स्टेचू ऑफ यूनिटी

  1. कोरोना वैक्सीन

    अमेरिकी नियामक संस्था फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पाया है कि जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है.

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    महात्मा गांधी अगर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में हस्तक्षेप न करते तो सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्र पहली भारतीय सरकार के अंतरिम प्रधानमंत्री होते.

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    सरदार पटेल की जयंती पर रेहान फ़ज़ल से सुनिए किस तरह सरदार ने बनाया हैदराबाद को भारत का हिस्सा.

  4. एकता दिवस पर बोले पीएम मोदी: आतंकवाद का खुलकर समर्थन, एक बड़ी वैश्विक चुनौती

    एकता दिवस पर पीएम मोदी
    Image caption: पीएम मोदी ने पुलवामा हमले में राजनीतिक स्वार्थ दिखाने की बात कहकर विपक्ष पर भी निशाना साधा.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता दिवस परेड के दौरान देश को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और वाल्मिकी जयंती की शुभकामनाएं दीं.

    पीएम मोदी गुजरात की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. वे भारत के पूर्व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती पर केवड़िया में आयोजित एकता दिवस समारोह में शामिल हुए.

    इस दौरान हुई एकता दिवस परेड को उन्होंने सलामी दी और फिर देशवासियों को संबोधित किया.

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर आतंकवाद का खुलकर समर्थन किए जाने की बड़ी चुनौती बताया और पुलवामा हमले में राजनीतिक स्वार्थ दिखाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधा.

    पीएम मोदी ने कहा, “प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत और पूरा विश्व कर रहा है.बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है.”

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    “आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होने की बहुत ज़्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता.”

    उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर विपक्ष पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देखा जा रहा था. ये बात देश कभी नहीं भूल सकता.

    पीएम मोदी ने कहा, “आज यहां जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी. ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की. देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे.”

    उन्होंने कहा कि देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए. देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी.

    कश्मीर और देश की सुरक्षा

    इसके अलावा पीएम मोदी ने केवड़िया में शुरू की गईं नई परियोजनाओं का ज़िक्र किया, कोरोना वॉरियर्स की सराहना की, कश्मीर में विकास और देश की सुरक्षा पर बात की.

    पीएम मोदी ने कहा, “आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है. सरदार साहब के दर्शन के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा. ये सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं.

    उन्होंने वाल्मिकी जयंती का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है.आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था.

    पीएम ने कश्मीर के विषय में कहा कि कश्मीर के विकास में जो बाधायें आ रही थीं, उन्हें पीछे छोडकर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है.चाहे नॉर्थईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है.

    पीएम मोदी के संबोधन की अन्य मुख्य बातें

    - ये आपदा अचानक आयी. इसने पूरे विश्व में मानव जीवन को प्रभावित किया है, हमारी गति को प्रभावित किया.लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है.

    - सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है.आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है.

    - आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है.इसलिए, आज देश रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है.इतना ही नहीं, सीमाओं पर भी भारत की नज़र और नज़रिया अब बदल गए हैं.

    - हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है.हम एक हैं तो असाधारण हैं.लेकिन साथियों, हमें ये भी याद रखना है कि भारत की ये एकता, ये ताकत दूसरों को खटकती भी रहती है.हमारी इस विविधता को ही वो हमारी कमजोरी बनाना चाहते हैं.ऐसी ताकतों को पहचानना जरूरी है, सतर्क रहने की जरूरत है.

    - आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है.आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज औरअनेक सुरंगें बना रहा है.अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.

  5. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात के केवड़िया में एकता दिवस परेड की झलकियां

    एकता दिवस
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