करतारपुर

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    Video caption: करतारपुर गुरुद्वारे को लेकर पाकिस्तानी मॉडल को मांगनी पड़ी माफ़ी

    करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब में पाकिस्तानी डिज़ाइनर कपड़ों के विज्ञापन की शूटिंग की तस्वीर सामने आने के बाद पाकिस्तान और भारत के सोशल मीडिया में इसकी आलोचना की जा रही है.

  2. करतारपुर

    पाकिस्तान के करतारपुर गुरुद्वारे में एक महिला मॉडल की सिर ढंके बिना तस्वीरें सामने आई थीं जिसके बाद भारत और पाकिस्तान में इसकी आलोचना हो रही है.

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  3. करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान पहुंचा

    करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहब

    करतारपुर कॉरिडोर के फिर से खुलने के बाद भारतीय सिखों का पहला जत्था बुधवार को गुरुद्वारा दरबार साहब पहुंचा. इस जत्थे में कुल 50 सदस्य हैं.

    भारत में मौजूद पाकिस्तान हाई कमीशन ने एक वीडियो ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान ने गुरुद्वारा आने वाले सिख श्रद्धालुओं का स्वागत किया है.

    ये सिख श्रद्धालु सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 552वीं जयंती (19 नवंबर) के अवसर पर गुरुद्वारा दरबार साहब पहुंचे हैं.

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    इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा था कि सरकार के इस फ़ैसले से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं को फायदा होगा.

    हालांकि सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया था कि श्रद्धालुओं को कोविड महामारी को रोकने के लिए लगाए सभी नियमों का पालन करना होगा.

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    गुरुवार को एक और जत्था गुरुद्वारा दरबार साहब पहुंचेगा, इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीस सिंह चन्नी समेत उनकी कैबिनेट के कुछ और सदस्य शामिल होंगे.

    श्रद्धालु

    वाघा अटारी सीमा से होते हुए पाकिस्तान में मौजूद दरबार साहब गुरुद्वारा तक पहुंचने के लिए करतारपुर कॉरिडोर को 20 महीनों के बाद फिर से खोला गया है. कोविड महामारी के कारण इसे बंद कर दिया गया था.

    श्रद्धालु

    4.7 किलोमीटर के इस कॉरिडोर के रास्ते सिख श्रद्धालु भारत-पाकिस्तान की सीमा के नज़दीक पंजाब के गुरदासपुर में मौजूद डेरा बाबा नानक से बिना वीज़ा दरबार साहब गुरुद्वारा पहुंच सकेंगे.

    श्रद्धालु

    यह गुरुद्वारा सिखों और दूसरे पंजाबियों के लिए बहुत महत्व रखता है. गुरु नानक देव ने अपनी ज़िंदगी के अंतिम 18 साल यहीं बिताए थे.

    दो साल पहले भारत और पाकिस्तान में कॉरिडोर को लेकर एक समझौता हुआ था जिसके तहत पाकिस्तान भारतीय तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारा आने के लिए वीज़ा फ़्री एंट्री देने के लिए राज़ी हुआ था.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़करतारपुर कॉरिडोर कल से दोबारा खोला जाएगा, अमित शाह ने की घोषणा

    करतारपुर

    गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को करतारपुर कॉरिडोर दोबारा खोलने की घोषणा की है.

    उन्होंने ट्वीट किया, “19 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव का राष्ट्र जश्न मनाएगा और मुझे विश्वास है कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार का करतारपुर साहिब कॉरिडोर दोबारा खोलने का फ़ैसला देशभर में ख़ुशियों को और बढ़ाएगा.”

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    गृह मंत्री अमित शाह ने अगले ट्वीट में लिखा कि यह बड़ा फ़ैसला बढ़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं को लाभ देगा और पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने कल 17 नवंबर से करतारपुर साहिब कॉरिडोर दोबारा खोलने का फ़ैसला किया है. यह निर्णय मोदी सरकार का श्री गुरु नानक देव जी और हमारे सिख समुदाय के प्रति अपार श्रद्धा को दर्शाता है.

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    भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चित करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर 2019 को पहली बार खुला था.

    करतारपुर कॉरिडोर पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को करतारपुर स्थित दरबार साहेब से जोड़ता है. इससे पहले लोगों को वीज़ा लेकर लाहौर के रास्ते दरबार साहेब जाना पड़ता था जो एक लंबा रास्ता था.

    करतारपुर साहिब पाकिस्तान में आता है लेकिन इसकी भारत से दूरी महज़ साढ़े चार किलोमीटर है.

    दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत भारतीय पासपोर्ट धारक एवं ओसीआई (भारतीय विदेशी नागरिकता) कार्ड धारक बिना वीज़ा के दरबार साहेब जा सकते हैं.

    मान्यताओं के मुताबिक़, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक 1522 में करतारपुर आए थे. उन्होंने अपनी ज़िंदगी के आख़िरी 18 साल यहीं गुज़ारे थे. इस लिहाज़ से सिख धर्म में इसे बेहद पवित्र माना जाता है.

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    Video caption: करतारपुर कॉरिडोर पर क्या मांग कर रहे भारत-पाकिस्तान के अवाम

    करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत आज से दो साल पहले हुई थी.

  6. सिद्धू और पंजाब के सीएम चन्नी की केंद्र से मांग, दोबारा खोलें करतारपुर कॉरिडोर

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    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोले जाने की अपील की है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "इस महीने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के पवित्र मौके पर करतारपुर कॉरिडोर को खोलेने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से फिर से अपील करता हूं. मैंने इस बारे में पिछले महीने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह दोनों को ही चिट्ठी लिख कर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के लिए तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान जाने की इजाजत देने की मांग की है."

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    करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत की दूसरी सालगिरह के मौके पर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी गुरदासपुर ज़िले के डेरा बाबा नानक में दर्शन स्थल पर गए.

    इस जगह से तीर्थयात्री पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल ज़िले में स्थित करतारपुर साहिब का दर्शन करते हैं.

    सिद्धू ने कहा, "मैं तो बाबा नानक का बस एक डाकिया था जिसने उनका संदेश दिया और करतारपुर कॉरिडोर खुल गया."

    दूरबीन की मदद से ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दर्शन के बाद सिद्धू ने वहां प्रार्थना की और कहा, "मैंने बाबा नानक से कॉरिडोर फिर से खुलवाने की प्रार्थना की. मैं उनका आशीर्वाद फिर से मांगता हूं क्योंकि उन्हीं की शक्ति की वजह से ये कॉरिडोर खोला गया था."

    उन्होंने कहा कि दर्शन स्थल तक आने वाले 75 फ़ीसदी लोगों के पास पासपोर्ट नहीं होते हैं. हर दिन यहां लगभग पांच हज़ार लोग प्रार्थना के लिए आते हैं. डेढ़ साल भर पहले लैंड पोर्ट अथॉरिटी ने एक ऊंचा प्लेटफॉर्म बनाने का वादा किया था ताकि समुदाय के लोग करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सकें. भारत के गृहमंत्री से मेरी दरख्वास्त है कि वे संगत ये प्लेटफॉर्म दें.

    "मैं इस बारे में केंद्र को चिट्ठी लिखूंगा कि अगर कोई समस्या हो तो वे राज्य सरकार को बता सकते हैं. मैं आपको गारंटी देता हूं कि पंजाब सरकार इस पर प्राथमिकता के साथ काम करेगी."

    "यहां चार से पांच दूरबीनें होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि कॉरिडोर खुला रहे. अगर किसी वजह से ये इसे बंद रखा जाता है तो करतारपुर साहिब के खुले दर्शन दीदार के लिए दर्शन स्थान को हरेक के लिए खुला रखा जाना चाहिए."

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    इमरान ख़ान ने क्या कहा?

    करतारपुर कॉरिडोर की दूसरी सालगिरह के मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी बयान दिया है.

    इमरान ख़ान ने कहा, "करतारपुर कॉरिडोर की आज दूसरी सालगिरह है. धार्मिक सौहार्द का ये गलियारा भारत के सिख समुदाय के लोगों को उनके मजहब के सबसे पवित्र स्थलों में से एक के दर्शन का विशेष रास्ता मुहैया कराता है. करतारपुर कॉरिडोर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक सौहार्द के प्रति मेरी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखलाता है."

    "हम ये प्रतिबद्धता ऐसे समय में दिखा रहे हैं जब हम कश्मीरियों, भारतीय मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों का भारत की हिंदुत्व विचारधारा वाली बीजेपी सरकार के द्वारा सुनियोजित तरीके से दमन होते हुए देख रहे हैं. हमारे क्षेत्र में आज शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा भारत सरकार का रवैया है."

  7. करतारपुर साहिब

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का प्रबंधन ग़ैर-सिख समिति को दिए जाने पर ऐतराज़ जताया था.

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  8. प्रतीकात्मक तस्वीर

    असम की बीजेपी सरकार राज्य के मूलनिवासी मुसलमानों की पहचान करने जा रही.

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  9. मोहम्मद ज़ुबैर ख़ान

    पत्रकार, बीबीसी उर्दू के लिए

    राधेश सिंह

    "मुझे यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मैंने ख़ुद की और अपने बच्चों की जान बचाने के लिए पाकिस्तान छोड़ दिया है."

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  10. करतारपुर

    पाकिस्तान ने गुरु पर्व के दिन 20 डॉलर की फीस माफ़ कर दी थी फिर भी लोग नहीं पहुंचे.

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