घाटा, दिवालिया हो गए यार. यह देखकर बड़ा ताज्जुब होता है यार.

कोई 30-35 गेंदों पर अर्धशतक बनाता को कहना ही क्या. ऐसा करना खाला जी का घर नहीं है.

करोड़ो तितलिया मिलकर भी पहाड़ नहीं उठा सकती लेकिन भगवान कृष्ण ने एक उंगली पर उठा लिया था.

काबिलियत की बात है भाई. मच्छर जितना उड़ता है गरुड़ उससे करोड़ो गुना ऊपर उड़ता है.

और अगर कोई बल्लेबाज़ हिट विकेट होता तो कहना ही क्या. तुम्हारी तहज़ीब ख़ुद अपने खंजर से ख़ुदकुशी कर गई.

ख़ुद सिद्धू पर अगर उनका ही जुमला कहा जाए तो जैसे संगत पाकर धूप में पककर अम्बी मीठी हो जाती है वैसे ही सिद्धू भी समय के साथ सिद्धू भी अपनी कला में पारंगत होते चले जा रहे हैं.

वाह गुरू...वाह.

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