आम आदमी पार्टी

  1. चीनी सैनिक

    चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार से अपने 10,000 सैनिकों को वापस बुला लिया है. प्रेस रिव्यू.

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  2. शाहीन बाग़ में गोली चलाने वाले कपिल गुर्जर की सदस्यता बीजेपी ने रद्द की

    शाहीन बाग़ में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चलाने के आरोपी कपिल गुर्जर को बीजेपी ने पार्टी में शामिल करने के बाद उनकी सदस्यता को रद्द कर दिया है.

    पार्टी के सदस्यों ने दलील दी है कि उन्हें कपिल के बैकग्राउंड का पता नहीं था.

    बुधवार को उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद में जब कपिल गुर्जर ने पार्टी की सदस्यता ली, तो आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के इस निर्णय की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया.

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    दरअसल, जब कपिल गुर्जर ने शाहीन बाग़ में खुलेआम गोलीबारी की थी, तब बीजेपी ने उन्हें 'आम आदमी पार्टी का आदमी' बताया था.

    बहरहाल, कपिल के बीजेपी में शामिल होने की ख़बर ने जब तूल पकड़ी, तो बीजेपी के ग़ाज़ियाबाद ज़िला संयोजक संजीव शर्मा ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि उन्हें कपिल के शाहीन बाग़ मामले में शामिल होने के बारे में पता नहीं था.

    उन्होंने नोट में लिखा, “महानगर कार्यालय में आज बसपा के कुछ लोगों को पार्टी से जोड़ा गया. इसी भीड़ में कपिल गुर्जर भी थे. शाहीन बाग़ मामले में उनकी भागीदारी के बारे में हमें मालूम नहीं था. पार्टी को जब इसका पता चला तब हमने उनकी सदस्यता रद्द कर दी.”

  3. अनंत प्रकाश

    बीबीसी संवाददाता

    अरविंद केजरीवाल

    बीजेपी, कांग्रेस और अकाली इस आक्रामकता को 'केजरीवाल की अवसरवादिता' करार दे रहे हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी का दावा है कि वो किसानों के साथ उस दिन से खड़ी है जब से ये क़ानून लोकसभा और राज्य सभा में पास किए गए थे.

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  4. Video content

    Video caption: बीजेपी-आप सरकार के बीच सियासी लड़ाई स्कूलों पर बहस तक पहुंची

    आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया और भाजपा-आप के बीच सियासी तकरार शुरू हो गई.

  5. केजरीवाल ने केंद्र से पूछा, "और कितने किसानों की शहादत चाहिए आपको?"

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    नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला.

    इतना ही नहीं, उन्होंने अपना विरोध ज़ाहिर करने के लिए दिल्ली विधानसभा में कृषि क़ानूनों की प्रतियाँ भी फाड़ दीं.

    दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने भी सदन में किसानों के साथ अपनी एकजुटता ज़ाहिर की और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए.

    केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान जान गँवाने वाले किसानों को ‘शहीद’ कहा और केंद्र सरकार से पूछा कि आख़िर वो कब किसानों की बात सुनेगी.

    उन्होंने कहा, “अब तक 20 किसान शहीद हो चुके हैं. लगभग रोज़ एक किसान शहीद हो रहा है. मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूँ कि आपको और कितनी शहादत चाहिए? आप कितने और किसानों की जान लोगे, इससे पहले कि आप उनकी बात सुन सको.”

    केजरीवाल ने किसानों के मौजूदा आंदोलन की तुलना आज़ादी से पहले साल 1907 में पंजाब के किसानों के ‘पगड़ी सँभाल जट्टा’ आंदोलन से की.

    उन्होंने कहा कि 1907 का आंदोलन भी अंग्रेज़ों के तीन क़ानूनों के ख़िलाफ़ हुआ था और अंग्रेज़ों ने नौ महीने में पंजाब के किसानों के सामने घुटने टेक दिए थे.

    केजरीवाल ने कहा, “मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूँ कि आप कम से कम अंग्रेज़ों से बदतर तो मत बनो. अंग्रेज़ों ने नौ महीने में क़ानून वापस लिया, आप 20 दिन में ले लो.”

    उन्होंने आरोप लगाया कि नए कृषि क़ानून भारतीय जनता पार्टी के चुनावों की फ़ंडिंग करने के लिए बनाए गए हैं क्योंकि पार्टी ने चुनाव बेहद महँगा कर दिया है.

    केजरीवाल ने कहा, “केंद्र सरकार कह रही है कि किसानों को भ्रमित किया जा रहा है. मैं कहता हूँ कि किसानों को नहीं बल्कि भाजपाइयों को भ्रमित किया जा रहा है. सारे भाजपाइयों को अफ़ीम खिला दी गई है और कहा जा रहा है कि रटकर कृषि क़ानून के फ़ायदे बोलो.”

    दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार किसानों के बॉर्डर आने के समय से ही उनका समर्थन करती नज़र आ रही है.

    इससे पहले दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की उस माँग को ठुकरा दिया था जिसमें दिल्ली स्थित स्टेडियमों को अस्थायी जेल में तब्दील करने की बात कही थी.

    अरविंद केजरीवाल
  6. रोहित जोशी

    देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए

    मनीष सिसोदिया

    उत्तराखंड की राजनीति पर नज़र रखने वाले जानकारों का मानना है कि आम आदमी पार्टी के आने से यहां राजनीति के समीकरण बदल सकते हैं.

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  7. कांग्रेस को टेंट लगाने की जगह नया अध्यक्ष चुनना चाहिए: संबित पात्रा

    संबित पात्रा

    बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके कहा कि कांग्रेस पार्टी को किसान आंदोलन में टेंट लगाने की जगह अपना नया अध्यक्ष चुनना चाहिए, इसके अलावा उन्होंने अरविंद केजरीवाल के एकदिन के उपवास पर भी टिप्पणी की.

    संबित पात्रा ने कहा, “किसानों की लड़ाई दरअसल राजनीतिक गुटों की लड़ाई हो गई है. कैप्टन अमरिंदर सिंह और अरविंद केजरीवाल के ट्वीट देखिए. कुर्सी पर कौन बैठेगा, बिना रिफ़ॉर्म किए इसकी लड़ाई चल रही है. दोनों एक दूसरे को ढोंगी कह रहे हैं, इनको किसानों से कोई मतलब नहीं है.”

    संबित पात्रा ने कहा कि यह भूख हड़ताल नींबू-पानी से मिटने वाली नहीं है क्योंकि यह सत्ता की भूख है जो कुर्सी से मिटती है.

    उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब चुनाव में अपने घोषणापत्र में कहा था कि वो बिचौलियों को ख़त्म कर देंगे और केजरीवाल की क़लम से यही कृषि क़ानून इसी वर्ष दिल्ली में नोटिफ़ाई किया गया है और फिर जाकर वही भूख हड़ताल कर रहे हैं.

  8. पुलिस हिरासत में लिए गए आप नेता राघव चड्ढा

    आप नेता राघव चड्ढा

    आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वो दिल्ली नगर निगम में फंड के दुरुपयोग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने जा रहे थे.

    गृह मंत्री के घर के अलावा पार्टी ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर के बाहर भी प्रदर्शन करने की घोषणा की है. इसका नेतृत्व पार्टी की विधायक आतिशी मार्लेना करेंगी.

    पार्टी का आरोप है कि एमसीडी में 2500 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए.

    शनिवार को राघव चड्ढा ने गृह मंत्री के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस से इजाज़त मांगी थी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया.

    दिल्ली पुलिस ने जवाब दिया, ‘‘गृह मंत्री के घर के बाहर किसी भी तरह की सभा की अनुमति नहीं है. आपके अनुरोध पर विचार करने के बाद उसे खारिज कर दिया गया है. आपसे दिल्ली पुलिस को सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है.’’

    पुलिस ने कहा है, ‘‘कोविड-19 महामारी को रोकने और नियंत्रित करने के लिए राजधानी दिल्ली में सभी सामाजिक/ शैक्षणिक/ खेल/ मनोरंजन/ सांस्कृतिक/ धार्मिक/ राजनीतिक कार्यों/ अन्य सभाओं को 31.12.2020 तक प्रतिबंधित कर दिया गया है.’’

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  9. किसान आंदोलन

    इसी बीच ख़बर यह भी है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज ही कुछ किसान नेताओं को मुलाक़ात करने के लिए बुलाया है.

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  10. नाइजीरिया हमला

    नाइजीरिया के राष्ट्रपति ने इस हमले को ‘पागलपन’ करार दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने धान के खेतों में काम कर रहे खेतिहर मज़दूरों को बांधकर उनके गले काट दिये.

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