राहुल गांधी

  1. शुरैह नियाज़ी

    भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए

    मज़दूरों से राहुल गांधी की मुलाक़ात

    उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जिन 14 मज़दूरों की राहुल गांधी ने मदद की, वो क्या कहते हैं.

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  2. राहुल गांधी के मज़दूरों से मिलने को केंद्रीय मंत्री ने बताया ‘फ़ोटो-ऑप'

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    दिल्ली में प्रवासी मज़दूरों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मिलने को केंद्रीय मंत्री आर.के सिंह ने ‘फ़ोटो-ऑप’ (तस्वीर खिंचवाने का मौक़ा) बताया है.

    उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी को आज 50 दिनों बाद प्रवासी मज़दूरों की याद आ रही है.

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रवासी मज़दूरों के लिए खाने-पीने, उनके घर जाने की व्यवस्था कर रही है और आगे भी उनकी सरकार करेगी.

  3. दिल्ली में प्रवासी मज़दूरों से सड़क पर राहुल गांधी की मुलाक़ात

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज दिल्ली में अपने घरों की ओर पैदल जा रहे प्रवासी मज़दूरों के साथ मुलाक़ात की.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, ये मज़दूर सुखदेव विहार फ़्लाइओवर पर चलते हुए अपने गृह राज्यों की ओर जा रहे थे तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इनसे मुलाक़ात की.

    मज़दूरों से मुलाक़ात की तस्वीरों को कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा है कि लोगों का दर्द सिर्फ़ वही नेता समझ सकते हैं जो उनकी परवाह करते हैं.

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    राहुल गांधी की तस्वीरों को उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया है.

    उन्होंने इस पर लिखा है कि ये मज़दूर हमारे लोग हैं और इनकी पीड़ा को समझना होगा, इन्हें अकेला नहीं छोड़ा जा सकता.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़तूफ़ान आया नहीं, आने वाला है - राहुल गांधी

    राहुल गांधी

    राहुल गांधी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जिसमें देश भर के पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे. उनके प्रेस कॉन्फ़्रेंस की मुख्य बातें -

    • तूफ़ान आया नहीं है, आने वाला है, ज़बरदस्त आर्थिक नुक़सान होने वाला है. इसमें सबको चोट लगेगी.
    • केंद्र के आर्थिक पैकेज में कर्ज़ की बात है मगर इससे माँग नहीं शुरू होने वाली है, अगर हमने पैसा नहीं दिया और माँग तेज़ नहीं हुई तो बहुत बड़ा आर्थिक नुक़सान देश को होने जा रहा है, वो कोरोना से भी बड़ा नुक़सान होगा. पैसा जब तक जनता की ज़ेब तक नहीं जाएगा, तब तक समस्या दूर नहीं होगी. प्राथमिकता होनी चाहिए कि ये ज़रूरी है कि पैसा सीधे ग़रीबों की जेब तक पहुँचे. इस पैकेज की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए.
    • अभी की स्थिति ऐसी है कि जिसमें डिमांड-सप्लाई दोनों बंद है. सप्लाई शुरू कर सकते हैं पर मांग का शुरू नहीं होना ज़्यादा ख़तरनाक है. इसके लिए लोगों की जेबों में पैसा देना होगा. ऐेसे समझें कि इंजिन चलाने के लिए तेल डालना ज़रूरी है, अगर तेल ही नहीं होगा तो इंजिन चालू नहीं होगा.
    • आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद भी लोगों के चेहरे पर बेचैनी है, तसल्ली नहीं है, इसकी वजह ये है कि ये क्रेडिट पैकेज है, पैसा नहीं दिया गया, पैसा मिलेगा मगर कर्ज़ की शक्ल में मिलेगा. जबकि ज़रूरत है कि पैसा अभी दिया जाए.
    • ये दोषारोपण का समय नहीं है, समस्या बहुत बड़ी है,मैं दोष मढ़ना नहीं चाहता, बीजेपी सरकार में है, तो औज़ार उनके पास ज़्यादा हैं, तो उनकी ज़िम्मेदारी ज़्यादा है. जो लोग रास्तों पर चल रहे हैं, उनकी मदद करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है. ये बहुत ज़रूरी है कि हम उनको पैसा दें, उनका हाथ थामें.
    • लॉकडाउन हटाना है मगर बहुत होशियारी और समझदारी से हटाना है, ये ऐसा नहीं है कि कोई आयोजन है, ये एक जटिल प्रक्रिया है, हम बुज़़ुर्ग लोगों की क़ुर्बानी नहीं दे सकते, जो दिल के मरीज़ हैं, किडनी के मरीज़ हैं, फेफड़ों के मरीज़ हैंं, हम उनकी क़ुर्बानी नहीं दे सकते. अगर हमने बिना सोचे-समझे लॉकडाउन हटा लिया तो ज़बरदस्त नुक़सान होगा.
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  5. मोती लाल वोरा

    प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत यह प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा और एजेएल के नाम जारी किया गया है.

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  6. तेल

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि अभी तक कोरोना का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है.

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  7. राहुल गांधी - अभिजीत बनर्जी

    राहुल गांधी की बातचीत में अभिजीत बनर्जी का सबसे ज़्यादा ज़ोर इस बात पर रहा कि सरकार लोगों के हाथ में पैसा दे.

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  8. राहुल गांधी ने आरोग्य सेतु ऐप पर उठाए सवाल

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट करके आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल खड़े किए हैं.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि यह एक जटिल निगरानी प्रणाली है, जिसे एक प्राइवेट ऑपरेटर से आउटसोर्स किया गया है जिस पर कोई संस्थागत निरीक्षण नहीं है जो इसकी गंभीर डेटा सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को उठा सके.

    कांग्रेस नेता ने लिखा है, “तकनीक हमें सुरक्षित रख सकती है लेकिन बिना लोगों की सहमति के उनके भय का लाभ लेकर उनको ट्रेक नहीं करना चाहिए.”

    ग़ौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, सरकारी और ग़ैर-सरकारी कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य है.

    इस आरोग्य ऐप को लेकर सरकार का प्रावधान क्या है और इस पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं, यह आप हमारी इस स्टोरी में पढ़ सकते हैं. इस ऐप को डाउनलोड करने से क्या आप कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हो जाते हैं या नहीं, ये भी जानिए.

  9. अपर्णा द्विवेदी

    वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

    राहुल गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी इससे पहले भी कई बार वापसी कर चुके हैं लेकिन उनका जलवा ज़्यादा दिन नहीं टिकता.

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  10. राहुल गांधी और रघुराम राजन

    राहुल गांधी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से मौजूदा आर्थिक संकट पर बातचीत की है.

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