पदक के लिए जी जान लगा देंगेः सानिया मिर्ज़ा

  • 16 जुलाई 2016
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बीते शुक्रवार की शाम भारत की स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा ने दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में अपनी किताब 'एस अगेंस्ट ऑड्स' का विमोचन किया.

इस कार्यक्रम में उनके साथ बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा भी मौजूद थीं.

सानिया मिर्ज़ा ने अपनी पिछली कामयाबियों से लेकर महिला युगल वर्ग में नम्बर एक बने रहने और आगामी रियो ओलंपिक में अपने लक्ष्य को लेकर भी बात भी रखी.

उन्होंने कहा, "आप भले ही यह सोचें कि हम जब ओलंपिक में खेलते हैं, शायद तभी भारत के लिए खेलते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. चाहे विंबलडन हो या फिर अमरीकी ओपन हो या कोई और टूर्नामेंट, हम हमेशा पूरे दमख़म के साथ खेलते हैं और रियो में भी पदक के लिए पूरा जी-जान लगा देंगे."

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प्रार्थना थोंबरे जैसी नई खिलाड़ी के साथ रियो में महिला युगल के मुक़ाबले खेलने के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि इत्तेफ़ाक़ से मार्टिना हिंगिस भारत के लिए नहीं खेलतीं.

सानिया ने कहा, "प्रार्थना एक युवा खिलाड़ी हैं. पिछले 15 साल से भारत में एक ही सवाल चल रहा है कि सानिया मिर्ज़ा के बाद कौन? अब यह तो प्रार्थना भोंबरे के साथ ज़्यादती ही होगी कि सब उससे यह उम्मीद करें कि वह रियो में जाकर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हरा दें".

सानिया ने उम्मीद जताई कि अगले ओलंपिक तक प्रार्थना को जब अनुभव उन्हें मिलेगा तो हम उनसे पदक की उम्मीद कर सकते हैं.

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पिछले लंदन ओलंपिक के अपने अनुभव के लेकर सानिया मिर्ज़ा ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो तब हमारी सबसे अच्छी टीम नहीं गई थी. मुझे खुशी है कि इस बार कोई ड्रामा नहीं हुआ. अब मैं दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी हूं, तो मैं ऐसा कह सकती हूं, लेकिन तब मैं इस स्थिति में नहीं थी".

उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि इस बार हम बेहतर मनोस्थिति के साथ जा रहे हैं. साल 2012 में ऐसा नहीं था. हम शायद लंदन जाने से पहले ही पदक की लड़ाई हार चुके थे".

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सानिया मिर्ज़ा रियो में मिश्रित युगल में रोहन बोपन्ना के साथ उतरेंगी.

क्या इस बार पिछले ओलंपिक में जीते गए क्या छह से अधिक पदक आएंगे?

इस सवाल पर सानिया ने कहा, "अगर आज तक इतने सालों में ऐसा नहीं हुआ तो अब कौन- सा आसान है? ओलंपिक में किसी भी रंग का पदक जीतना आसान नहीं होता. हमें उम्मीद और भरोसा रखना चाहिए. इस बार भारत की महिला और पुरूष हॉकी टीम रियो जा रही है लंदन में ऐसा नहीं था".

सानिया ने कहा कि अगर छह पदक आ जाए तो ठीक है, नहीं तो कोई बात नहीं.

उन्होंने कहा कि हमारे यहां अभी भी स्पोर्टस क्लचर नहीं है, हम कोई रूस या चीन नहीं हैं.

सानिया ने उम्मीद जताई है कि भारत के सभी खिलाड़ी अपना बेहतर देने की कोशिश करेंगे.

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