मानसिक स्वास्थ्य

  1. कोरोना वायरस

    पिछले पचास दिनों में ब्राज़ील में 50,000 लोगों की मौत हुई है, हालात सुधरने के संकेत नहीं.

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  2. मधु पाल

    बीबीसी हिंदी के लिए, मुंबई से

    समीर शर्मा

    सीनियर इंस्पेक्टर जॉर्ज फ़र्नांडीज़ ने कहा कि उनके यहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और आशंका है कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है.

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  3. नवीन सिंह खड़का

    बीबीसी पर्यावरण संवाददाता

    लेड पॉइज़निंग

    एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 80 करोड़ बच्चे लेड पॉइज़निंग से प्रभावित हैं और इस मामले में भारत पहले नंबर पर है.

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  4. जेम्स गैलहर

    स्वास्थ्य एवं विज्ञान संवाददाता

    कोरोना वायरस

    दुनिया भर में कई सारे रिसर्च सेंटर्स ऐसे हैं जो कोरोना से ठीक हो चुके मरीज़ों के ख़ून का इस्तेमाल इलाज में कर रहे हैं.

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  5. विभुराज

    बीबीसी संवाददाता

    ग्राफ़िक

    रेप के कई मामले में ऐसा क्यों है कि पीड़िता ही सवालों के घेरे में आ जाती हैं?

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  6. हर चीज़ में वायरस होने का शक़ कोई बीमारी है?

    कोरोना वायरस के इस दौर में साफ-सफाई रखने और बार-बार हाथ धोने के लिए कहा जा रहा है ताकि वायरस आपके शरीर तक ना पहुंच पाए.

    ऐसे में लोग बार-बार हाथ धो भी रहे हैं लेकिन, अगर आपको लगने लगे कि हर चीज़ में जर्म्स हैं, वायरस है, गंदगी जो आपको नुक़सान पहुंचा सकता है और आप बार-बार हाथ धो रहे हैं या सफाई कर रहे हैं तो ये एक बीमारी का लक्षण है. इसे कहते हैं ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी).

    डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में ओसीडी की समस्या पहले से ही मौजूद है उनमें कोरोना महामारी के दौरान दिक्कत और बढ़ गई है.

    बीबीसी संवाददाता कमलेश की पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    सांकेतिक तस्वीर
  7. वीडियो: कोरोना आपके दिमाग़ पर क्या असर कर सकता है?

    दुनिया भर में 300 से ज़्यादा अध्ययन हो चुके हैं जो बताते हैं कि कोविड 19 मरीज़ों के दिमाग़ पर भी असर पड़ रहा है. इनमें वो मरीज़ भी हैं जो युवा हैं.

    पहले की महामारियों में भी ऐसा देखा गया है. ज़्यादा जानकारी के लिए देखिए ये वीडियो.

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  8. कमलेश

    बीबीसी संवाददाता

    हाथ धोते हुए एक व्यक्ति

    जर्मोफोबिया और ओसीडी की समस्या के बारे में आप कितना जानते हैं?

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  9. कोरोना के दौर में मानसिक स्वास्थ: यहाँ मिलेगी मदद

    मानसिक स्वास्थ्य
    Image caption: सांकेतिक तस्वीर

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संकट के दौर में लोगों में तनाव, घबराहट, बेचैनी और डिप्रेशन जैसी मानसिक तकलीफ़ों की आशंका काफ़ी बढ़ गई है.

    अगर आप ऐसी किसी परेशानी से जूझ रहे हैं तो नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो साइंसेज़ (NIMHANS) के टोल फ़्री नबंर: 080-46110007 पर कॉल करके मदद माँग सकते हैं.

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  10. कोरोना वायरस

    ये कुछ ऐसी टिप्स हैं, जो कोरोना वायरस के इस समय में आपके लिए फ़ायदे की साबित हो सकती हैं.

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