लद्दाख

  1. राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर फिर हमला, बोले- उनका मॉडल भारत में ध्वस्त हो रहा है

    राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान को समझ आ गया है कि चरमपंथ को बढ़ावा देने का उनका मॉडल भारत में नाकाम हो रहा है.

    राजनाथ सिंह ने दिल्ली में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ विषय पर एक कार्यक्रम में कहा, "पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मॉडल भारत में ध्वस्त हो रहा है. हाल के कुछ वर्षों में उन्होंने सीमा पर सीज़फायर उल्लंघन बढ़ा दिए थे. सुरक्षाबलों से उन्हें हमेशा मुँहतोड़ जवाब मिला. पाकिस्तान को समझ आने लगा है कि सीज़फायर उल्लंघन से भी उनको कोई खास लाभ नहीं मिलने वाला है."

    उन्होंने बताया कि “भारत और पाकिस्तान के बीच में संघर्ष विराम समझौता फ़रवरी में हुआ था. हम इस वक़्त आपसी विश्वास की कमी के कारण ‘वेट एंड वॉच’ की मुद्रा में हैं.हालिया संघर्ष विराम समझौते के बाद सीमा के दोनों ओर कोई भी संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं हुआ है.’

    उन्होंने साथ ही कहा कि कश्मीर से बहुत जल्द चरमपंथ का ख़ात्मा हो जाएगा.

    राजनाथ सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि कश्मीर में बचा हुआ आतंकवाद भी समाप्त होगा. मेरा यह विश्वास इसलिए है क्योंकि अब तक अलगाववादी ताक़तें जो अनुच्छेद 370 और 35ए से मज़बूती पाती थीं वो अनुच्छेद अब समाप्त हो चुका है.”

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही भारत विरोधी बलों ने सीमा पर या सीमा के ज़रिए देश में अस्थिरता पैदा करने का माहौल बनाया है, इस दिशा में पाकिस्तान की धरती से बहुत सारी कोशिशें की जाती रही हैं.

    लद्दाख़ में गलवान घाटी की घटना का ज़िक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘गलवान की घटना को एक साल का समय बीत चुका है, भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई वीरता और संयम अतुलनीय है. भविष्य की पीढ़ियां बहादुर जवानों पर गर्व करेंगी.’

    सेना
  2. Video content

    Video caption: एलएसी पर बसे इस इलाक़े में किन मुश्किलों में लोग?

    भारत-चीन में तनावपूर्ण माहौल पिछले साल से जारी है. इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं लेह के पास वो इलाके जो भारत-चीन सीमा से सटे हुए हैं.

  3. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद श्रीनगर के दौरे पर पहुंचे

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    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद रविवार को जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के चार दिनों के दौरे पर रविवार को श्रीनगर पहुंचे. समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रपति सुबह 11:15 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचे.

    जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए मौजूद थे. 25 जुलाई से 28 जुलाई तक की इस यात्रा में राष्ट्रपति लद्दाख के द्रास भी जाएंगे.

    अधिकारियों के मुताबिक़ सोमवार को कारगिल विजय दिवस की 22वीं सालगिरह के मौके पर राष्ट्रपति का कार्यक्रम है. साल 1999 में हुई कारगिल की लड़ाई में मारे गए भारतीय सैनिकों की याद में राष्ट्रपति कारगिल वार मेमोरियल में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

    साल 2019 में राष्ट्रपति ख़राब मौसम के कारण कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए द्रास नहीं जा पाए थे. तब उन्होंने बदामीबाग़ स्थित सेना के 15 कॉर्प्स मुख्यालय के वार मेमोरियल में अपनी श्रद्धांजलि दी थी.

    मंगलवार को राष्ट्रपति कश्मीर यूनिवर्सिटी के 19वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे.

    राष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनज़र सुरक्षा एहतियात बरतते हुए राजभवन के पास से गुजरने वाली दोनों सड़कों से ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है. ट्रैफिक की ये व्यवस्था बुधवार तक जारी रहेगी.

  4. दलाई लामा

    असम में गोहत्या निरोधक क़ानून का प्रस्ताव, ममता की चुनाव याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट का निर्देश, साथ में अख़बार की अन्य अहम सुर्खियां.

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  5. लद्दाख की पूरी आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली ख़ुराक दे दी गई: बीजेपी सांसद

    लद्दाख से बीजेपी सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जामयांग सेरिंग नामग्याल
    Image caption: लद्दाख से बीजेपी सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जामयांग सेरिंग नामग्याल

    लद्दाख से बीजेपी सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जामयांग सेरिंग नामग्याल ने बताया कि लद्दाख की पूरी आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली ख़ुराक दे दी गई है.

    नामग्याल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्रालय और कोविड के सभी योद्धाओं के प्रयासों से लद्दाख देश का ऐसा पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया जहां के सभी लोगों को कोविड-19 की पहली ख़ुराक दे दी गई है."

    उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए लद्दाख के लोगों को बधाई दी.

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  6. भारत-चीन कूटनीटिक वार्ता के दो दिन बाद राजनाथ सिंह की लद्दाख यात्रा के क्या हैं मायने

    राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लद्दाख पहुंचने के बाद कहा कि देश के लिए भारतीय सैनिकों का समर्पण एक अनुकरणीय उदाहरण है.

    चीन के साथ लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत की रक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को अपने तीन दिनों की यात्रा पर आज लद्दाख पहुंचे.

    अधिकारियों ने बताया कि लेह में रक्षा मंत्री ने लद्दाख ऑटोनोमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल के वरिष्ठ निर्वाचित प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान क्षेत्र की विकास गतिविधियों पर चर्चा की.

    रक्षा मंत्री के साथ इस दौरे में आर्मी चीफ़ जनरल एमएम नरवणे भी उनके साथ थे. राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के कई पूर्व सैनिकों से मुलाकात की और राष्ट्रीय सुरक्षा और उनके कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.

    राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह ने कहा, "देश के लिए भारतीय सैनिकों का समर्पण एक अनुकरणीय उदाहरण है. मैं हृदय से उनके लिए आभार प्रकट करता हूं. हमारा मकसद ये है कि आप सब की भी उसी तरह देखभाल की जानी चाहिए जिस तरह से आपने राष्ट्रीय सुरक्षा का ख्याल रखा था."

    "इसके बावजूद अगर आपको कहीं समस्या महसूस होती है तो एक हेल्पलाइन बनाया जा रहा है जो आपकी समस्याओं का निदान करेगा."

    समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि पूर्वी लद्दाख में विवाद वाली जगहों से सैनिकों को वापस बुलाने की प्रक्रिया में चीन के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री भारत की सैनिक तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

    राजनाथ सिंह की ये यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दो दिन पहले ही भारत और चीन के बीच कूटनीतिक वार्ता का एक चरण पूर हुआ है. इस वार्ता में दोनों देशों के बीच ये सहमति बनी है कि बातचीत और संवाद कायम रखा जाएगा.

  7. भारत और चीन ने लद्दाख में एलएसी की स्थिति पर खुलकर चर्चा कीः विदेश मंत्रालय

    भारत-चीन

    भारत और चीन शुक्रवार को इस बात पर सहमत हो गए कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास विवाद वाली सभी जगहों से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने का परस्पर रज़ामंदी वाला रास्ता खोजने के लिए बातचीत जारी रखी जाएगी ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में बढ़ा जा सके.

    पिछले साल मई की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में शुरू हुए विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच एक और दौर की कूटनीतिक वार्ता हुई.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये जानकारी दी है कि दोनों पक्ष 12वें दौर की सैनिक स्तर की बातचीत थोड़ा पहले कराने पर तैयार हो गए हैं.

    इसका मकसद मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और कूटनीतिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास विवाद वाली सभी जगहों से सेनाओं को पूरी तरह से हटाने का लक्ष्य हासिल करना है.

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों की स्थिति को लेकर खुलकर बातचीत हुई.

  8. अनबरासन एथिराजन

    बीबीसी न्यूज़, पैंगोंग त्सो लेक, लद्दाख से

    भारत-चीन सीमा

    भारत और चीन के सैनिकों के बीच बीते साल जून के महीने में गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी.

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  9. जनरल नरवणे ने बताया- पैंगोंग त्सो में भारत-चीन डिसएंगेजमेंट का पालन कर रहे हैं

    जनरल नरवणे

    थल सेना प्रमुख जनरल एमएन नरवणे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है कि भारत और चीन ने पैंगोंग त्सो इलाक़े में डिसएंगेजमेंट का सम्मान किया है.

    उन्होंने बताया कि जिन इलाक़ों में दोनों पक्षों के बीच डिसएंगेजमेंट हुआ है वहां पर कोई मूवमेंट नहीं हुई है.

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    जनरल नरवणे ने भारतीय सेना की कोरोना वायरस की स्थिति पर जानकारी देते हुए कहा कि सेना के अस्पतालों में अप्रैल मध्य तक 1800 ऑक्सीजन बेड थे जिनकी संख्या अब 4,000 हो चुकी है.

    इसके अलावा उन्होंने बताया कि सेना के पास अब ऑक्सीजन प्लांट की संख्या दोगुनी होकर 42 हो चुकी है.

    जनरल नरवणे ने बताया कि सेना में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले काफ़ी आने शुरू हुए थे लेकिन अब उनमें गिरावट है.

  10. बीबीसी मॉनिटरिंग

    नई दिल्ली

    चीन

    चीन लगातार भारत को मदद की पेशकश कर रहा है और भारत सीधे मदद न लेकर चीन से ज़रूरी सामान ख़रीद रहा है. लेकिन इससे आने वाले समय में क्या बदलेगा?

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