अमेरिका चुनाव 2020

  1. सरोज सिंह

    बीबीसी संवाददाता

    बाइडन - पुतिन

    16 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जिनेवा में मुलाक़ात हो रही है. उससे पहले पुतिन ने एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर रूस का रुख़ स्पष्ट किया.

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  2. डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनका फ़ेसबुक अकाउंट निलंबित होना उन लाखों अमेरिकी नागरिकों का अपमान है, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था.

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  3. कैपिटल पर हमले की ख़ुफ़िया चेतावनी के बाद अमेरिकी संसद के निचले सदन ने सत्र रद्द किया

    कैपिटल पुलिस ने ख़ुफ़िया चेतावनी को गंभीरता से लिया
    Image caption: कैपिटल पुलिस ने ख़ुफ़िया चेतावनी को गंभीरता से लिया

    अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स ने ख़ुफ़िया विभाग से मिली चेतावनी के आधार पर गुरुवार के लिए निर्धारित सत्र को रद्द कर दिया है.

    वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार के अनुसार, पुलिस को यह चेतावनी मिली थी कि कोई स्थानीय आक्रामक समूह गुरुवार को एक बार फिर कैपिटल (अमेरिकी संसद) में घुसने की कोशिश कर सकता है.

    इस चेतावनी के बाद कैपिटल बिल्डिंग के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये गए हैं. पुलिस ने कहा है कि वो किसी भी संभावित ख़तरे के लिए तैयार है.

    एक ओर जहाँ हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स ने इस चेतावनी के मद्देनज़र गुरुवार के अपने सत्र को रद्द कर दिया, वहीं सीनेट (जो कैपिटल बिल्डिंग में ही बैठती है) ने राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा पेश किये गए 1.9 ट्रिलियन डॉलर के ‘कोविड राहत बिल’ पर बहस कराने का निर्णय लिया है.

    कैपिटल पुलिस का कहना है, ‘हम राज्यों की पुलिस, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसी किसी भी संभावित घटना को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. हमें जो ख़ुफ़िया जानकारी मिली है, उसे हम बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. जो जानकारी हमें मिली है, उसकी गंभीरता को समझते हुए हम और सूचनाएं प्रेस के साथ साझा नहीं कर सकते.’

    जनवरी में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ पुलिसकर्मियों को रौंदते हुए कैपिटल बिल्डिंग में घुस गई थी. उस वक़्त ज़्यादातर अमेरिकी सांसद कैपिटल बिल्डिंग के अंदर ही थे.

    उस घटना में एक पुलिसकर्मी समेत पाँच लोगों की मौत हुई थी, जिसने अमेरिका समेत दुनिया के तमाम लोकतांत्रिक देशों को हिलाकर रख दिया था.

    कैपिटल हिल पर हुए ‘हमले’ को अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में एक ‘काला दिन’ कहा गया और इस घटना के बाद कैपिटल पुलिस फ़ोर्स के प्रमुख को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

  4. एंथनी जर्चर

    उत्तरी अमेरिकी संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट ने छह जनवरी को कैपिटल हिल में हुई हिंसा भड़काने के आरोपों से बरी कर दिया है.

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  5. ट्रंप के ख़िलाफ़ सीनेट में सोमवार से होगी सुनवाई

    ट्रंप

    अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ ट्रायल सोमवार से शुरू होगी.

    सोमवार को ही निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स से उनके ख़िलाफ़ आर्टिकल ऑफ़ इम्पीचमेंट सीनेट को भेजा जाएगा.

    निचले सदन में उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पहले ही पारित हो चुका है.

    अब सीनेट में ट्रंप के ख़िलाफ़ बग़ावत को उकसाने का मुक़दमा चलेगा.

    छह जनवरी को उनके भाषण के फ़ौरन बाद उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद भवन पर हमला कर दिया था जिनमें एक पुलिसकर्मी समेत कुल पाँच लोगों की मौत हो गई थी.

    सीनेट के नेता डेमोक्रैटिक पार्टी के चक शूमर ने कहा है कि ट्रंप के ख़िलाफ़ फ़ेयर ट्रायल होगा.

    रिपब्लिकन सांसद चाहते थे कि ट्रंप के ख़िलाफ़ मुक़दमे को फ़रवरी तक टाल दिया जाए ताकि ट्रंप अपने बचाव की तैयारी कर सकें.

    अगर सीनेट में ट्रंप के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित हो जाता है तो वो भविष्य में किसी भी पब्लिक ऑफ़िस के लिए अयोग्य ठहरा दिए जाएंगे.

    सीनेट में डेमोक्रैटिक पार्टी को बहुमत ज़रूर हासिल है लेकिन प्रस्ताव पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत है और इसके लिए कम से कम 17 रिपब्लिकन सांसदों के वोट की ज़रूरत पड़ेगी.

    कुछ रिपब्लिकन सांसद ट्रंप के रवैये से बहुत नाराज़ हैं और निचले सदन में उनकी पार्टी के ही 10 सांसदों ने उनके ख़िलाफ़ वोट दिया था लेकिन सीनेट में 17 सांसद ट्रंप के ख़िलाफ़ वोट देंगे या नहीं, अभी यह कहना मुश्किल है.

  6. ओवल ऑफिस में बाइडन

    ओवल ऑफ़िस से पूर्व राष्ट्रपति एंड्र्यू जैक्सन के चित्र को हटाकर दार्शनिक, वैज्ञानिक और लेखक बेंजामिन फ़्रैंक्लिन की तस्वीर लगायी गई है.

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  7. बीबीसी मॉनिटरिंग

    नई दिल्ली

    जो बाइडन

    अमेरिका का राष्ट्रपति पद संभालते ही चीन के अलग-अलग मीडिया प्रतिष्ठानों ने बाइडन को कई तरह के सुझाव दिए हैं, जिनमें सीमाएं न लांघने को लेकर भी चेताया गया है.

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  8. डोनाल्ड ट्रंप ने जाते जाते लिखा राष्ट्रपति बाइडन के नाम खत

    Donald Trump, Joe Biden, डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडन

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ने भले ही कई परंपराओं को तोड़ दिया हो लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति के दफ़्तर में अपने उत्तराधिकारी जो बाइडन के लिए पत्र छोड़ने की परिपाटी को ब-दस्तूर निभाया.

    हालाँकि यह नहीं पता कि इस पत्र में उन्होंने क्या लिखा है, लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस संदेश को "बहुत उदार" बताया है.

    सीएनएन के मुताबिक बाइडन ने कहा, "चूंकि यह निजी था, मैं इस बारे में तब तक कुछ नहीं कहूँगा जब तक मैं उनसे बात न कर लूं."

    इस पत्र में ट्रंप ने बाइडन के लिए क्या लिखा है, यह पूछे जाने पर प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने बताया कि वो बाइडन के साथ उनके दफ़्तर में थीं जब उन्होंने यह पत्र खोला और इसे "उदार और अनुकूल" बताया.

    उन्होंने कहा कि बाइडन इस निजी पत्र में क्या लिखा है इसे रिलीज़ नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल ट्रंप और बाइडन के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है.

    साकी ने कहा, "मैं इसे पूर्व राष्ट्रपति के साथ लंबित कॉल के संकेत के रूप में नहीं लूंगी."

  9. ब्रेकिंग न्यूज़बाइडन ने पदभार संभालते ही पेरिस जलवायु समझौता बहाल किया

    बाइडन

    अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालते ही जो बाइडन ने कई बड़े फ़ैसलों पर हस्ताक्षर किए है.

    ओवल ऑफ़िस में काला मास्क पहनकर आए राष्ट्रपति बाइडन ने पत्रकारों से बात की और कहा कि उनकी बड़ी प्राथमिकताओं में ‘कोविड संकट’, ‘आर्थिक संकट’और ‘जलवायु संकट’ शामिल हैं.

    उन्होंने अपने पहले एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर के तहत सभी अमेरिकियों को कोविड-19 के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है और साथ ही पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका दोबारा शामिल हो गया है.

    एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर वह आदेश होते हैं जिसमें राष्ट्रपति को संसद की अनुमति नहीं लेनी होती है. बराक ओबामा इसका लगातार इस्तेमाल करते थे और डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले सप्ताह में इसका काफ़ी इस्तेमाल किया था.

    हालांकि, एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर को काफ़ी विवादास्पद समझा जाता है.

    बाइडन

    अगर जो बाइडन प्रशासन के पहले दिन को देखें तो यह संकेत है कि नए राष्ट्रपति अपना समय व्यर्थ नहीं करना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अपना एजेंडा लागू करने और डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को वापस लेने के लिए अब तक 17 एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर्स पर हस्ताक्षर किए हैं

    अगले कुछ दिनों में वे कुछ और ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

    अगर पिछले राष्ट्रपतियों से तुलना की जाए तो दो सप्ताह के अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नौ एग्ज़िक्युटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे.

    नए प्रशासन ने कहा है कि देश की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और वह महामारी से लेकर गिरती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है इसलिए राष्ट्रपति की ओर से तुरंत क़दम उठाने की ज़रूरत है.

  10. जो बाइडन

    अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद जो बाइडन ने अपने पहले भाषण में अमेरिका के भविष्य और एकता की बात की.

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