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बुधवार, 14 मई, 2008 को 12:13 GMT तक के समाचार

'शाहरुख़ और सौरभ बहुत दोस्ताना हैं'

इंडियन प्रीमियर लीग के अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करके कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिलाने के बाद शोएब अख़्तर बहुत ख़ुश हैं.

उनका कहना है कि वे विवादों को पीछे छोड़कर आईपीएल में अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.

शोएब अख़्तर ने कोलकाता में पीएम तिवारी से ख़ास बातचीत की.

क्या आपको ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद थी?

कोलकाता नाइट राइडर्स के साथी खिलाड़ियों ने मेरा हौसला बढ़ाया था. हाल के दिनों में मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. विभिन्न मोर्चे पर मुझे काफी तनाव झेलने पड़े थे. मैं जब भारत पहुंचा तब भी मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं था लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी अच्छा था. साथियों ने मुझे बढ़िया प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया और मैं भी हाल के विवादों को पीछे छोड़ने के लिए बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था.

पहले ही मैच में ऐसे प्रदर्शन के बाद कैसा लग रहा है?

मैं कभी अपने लिए नहीं खेला. मैं एक टीम मैन हूं. कोलकाता मेरे घरेलू मैदान की तरह है. यहां भी मैं अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स को अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता था. मैं हमेशा मैदान में सौ फीसदी प्रदर्शन करना चाहता हूं. वह चाहे अपने देश के लिए हो या फिर अपनी टीम के. आगे भी यही प्रयास करुंगा.

एक सप्ताह पहले तक तो आपके आईपीएल में खेलने की कोई संभावना ही नहीं थी, क्या इस मैच के लिए आपने पहले से अपने लिए कोई लक्ष्य तय किया था?

नहीं, मैं अपनी टीम के लिए मैच जीतना चाहता था. अब अपने प्रदर्शन से मुझे कुछ साबित नहीं करना है. टीम को जरूरत थी और मैंने टीम की जरूरत के मुताबिक गेंदबाजी की. मुझे खुशी है कि मैं अपने कप्तान की उम्मीदों पर खरा उतरा.

नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और कप्तान सौरभ गांगुली का रवैया कैसा रहा?

काफी सौहार्दपूर्ण और दोस्ताना. ड्रेसिंग रूम में इन दोनों के साथ रहना काफी दिलचस्प है. इन दोनों ने शुरू से ही मेरा हौसला बढ़ाया. तब भी जब कोलकाता पहुंचने के बावजूद दो मैचों में मैं टीम के ग्यारह खिलाड़ियों में शामिल नहीं था. इन दोनों ने शुरू से मुझ पर भरोसा बनाए रखा. मुझे खुशी है कि मैंने उनके भरोसे को बनाए रखा लेकिन कल की जीत टीम की जीत रही. दूसरे गेंदबाजों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया. हमारी फील्डिंग भी बेहतर रही.

आपकी फिटनेस में कोच जॉन बुकानन का कितना योगदान रहा?

बहुत ज्यादा. लंबे अरसे तक मैदान से बाहर रहने और तमाम विवादों की वजह से मैं जब यहां पहुंचा तो मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं था. जॉन ने मेरी हालत भांप ली और मुझे पूरी तरह फिट कर दिया.

पहले ही ओवर में फार्म में चल रहे वीरेंद्र सहवाग का विकेट लेने के बाद आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?

मैंने सोचा कि अल्लाह की दुआ से आज गेंद की लाइन और लेंथ बिल्कुल ठीक है. शायद आज मेरा दिन है. चार महीने तक क्रिकेट नहीं खेलने के बाद पहले मैच के पहले ही ओवर में मिली कामयाबी ने मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया.

आईपीएल और अब तक हुए इसके मैचों के बारे में क्या राय है?

यह एक शानदार टूर्नामेंट है जिसमें खासकर नई प्रतिभाओं को काफी सहायता मिलेगी. वरिष्ठ और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का फायदा तो मिलता ही है, इसके अलावा अलग-अलग देशों और इलाकों के खिलाड़ियों में आपसी सदभाव भी पैदा होता है.

पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के साथ चल रहे विवाद पर कुछ कहेंगे?

नहीं, मैं फिलहाल इस बारे में सोचना भी नहीं चाहता. मैं अपना पूरा ध्यान आईपीएल पर केंद्रित कर रहा हूं. बहुत मुश्किल से उन विवादों से अपना ध्यान हटाया है. अब यहां से लौटने के बाद ही उस बारे में सोचूंगा.