क्या अब होंगे बीसीसीआई में बदलाव?

  • 18 जुलाई 2016
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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में प्रशासनिक सुधार के लिए जस्टिस आर एम लोढ़ा की प्रमुख सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोढ़ा समिति की जिन सिफारिशों को स्वीकार किया है, उन पर एक नज़र.

1. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों की उम्र 70 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए.

2. बीसीसीआई का कोई सदस्य एक वक्त में एक ही पद पर रह सकता है, ताकि किसी तरह के हितों का टकराव नहीं हो.

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3. बीसीसीआई में किसी अहम पद पर ना तो कोई मंत्री रह सकता है और ना ही कोई प्रशासनिक सेवा का अधिकारी.

4. बीसीसीआई के अंदर खिलाड़ियों का एसोसिएशन होगा और यह बाहर से भी फंड ले सकता है. हालांकि वह कितनी फंडिंग ले सकता है, इसके बारे में फ़ैसला बोर्ड को लेना है.

5. जिन राज्यों में एक से ज़्यादा क्रिकेट संघ है, उन्हें रोटेशनल आधार पर वोटिंग करना होगा. यानी एक राज्य के पास एक वक्त में केवल एक ही वोट होगा.

6. भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अंदर कैग का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को सूचना के अधिकार के तहत लाने के प्रस्ताव के बारे में कहा कि इस पर फ़ैसला संसद को करना है.

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