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टीम निराश, लेकिन शिकायत नहीं होगी

भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने अंपायरिंग के ख़िलाफ़ आधिकारिक शिकायत न करने का फ़ैसला किया है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिडनी टेस्ट के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम कुछ फ़ैसलों को लेकर निराश थी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने पहले कहा था कि टीम प्रबंधन को इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज करने को कहा जाएगा.

लेकिन गुरुवार को भारतीय टीम के मीडिया मैनेजर एमवी श्रीधर ने सिडनी में कहा कि टीम प्रबंधन ऐसा नहीं करेगा.

उन्होंने कहा, "सिडनी टेस्ट मैच में अंपायरिंग से हम निराश हैं. इसका मैच के नतीजे पर भी असर पड़ सकता है. लेकिन हम इसके ख़िलाफ़ आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज नहीं कराएँगे."

सिडनी टेस्ट के पहले दिन अंपायरों से कई ग़लतियाँ हुईं. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ एंड्रयू साइमंड्स को दो बार आउट नहीं दिया गया और बाद में उन्होंने शानदार पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया की टीम 463 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर सकी.

साइमंड्स ने ख़ुद 162 रनों की नाबाद पारी खेली. पहले दिन के खेल के ख़त्म होने पर साइमंड्स ने ख़ुद स्वीकार किया था कि वे इशांत शर्मा की गेंद पर आउट थे लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिकेट में ऐसा होता रहता है.

बकनर को हटाने की मांग

इस बीच कई फ़ैसलों से विवाद में नज़र आए वेस्टइंडीज़ के अनुभवी अंपायर स्टीव बकनर के संन्यास लेने की मांग उठने लगी है. भारत के ख़िलाफ़ बकनर के कई फ़ैसलों की आलोचना हो चुकी है.

कई मौक़े पर तो उनके फ़ैसले भारत के लिए काफ़ी महंगे हुए हैं. बकनर इस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सबसे उम्रदराज़ अंपायर हैं.

भारत के पूर्व कप्तान श्रीकांत का मानना है कि सिडनी टेस्ट में अंपायरिंग काफ़ी ख़राब रही है. उन्होंने कहा, "चूँकि बकनर भारत के ख़िलाफ़ लगातार ग़लतियाँ कर रहे हैं, इसलिए उनसे इतनी अहम सिरीज़ में अंपायरिंग नहीं करानी चाहिए."

श्रीकांत ने तो बकनर को आईसीसी के पैनल से हटाने तक की मांग की. भारत के पूर्व क्रिकेटर अब्बास अली बेग ने भी बकनर की आलोचना की है और कहा है कि यह उनके लिए संन्यास लेने का सही समय है.

बेग ने पूछा, "मैं जहाँ तक जानता हूँ. अंपायरों के लिए भी उम्र सीमा है. बकनर इस समय 61 साल के हैं. तो इस उम्र में उनसे अंपायरिंग कराने की क्या आवश्यकता है."

अब्बास अली बेग का कहना है कि आईसीसी को अंपायरिंग पर कप्तानों की रिपोर्ट को ध्यान में रखना चाहिए और उस पर गंभीरता से विचार भी करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आचार संहिता तोड़ने पर क्रिकेटरों के ख़िलाफ़ जुर्माना लगाया जाता है, वैसे ही अंपायरों पर भी जुर्माना लगाना चाहिए.