BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
मंगलवार, 29 जनवरी, 2008 को 18:06 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
हरभजन पर आरोप हटाने का स्वागत
 
हरभजन सिंह
हरभजन लगातार कहते आ रहे थे कि उन्होंने कोई नस्लवादी टिप्पणी नहीं की
हरभजन सिंह पर नस्लवादी टिप्पणी के आरोप हटाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने राहत की सांस ली है और फ़ैसले का स्वागत किया है.

बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने ख़ुशी जताते हुए कहा, " जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है."

बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अपील कमिश्नर जॉन हेंसन ने सही फ़ैसला सुनाया है.

 जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं है
 
शरद पवार, बीसीसीआई अध्यक्ष

बीसीसीआई की ओर से हरभजन की पैरवी के लिए नियुक्त वीआर मनोहर के अनुसार हरभजन के ख़िलाफ़ गाली देने का आरोप लगा और नियमों के अनुसार उन्हें आधी मैच फ़ीस का जुर्माना भरना होगा.

इसके पहले बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने सुनवाई से पहले मुबंई में कहा था, ''यदि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया गया तो भारतीय टीम त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ से हट सकती है.''

ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी करने के मामले में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन उन्हें मैच की आधी फ़ीस का जुर्माना भरना होगा.

इस घटना के बाद मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया था.

'मैदान की बात मैदान पर'

फ़ैसले के बाद भारतीय टीम के मैनेजर चेतन चौहान का कहना था कि मैदान की बातें मैदान में ही छोड़ देनी चाहिए.

मलय नीरव से बातचीत में चेतन चौहान ने कहा कि मैदान के अंदर की बातें तभी बाहर आनी चाहिए जब बात हाथ से निकल जाए और झगड़ा या हाथापाई हो जाए.

 मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है जब तक कि मामला टकराव तक न पहुँच जाए
 
चेतन चौहान, भारतीय टीम के मैनेजर

उनका कहना था कि मैदान पर थोड़ी टीका टिप्पणी और गर्मागर्मी गंभीर बात नहीं है बशर्ते मामला टकराव तक न पहुँच जाए.

चेतन चौहान का मानना है कि कोई भी खेल अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रह गया है, ज्यादातर सभी खेल पेशेवर हो गए हैं. इन पर खिलाड़ियों की जीविका निर्भर है इसलिए खिलाड़ी तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं.

उसका मानना है कि भारतीय टीम को पिछली बातों को भुला कर अब खेल पर ध्यान देना चाहिए.

'नहीं रहा वो खेल'

पूर्व क्रिकेटर मदनलाल का भी मानना है कि क्रिकेट अब 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा है क्योंकि अब हर टीम किसी भी तरह जीतना चाहती है.

हरभजन सिंह
हरभजन पर से पाबंदी हटाने पर खुशी मनाते लोग

मदनलाल का कहना था कि यदि ये मामला नहीं सुलझता तो अंतरराष्ट्रीय खेल परिषद के लिए मुश्किल हो जाती.

उनका मानना था कि ये मामला मैदान पर ही सुलझा लिया जाना चाहिए था.

पूर्व क्रिकेटर सैयद किरमानी का कहना है कि हरभजन पर 50 फ़ीसदी मैच फीस का जुर्माना और ब्रै़ड हॉग को बरी करना, उनकी समझ के परे है.

किरमानी भी मानते हैं कि अब क्रिकेट 'जेंटलमैन गेम' नहीं रहा.

उनका कहना था कि क्रिकेटर जब कचहरी में खड़े नज़र आएँ तो उससे इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

वो कहते हैं कि विवाद इतना तूल नहीं पकड़ना चाहिए था, ग़लतियाँ किसी से भी हो सकती है, उसको स्वीकार करना चाहिए.

 
 
साइमंड्स .......तो ऐतराज़ नहीं
साइमंड्स का कहना है कि मित्र अगर नस्लभेदी टिप्पणी करे, तो उन्हें ऐतराज़ नहीं.
 
 
अनिल कुंबले भज्जी को क्लीन चिट
कप्तान अनिल कुंबले पहली बार खुल कर बोले और भज्जी को दी क्लीन चिट.
 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
भज्जी नस्लवाद के आरोप से बरी
29 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
हरभजन की अपील पर सुनवाई शुरु
28 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
हरभजन की सुनवाई एडिलेड टेस्ट के बाद
14 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
हॉग के ख़िलाफ़ आरोप वापस लिया गया
14 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
कुंबले ने दी भज्जी को क्लीन चिट
11 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
भज्जी की सुनवाई के लिए कमिश्नर
09 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
'पोंटिंग ने मेरा अनुरोध ठुकरा दिया'
09 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
'एक ही टीम में थी खेल भावना'
06 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>