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शनिवार, 29 दिसंबर, 2007 को 07:14 GMT तक के समाचार

मेलबोर्न टेस्ट में भारत की शर्मनाक हार

मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाज़ों ने घुटने टेक दिए ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी संघर्ष का सामना किए सिरीज़ का पहला मुक़ाबला 337 रनों से जीत लिया.

जीत के लिए 499 रनों के लक्ष्य का पीछा करती हुए भारतीय पारी 161 रनों पर सिमट गई.

पूरे मैच में भारतीय गेंदबाज़ों ने बढ़िया प्रदर्शन दिखाया लेकिन सचिन, लक्ष्मण, युवारज सरीखे विश्वस्तरीय बल्लेबाज़ उनकी मेहनत का फ़ायदा नहीं उठा पाए.

ये इसी से साफ है कि भारतीय बल्लेबाज़ दोनों पारियों में दो सौ का आँकड़ा भी पार नहीं कर सके.

भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने भी स्वीकार किया इस मैच में बल्लेबाज़ों ने टीम को नीचा दिखाया.

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 343 रनों के जवाब में भारतीय पारी 196 रनों पर सिमट गई थी और उसी समय स्पष्ट हो गया था भारत के लिए मैच बचाना मुश्किल साबित होगा.

मैच का तीसरा दिन

ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी सात विकेट पर 351 रन बनाकर घोषित कर दी और पहली पारी में मिली लीड मिलाकर भारत को जीतने के लिए 499 रनों का लक्ष्य दिया.

लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों का बुरा दौर जारी रहा. चौथे दिन सुबह वसीम जाफ़र ब्रेट ली के पहले शिकार बने. वह 15 रन बनाकर विकेट के पीछे लपके गए.

इसके बाद प्रयोग के तौर पर गेंदबाज़ी के लिए बुलाए गए एंड्र्यू साइमंड्स की गेंद पर टीम की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ एलबीडब्ल्यू आँके गए.

द्रविड़ की मेहनत का अंदाज़ा इसी से आँका जा सकता है कि उन्होंने 16 रन बनाने के लिए 114 गेंदों का सहारा लिया.

सचिन की विफलता

वीवीएस लक्ष्मण ने कुछ उम्मीद जगाई थी लेकिन 42 रनों के स्कोर पर वो स्टुअर्ट क्लार्क का शिकार बन गए.

भारत की पहली पारी सिमटी

पिछले मैच में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अर्धशतक जमाया था लेकिन दूसरी पारी में वो सिर्फ़ 15 रन बनाकर ब्रेट ली का शिकार बन गए.

ब्रैड हॉग ने भारतीय मध्यक्रम और मिशेल जॉनसन ने निचला क्रम ध्वस्त कर भारत की हार सुनिश्चित कर दी.

सौरभ गांगुली ने 40 और और युवराज सिंह ने पाँच रन बनाए. दोनों को हॉग ने एलबीडब्ल्यू किया.

कुंबले ने ऑस्ट्रेलियाई पारी थामी

मैच के बाद कुंबले का कहना था, "जिस तरह पहले दिन हमने ज़बर्दस्त वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को 350 के नीचे रोक लिया उसके बाद हमारी पहली पारी अहम थी. अगर हम उनके स्कोर के आस-पास भी पहुँच पाते तो मैच का रुख़ और होता."

उन्होंने कहा कि सिडनी में होने वाले दूसरे टेस्ट में क्य रणनीति अपनाई जाए, इस पर विचार करेंगे. हालाँकि कुंबले ने बेबाक कहा कि मैदान पर उनके खिलाड़ी थोड़े सुस्त रहे.