जब ओलंपिक में क्रिकेट के लिए पदक दिए गए

  • 5 अगस्त 2016

अगले दो हफ़्ते तक दुनिया भर की नज़रें रियो में हो रहे ओलंपिक खेलों पर टिकी होंगी. चार साल में ऐसा मौका एक बार आता है जब 206 देशों के 11,000 से भी ज़्यादा खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेते हैं.

लेकिन भारत में जहाँ ओलंपिक में नहीं के बराबर मेडल जीतने की उम्मीद है, वहीं करोड़ों लोगों की नज़र दुनिया भर में हो रहे क्रिकेट मैचों पर होगी.

दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भी भारतीय क्रिकेट टीम इस समय वेस्ट इंडीज़ पर भारी पड़ रही है. पाकिस्तान और इंग्लैंड में कांटे की टक्कर चल रही है और मैदान के बाहर की मुश्किलों से घिरी ज़िम्बॉब्वे न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हाथ खड़े करने को तैयार दिख रही है.

भारत के 125 करोड़ लोगों के लिए ओलंपिक खेलों में मेडल शायद उतना मायने नहीं रखता है जितना क्रिकेट में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत.

ओलंपिक में दोनों देश कई बार हॉकी में भिड़े हैं लेकिन क्रिकेट ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं है इसलिए वो भिड़ंत दुनिया ने नहीं देखी है. पांच दिन तक चलने वाले टेस्ट मैच को भला 15 दिन चलने वाले ओलंपिक खेलों में आख़िर कैसे जगह मिल सकती है.

आजकल पूर्व कप्तान कपिल देव ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल करने की वकालत कर रहे हैं लेकिन कुछ जानकार मानते हैं कि ये संभव नहीं है.

उन जैसों को ये याद दिला देना चाहिए कि एथेंस में जब वर्ष 1896 में पहली बार ओलंपिक खेल हुए थे तो क्रिकेट को भी उसमें शामिल किए जाने की बात थी.

लेकिन चूंकि कई देशों ने क्रिकेट खेलने की इच्छा ज़ाहिर नहीं की इसलिए ये विचार अमल में नहीं आ पाया.

लेकिन ओलंपिक खेल समिति को ये भला कैसे मंज़ूर होता. एक बार फिर साल 1900 में पेरिस में होने वाले ओलंपिक के लिए कुछ देशों ने हामी भर दी.

इंग्लैंड, फ्रांस के अलावा बेल्जियम और हॉलैंड भी इसके लिए तैयार हो गए. लेकिन जैसे-जैसे ओलंपिक पास आता गया, बेल्जियम और हॉलैंड का उत्साह थोड़ा ठंडा पड़ गया.

जब ओलंपिक शुरू हुए तो दोनों ने क्रिकेट के खेल में हिस्सा नहीं लिया, जिसके बाद इसमें सिर्फ दो टीमें बच गयी थीं.

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तब दो दिन के मैच में दो-दो इनिंग खेलने के बाद इंग्लैंड ने फ्रांस को 158 रन से हरा दिया. लेकिन चूंकि दोनों राष्ट्रीय टीमें नहीं थीं, इसलिए उन्हें ओलंपिक के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया.

लेकिन 12 साल के अंतराल के बाद वर्ष 1912 में ये फ़ैसला हुआ कि साल 1900 में क्रिकेट का जो खेल हुआ था, उसके लिए इंग्लैंड को स्वर्ण और फ्रांस को रजक पदक दिया जाएगा.

वर्ष 1900 के बाद क्रिकेट फिर ओलंपिक में शामिल नहीं हो सका. क्या क्रिकेट दोबारा ओलंपिक का खेल बन सकता है?

टेस्ट क्रिकेट पांच दिन तक चलता है इसलिए वो संभव तो नहीं है. एक दिवसीय मैच भी उसी वजह से शामिल करना मुश्किल है. एक टी20 मैच भी करीब साढ़े तीन घंटे तक चलता है. कुछ लोगों का मानना है कि छह ओवर वाले मैच ओलंपिक में खेले जा सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ के 105 सदस्य हैं जिनमें से आधे से ज़्यादा एसोसिएट मेंबर हैं. लेकिन भारत के अलावा इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट में दबदबा सबसे ज़्यादा है. इसलिए इन तीनों की राय और हामी के बिना ओलंपिक में क्रिकेट शामिल नहीं हो सकता है.

ओलंपिक में यदि क्रिकेट को शामिल किया जाए और भारत जैसे देश की टीम इसमें खेले तो ओलंपिक खेलों में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ जाएगी.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ये समझाना होगा कि क्रिकेट के शामिल होने से ये खेल दुनियाभर में प्रसिद्ध हो सकता है. अं

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ क्रिकेट की भारत में दीवानगी को देखकर इसको शामिल करने पर विचार भी कर सकता है. लेकिन डोपिंग के मामले में उसके नियम सभी क्रिकेट बोर्ड को मानने पड़ेंगे.

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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ के नियमों के अनुसार किसी भी ओलंपिक खिलाड़ी को कभी भी डोप टेस्ट के लिए तैयार रहना होगा. अगर खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए अपनी हाज़िरी तीन बार लगातार नहीं देता है तो उसे दो साल के लिए बैन किया जा सकता है.

पूर्व इंग्लैंड खिलाड़ी और अब क्रिकेट पत्रकार माइक सेल्वी के अनुसार भारतीय क्रिकेट बोर्ड को ये कड़े नियम मंज़ूर नहीं है.

अगर भारत ओलंपिक खेल में हो रहे क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेगा तो उसे शामिल करने का कारण ख़त्म हो जाता है.

ओलंपिक हॉकी में भारत ने भले ही आठ बार स्वर्ण पदक जीता है. क्रिकेट विश्व कप में इंग्लैंड से बढ़िया रिकॉर्ड भारत का है जो उसने दो बार जीता है.

फिर टी-20 वर्ल्ड कप भी धोनी की कप्तानी में भारत ने जीता था. लेकिन ओलंपिक क्रिकेट के लिये सिर्फ एक बार जो स्वर्ण पदक दिया गया वो इंग्लैंड को ही मिला है.

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