राजनाथ सिंह

  1. देश पूरी तरह से सुरक्षित, सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयारः राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि देश पूरी तरह से सुरक्षित है और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है.

    जम्मू में एयर फोर्स स्टेशन पर हुए हालिया हमले के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने कहा, "हम देशवासियों को ये भरोसा दिलाना चाहते हैं कि देश पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में है. जो भी चुनौतियां आएंगी, हमारी सेना उनका सामना करने के लिए सक्षम है."

    भारतीय जनता पार्टी की राजनीति पर उन्होंने कहा कि इंसाफ़ और इंसानियत ही पार्टी का आधार है.

    उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी कभी भी जाति और धर्म की राजनीति नहीं करती है."

  2. न तो किसी को आँख दिखाना चाहते हैं, न किसी का आँख दिखाना मंज़ूर- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिनों की लद्दाख यात्रा पर हैं. आज उनकी यात्रा का दूसरा दिन है.

    लद्दाख में अपनी यात्रा के दूसरे दिन राजनाथ सिंह ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि मंशा साफ़ होनी चाहिए.

    बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “हम न तो किसी को आँख दिखाना चाहते हैं, न किसी का आँख दिखाना मंज़ूर है. हमारी सेना में हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है.”

    राजनाथ सिंह

    इस मौक़े पर उन्होंने कहा, “हम विश्व शांति के पुजारी हैं. हम शस्त्र भी धारण करते हैं तो शांति की स्थापना के लिए. भारत ने आज तक किसी भी देश पर न तो आक्रमण किया है न ही किसी भी देश की एक इंच ज़मीन पर हमने क़ब्ज़ा किया है.”

    लद्दाख में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को इस बात का पूरा भरोसा है कि सीमा पर उभरती किसी भी परिस्थिति का सामना करने में हमारे सैनिक सक्षम हैं.

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 63 बुनियादी परियोजनाओं का उद्घाटन किया.

    इस मौक़े उन्होंने कहा,"जिन सड़कों का निर्माण बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन कर रहे हैं वह देश के विकास की गति को बढ़ाने वाले हैं. आज 63 पुल और सड़कों का लोकापर्ण हुआ है. ये बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन कर्मियों की सूझबूझ से हुआ है."

  3. भारत-चीन कूटनीटिक वार्ता के दो दिन बाद राजनाथ सिंह की लद्दाख यात्रा के क्या हैं मायने

    राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लद्दाख पहुंचने के बाद कहा कि देश के लिए भारतीय सैनिकों का समर्पण एक अनुकरणीय उदाहरण है.

    चीन के साथ लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत की रक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को अपने तीन दिनों की यात्रा पर आज लद्दाख पहुंचे.

    अधिकारियों ने बताया कि लेह में रक्षा मंत्री ने लद्दाख ऑटोनोमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल के वरिष्ठ निर्वाचित प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान क्षेत्र की विकास गतिविधियों पर चर्चा की.

    रक्षा मंत्री के साथ इस दौरे में आर्मी चीफ़ जनरल एमएम नरवणे भी उनके साथ थे. राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के कई पूर्व सैनिकों से मुलाकात की और राष्ट्रीय सुरक्षा और उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.

    राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह ने कहा, "देश के लिए भारतीय सैनिकों का समर्पण एक अनुकरणीय उदाहरण है. मैं हृदय से उनके लिए आभार प्रकट करता हूं. हमारा मकसद ये है कि आप सब की भी उसी तरह देखभाल की जानी चाहिए जिस तरह से आपने राष्ट्रीय सुरक्षा का ख्याल रखा था."

    "इसके बावजूद अगर आपको कहीं समस्या महसूस होती है तो एक हेल्पलाइन बनाया जा रहा है जो आपकी समस्याओं का निदान करेगा."

    समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में विवाद वाली जगहों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया में चीन के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री भारत की सैनिक तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

    राजनाथ सिंह की ये यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दो दिन पहले ही भारत और चीन के बीच कूटनीतिक वार्ता का एक चरण पूर हुआ है. इस वार्ता में दोनों देशों के बीच ये सहमति बनी है कि बातचीत और संवाद कायम रखा जाएगा.

  4. युद्ध और भारतीय सेना के अभियानों का ब्योरा होगा सार्वजनिक, रक्षा मंत्रालय का ऐलान

    भारतीय सेना

    भारतीय रक्षा मंत्रालय ने देश में अब तक हुए युद्ध, सैन्य अभियानों और सेना से जुड़ी अन्य जानकारियों को सार्वजनिक करने का ऐलान किया है.

    रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके इस बारे में सिलसिलेवार ढंग से जानकारी दी.

    इन ट्वीट्स में बताया गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने युद्ध,युद्ध के दौरान हुए संवाद, सैन्य ऑपरेशन और सेना के इतिहास से जुड़ी जानकारियों को गोपनीयता सूची से हटाकर सार्वजनिक करने की पॉलिसी को मंज़ूरी दे दी है.

    View more on twitter

    इन जानकारियों के प्रकाशन की मंज़ूरी और इन्हें प्रकाशित करने की ज़िम्मेदारी हिस्ट्री डिवीज़न की होगी.

    रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़,“युद्ध को इतिहास को समय से प्रकाशित होने पर लोगों को घटनाओं की सही जानकारी मिलेगी, शैक्षिक रिसर्च के लिए प्रमाणिक सामग्री उपलब्ध होगी और साथ ही इससे ग़ैरज़रूरी अफ़वाहों को दूर करने में भी मदद मिलेगी.”

    इस नीति मुताबिक़ सामान्य तौर पर रिकॉर्ड को 25 साल के बाद सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

    रक्षा मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘युद्ध और सैन्य अभियानों के इतिहास को जुटाने के बाद बाद 25 साल या उससे पुराने रिकॉर्ड्स की जाँच विशेषज्ञ करेंगे और इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार (नैशनल आर्काइव) को सौंप दिया जाएगा.”

  5. ब्रेकिंग न्यूज़कोरोना की 2-DG दवा आज से होगी इस्तेमाल, रक्षा मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपी

    राजनाथ सिंह और डॉक्टर हर्षवर्धन

    डीआरडीओ की बनाई गई कोविड-19 की दवा को सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को सौंप दिया.

    राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके बताया कि ‘आज जारी किए जाने के बाद2-DG एंटी कोविड दवा के पहले बैच को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को सौंपा.’

    View more on twitter

    उन्होंने आगे लिखा, “इस 2-DG दवा को डीआरडीओ औरडीआरएल ने बनाया है और यह भारत के वैज्ञानिक कौशल का उत्तम उदाहरण है और आत्म-निर्भरता की कोशिशों की दिशा में मील का पत्थर है.”

    क्या है 2-DG दवा

    वायरस

    भारत सरकार ने हाल ही में एक ऐसे एंटी कोविड ड्रग को मंज़ूरी दी थी, जो ऑक्सीजन पर कोविड 19 के मरीज़ की निर्भरता को कम करता है.

    इस ड्रग का नाम 2 डीऑक्सी- डी- ग्लूकोज़ है जिसे शॉर्ट में 2-DG भी कहा जा रहा है.

    भारत के औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने इसके इमरजेंसी इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी है.

    यह दवा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के नाभिकीय औषधि और संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज़ लैब के साथ मिलकर तैयार की है. तीन चरणों के ट्रायल के बाद इसे मंज़ूरी दी गई है.

    यह पूरी तरह से भारत में विकसित पहली एंटी कोविड दवा बताई जा रही है.

    कब और कहाँ हुए ट्रायल?

    वायरस

    कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान ही आईएनएमएएस-डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने पिछले साल अप्रैल के महीने में इस दवा के लैब ट्रायल्स शुरू किए थे. इस काम में डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की मदद हैदराबाद के सेंटर फॉर सेलुलर एंड माइक्रो बॉयलॉजी लैब ने की.

    उस दौरान पाया गया कि ये 2-DG ड्रग कोरोना वायरस के ग्रोथ को रोकने में मददगार साबित हो सकता है.

    2-DG पर पूरी कहानी पढ़ने के लिए क्लिक करें..

  6. अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड जेम्स ऑस्टिन भारत के दौरे पर

    राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री से मुलाक़ात के बाद कहा कि बातचीत बहुत व्यापक और लाभकारी रही. ऑस्टिन ने कहा है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत अमेरिका का अहम साझेदार बनकर उभरा है.

    और पढ़ें
    next
  7. भारतीय सैनिकों की फाइल फोटो

    फ्टिनेंट कर्नल भगवान, जो फ़िलहाल अध्ययन अवकाश पर हैं और उनके साथ नायब सूबेदार कुलदीप सिंह एसएसबी सेंटर्स पर धांधलियों में शामिल थे.

    और पढ़ें
    next
  8. लद्दाख

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करके लद्दाख में भारत की स्थिति को साफ़ किया है.

    और पढ़ें
    next
  9. Video content

    Video caption: पूर्वी-लद्दाख में चीन से समझौता किसकी जीत, किसकी हार?

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पूर्वी-लद्दाख की मौजूदा स्थिति संसद में बयान की.

  10. तेजस वैद्य

    संवाददाता, बीबीसी गुजराती सेवा

    मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी बेटी के लिए टिकट चाहते हैं, लेकिन पार्टी ने कई शर्तें लगा दी हैं. इस मुद्दे पर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं.

    और पढ़ें
    next