पी चिदंबरम

  1. 2021 तक वयस्कों का टीकाकरण केवल जुमला- मोदी सरकार पर चिदंबरम का हमला

    पी चिदंबरम

    कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार को टीकाकरण कार्यक्रम पर आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि इस वर्ष के अंत तक सभी वयस्कों के टीकाकरण का वादा केवल जुमला है.

    चिदंबरम ने कहा- "वैक्सीन की कमी एक सच्चाई है. वैक्सीन उत्पादन अतिशयोक्ति है. वैक्सीन आयात एक रहस्य है. दिसंबर 2021 तक पूरी वयस्क आबादी का टीकाकरण, खाली जुमला है. क्या नए स्वास्थ्य मंत्री @mansukhmandviya टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में देश को बताएंगे?."

    चिदंबरम ने आरोप लगाया कि देश में वैक्सीन की भारी कमी है.

    उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा- "ओडिशा ने बताया है कि 30 में से 24 जिलों में टीकों की कमी हो गई है. ओडिशा भाजपा के सहयोगी बीजद द्वारा शासित है. वैक्सीन की कमी की शिकायतों को खारिज करने वाली केंद्र सरकार का अब क्या कहना है?"

    चिदंबरम ने नए स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया- ओडिशा के बाद अब दिल्ली में वैक्सीन ख़त्म हो गई है. क्या नए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया बताएँगे कि वो कैसे राज्यों को वैक्सीन की नियमित, पर्याप्त व निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे."

    कांग्रेस टीकाकरण पर केंद्र सरकार की लगातार आलोचना करते हुए आरोप लगाती रही है कि इसकी गति धीमी है.

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  2. मोदी सरकार के आर्थिक राहत पैकेज पर राहुल गांधी बोले, ये ढकोसला है

    राहुल गांधी

    कोरोना महामारी से जूझ रही अर्थव्यवस्था को उबारने में मदद पहुंचाने के लिए मोदी सरकार के राहत पैकेज को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को ढकोसला बताया है.

    उन्होंने ट्विटर पर कहा, "वित्त मंत्री के 'आर्थिक पैकेज' को कोई परिवार अपने रहने-खाने-दवा-बच्चे की स्कूल फ़ीस पर ख़र्च नहीं कर सकता. पैकेज नहीं, एक और ढकोसला."

    कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी निर्मला सीतारमण के नए आर्थिक पैकेज की आलोचना की है.

    उनका कहना है कि मौजूदा संकट का केवल एक ही हल है और वो ये है कि लोगों के हाथ में पैसा पहुंचाया जाए, ख़ासकर ग़रीब और कम आमदनी वाले लोगों के हाथों में.

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    पी चिदंबरम ने कहा, "कुछ प्रारंभिक सत्य: क्रेडिट गारंटी क्रेडिट नहीं है. क्रेडिट अधिक कर्ज है, कर्ज में डूबे कारोबार को कोई बैंकर कर्ज नहीं देगा. कर्ज के बोझ तले दबे या नकदी की कमी से जूझ रहे कारोबारियों को ज्यादा कर्ज नहीं चाहिए, उन्हें गैर-क्रेडिट पूंजी की जरूरत होती है."

    "अधिक आपूर्ति का मतलब अधिक मांग (खपत) नहीं है. इसके विपरीत, अधिक मांग (खपत) अधिक आपूर्ति को गति प्रदान करेगी."

    "ऐसी अर्थव्यवस्था में मांग (खपत) नहीं बढ़ेगी जहां नौकरियां चली गई हैं और आय/मजदूरी कम हो गई है. इस संकट के समय में लोगों के हाथ में पैसा डालने की जरूरत है, खासकर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लिए."

  3. ओवैसी ने नताशा, देवांगना और आसिफ़ को लेकर चिदंबरम को आडे़ हाथों लिया

    ओवैसी

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े यूएपीए मामले में पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ताओं देवांगना कलिता और नताशा नरवाल और जामिया के छात्र आसिफ़ इक़बाल तन्हा को ज़मानत मिलने पर जब देश के पूर्व गृह मंत्री पी. चिंदबरम ने उनके साहस की प्रशंसा की तो एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चिदंबरम को आड़े हाथों लिया.

    ओवैसी ने ट्वीट करके यूएपीए जैसे कठोर क़ानून बनाने को लेकर पी. चिदंबरम की आलोचना की है.

    ओवैसी ने दो ट्वीट किए हैं. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “केवल तीन निरर्थक ट्वीट. जो ज़रूरी चीज़ है, उस पर एक शब्द भी नहीं बोला गया. पी. चिदंबरम जादुई शब्द बोलिए: यूएपीए. आपने ही यूएपीए में संशोधन किया जिससे अनगिनत मुसलमानों और आदिवासियों की ज़िंदगियां तबाह हुईं. जब बीजेपी ने यूएपीए में संशोधन कर इसे और बदतर किया तो आपकी पार्टी ने राज्यसभा में साथ देने में कोई देरी नहीं की.''

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    अगले ट्वीट में ओवैसी ने लिखा, “इन तीन युवाओं- नताशा, देवांगना और आसिफ़ से बीजेपी, कांग्रेस को माफ़ी मांगनी चाहिए न कि भारतीयों को प्रताड़ित करने और अनुचित तरीक़े से जेल भेजने के लिए ज़िम्मेदार लोग महज़ औपचारिकता पूरी करें.

    कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ट्वीट करके नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ़ इक़बाल तन्हा का स्वागत करते हुए कहा था कि ‘आप लोग उदासीनता और जड़ता के रेगिस्तान में आशा की हरियाली हैं.’

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    पी. चिदंबरम ने अगले ट्वीट में लिखा कि ‘यह दुखद है कि अदालतें पुलिस पर जितनी सख़्त कार्रवाई करती हैं, उनके मालिक उतने ही अधिक दमनकारी होते जाते हैं. आख़िरकार सत्य की जीत होती है.’

  4. ब्रेकिंग न्यूज़कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी की अब तक रिहाई न होने पर चिदंबरम ने किया ट्वीट

    कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से अतंरिम ज़मानत मिलने के बाद शनिवार देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट करके पूछा है कि फ़ारूक़ी को अब तक रिहा क्यों नहीं किया गया है?

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    उन्होंने ट्वीट में लिखा, “मुनव्वर फ़ारूक़ी को अब तक जेल से रिहा क्यों नहीं किया गया है जबकि सुप्रीम कोर्ट से कल सुबह उनको अंतरिम ज़मानत दी जा चुकी है.”

    उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, “इस आदेश को जारी हुए तक़रीबन 30 घंटे हो चुके हैं. अभी भी आदेश को एमपी पुलिस और जेल प्रशासन नज़रअंदाज़ कर रहा है. क्या यह एमपी के मुख्यमंत्री की जानकारी में या उनकी जानकारी के बिना हो रहा है?”

  5. टीम बीबीसी

    दिल्ली

    योगी आदित्यनाथ

    यूपी सरकार और पुलिस हाथरस मामले को साज़िश क़रार दे रही है. हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले आए हैं जब किसी घटना के बाद कहा गया कि ये साज़िश थी.

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  6. भरनी धरन

    बीबीसी तमिल

    भारत के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम

    पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर महामारी से निपटने में असफल होने और अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने का आरोप लगाया है.

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  7. अनंत प्रकाश

    बीबीसी संवाददाता

    मोदी

    पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को केंद्र सरकार की ओर से आए 20 लाख करोड़ के पैकेज़ को नाकाफ़ी बताया है.

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  8. पैकेज में ग़रीबों, प्रवासी मज़दूरों के लिए कुछ नहीं - चिदंबरम

    कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है वित्त मंत्री ने आर्थिक पैकेज का जो ब्यौरा दिया है उसमें लाखों ग़रीबों और भूखे अपने घरों को पैदल लौटते मज़दूरों के लिए कुछ भी नहीं है.

    चिदंबरम ने साथ ही सवाल किया, "वित्तमंत्री ने 20 लाख करोड़ के पैकेज में से केवल 3.6 करोड़ रूपए का ब्यौरा दिया है, बाकी का 16.4 करोड़ रूपया कहाँ गया."

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  9. नवीन नेगी

    बीबीसी संवाददाता

    अमित शाह

    एनपीआर, एनआरसी और नागरिकता क़ानून जैसे मुद्दे अमित शाह से पहले पी चिदंबरम ने गृह मंत्री रहते उठाए थे.

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  10. पी चिदंबरम

    आईएनएक्स मामले में तिहाड़ जेल से बाहर आने के अगले दिन पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला.

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