BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
 
बुधवार, 21 मई, 2008 को 14:03 GMT तक के समाचार
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
टेस्ट क्रिकेट में वापसी नहीं करेंगे वार्न
 

 
 
शेन वार्न
शेन वार्न राजस्थान रॉसल्स के कप्तान है
ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर और टेलीविज़न कमेंटेटर ईयान चैपल ने एक बार शेन वार्न के बारे में कहा था कि वे उन सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने कभी ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी नहीं की.

लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग के पहले दौर में राजस्थान रॉयल्स की टीम के कप्तान, कोच और खिलाड़ी तीनों भूमिकाओं को एक साथ कामयाबी से निभाते हुए वार्न ने अपनी टीम को सेमीफ़ाइनल में पहुँचा दिया है.

इस टीम ने लीग की शुरुआत हार के साथ की थी. सबसे कम पैसों में अनाम-से खिलाड़ियों को लेकर बनी इस टीम के गठन पर शुरूआत में सवाल उठाए गए थे. लेकिन इस टीम की जीत का जो सिलसिला शुरू हुआ है वह थमने का नाम ही नहीं ले रहा है.

वार्न की अगुवाई में शेन वॉटसन, स्वप्निल असनोदकर और यूसुफ़ पठान जैसे खिलाड़ियों ने इसे अजेय बना दिया है. मंगलवार को ईडेन गार्डन में कोलकाता नाइट राइडर्स को हरा कर राजस्थान रायल्स 18 अंकों के साथ लीग में पहले नंबर पर पहुंच गई है.

इस मैच के बाद शेन वार्न से हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

कोलकाता नाइट राइडर्स को उसी के घर में हराने के बाद कैसा लग रहा है?

किसी भी टीम को 'नॉकआउट' करना अच्छा लगता है. मैंने इस मैच के पहले ही अपने साथी खिलाड़ियों से कहा था कि कोलकाता को लीग से बाहर करना महत्वपूर्ण है. हम धमाकेदार जीत से आईपीएल में अपने नज़दीकी प्रतिद्वंद्वियों को भी एक कड़ा संदेश देना चाहते थे. कोलकाता के पास उमर गुल जैसे बढ़िया गेंदबाज़ हैं लेकिन हमने परिस्थितियों के हिसाब से अपनी बल्लेबाज़ी के क्रम में बदलाव किए और इससे हमें कामयाबी मिली.

आप एक खिलाड़ी, कप्तान और कोच की तिहरी भूमिका में एकदम खरे उतरे हैं. इस कामयाबी का राज़?

बात एकदम सीधी है. मैंने अपने खिलाड़ियों की कमज़ोरी और मज़बूती को आंकते हुए हमेशा उनका हौसला बढ़ाया. मैंने कहा कि हम एक टीम के तौर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. शुरुआती मैचों के बाद हम एक टीम के तौर पर बेहतर प्रदर्शन करने लगे. असनोदकर, पठान और वाटसन एक बेहतर खिलाड़ी के तौर पर सामने आए हैं. हमारे गेंदबाज़ों ने भी अब तक सधी हुई गेंदबाज़ी की है और विपक्षी टीम के बल्लेबाज़ों को हावी नहीं होने दिया है. इस मैच में भी अगर कोलकाता की टीम 20-25 रन और बना लेती तो हमारे लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं. इसलिए यह टीम की जीत रही.

लेकिन आपके चार विकेट तो काफ़ी सस्ते में निकल गए थे?

हमारे पास तब भी पठान, कैफ़ और कुछ दूसरे खिलाड़ी थे जो मैच का रुख मोड़ सकते थे. हमारी टीम में कोई सुपरस्टार नहीं हैं. कुछ साधारण खिलाड़ी हैं जो असाधारण प्रदर्शन कर रहे हैं.

क्या इस कामयाबी से ही आपके मन में टेस्ट क्रिकेट में वापसी का ख़्याल आया?

नहीं, ऐसा कुछ नहीं है. मैं संन्यास का पूरा मज़ा ले रहा हूँ. अब मुझे बच्चों के साथ समय बिताते हुए अपने चैरिटी फाउंडेशन के लिए भी बहुत कुछ करना है.

 आगे की राह और मुश्किल है. मुंबई की टीम बहुत अच्छी है. सचिन तेंदुलकर और सनत जयसूर्या काफ़ी ख़तरनाक बल्लेबाज़ हैं. लेकिन अभी हमने उनके लिए कोई रणनीति नहीं बनाई है
 

इस बारे में मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था. मैंने तो बस यही कहा था कि अगर स्टूअर्ट मैकगिल अपनी टांग तोड़ लें और आस्ट्रेलिया के बाक़ी स्पिनर वायरस की चपेट में हों तो मैं वापसी पर विचार करुँगा.

आपकी टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है. कैसे संभव हुआ यह?

कुछ ख़ास नहीं. मैंने सबसे कह दिया है कि बेहतर प्रदर्शन का कोई विकल्प नहीं है. सबको अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए. आप किसी खिलाड़ी पर भरोसा करें तो उसका आत्मविश्वास बढ़ना तय है और यह आत्मविश्वास ही उसे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है. कई बार टीम के हित में कड़े फैसले भी लेने पड़ते हैं. मेरी टीम में भी यही हुआ है. अलग-अलग राज्यों और देशों के खिलाड़ी एक टीम के तौर पर बेहतर प्रदर्शन करने लगे हैं. उम्मीद है कि फ़ाइनल तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा.

आगे के मैचों के बारे में कोई ख़ास रणनीति?

नहीं. हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बहुत अच्छा मौक़ा है. लेकिन हमें इस बात की निराशा है कि फ़ाइनल में पहुंचने के बावजूद हमें अपने घरेलू मैदान पर खेलने का मौक़ा नहीं मिलेगा. आईपीएल की दो शीर्ष टीमों को घरेलू मैदान पर खेलने का मौका़ मिलना चाहिए था. मसलन मुंबई की टीम अगर सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में पहुँची तो उसे घरेलू मैदान पर अपने समर्थकों के सामने खेलने का मौक़ा मिलेगा.

मुझे ईडेन में एक लाख लोगों के सामने खेलने पर भी अच्छा लगता. आगे की राह और मुश्किल है. मुंबई की टीम बहुत अच्छी है. सचिन तेंदुलकर और सनत जयसूर्या काफ़ी ख़तरनाक बल्लेबाज़ हैं. लेकिन अभी हमने उनके लिए कोई रणनीति नहीं बनाई है. हम एक-एक मैच के हिसाब से आगे बढ़ रहे हैं.

पहले मैच में सौरभ गांगुली के साथ आपके रिश्तों में कुछ खटास आई थी...

अब हमारे बीच दोस्ताना संबंध हैं. मैं सौरभ की इज़्ज़त करता हूँ.

 
 
इससे जुड़ी ख़बरें
स्पिन सम्राट ने क्रिकेट को अलविदा कहा
21 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया
धूम-धड़ाके के साथ आईपीएल की शुरुआत
18 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया
इंडियन प्रीमियर लीग की टीमें
17 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया
सचिन से पंगा...ना...ना...ना
07 फ़रवरी, 2008 | खेल की दुनिया
चियरलीडर्स से क्या नाराज़गी है?
24 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया
सुर्ख़ियो में
 
 
मित्र को भेजें   कहानी छापें
 
  मौसम |हम कौन हैं | हमारा पता | गोपनीयता | मदद चाहिए
 
BBC Copyright Logo ^^ वापस ऊपर चलें
 
  पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल की दुनिया | मनोरंजन एक्सप्रेस | आपकी राय | कुछ और जानिए
 
  BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>