तालिबान

  1. एस जयशंकर

    भारत वार्ता का हिस्सा नहीं था लेकिन दोशान्बे में हो रही शांति वार्ता में वो शामिल है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अफ़गानिस्तान में शांति की स्थापना के लिए ज़रूरी है कि उसके आसपास के क्षेत्र में भी शांति कायम रहे.

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  2. अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया में भारत की भागीदारी बढ़नी चाहिए: अफ़ग़ान विदेश मंत्री

    अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ़ अतमार इन दिनों भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली आए हुए हैं.अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ़ अतमार ने भारतीय नेतृत्व से अफ़ग़ानिस्तान में जारी शांति और सुलह प्रक्रिया में भारत की बड़ी भूमिका की माँग की है.

    भारत के दौरे पर दिल्ली पहुँचे हनीफ़ अतमार ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने के बाद मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाक़ात की.अफ़ग़ान विदेश मंत्री ने 'राष्ट्रपति ग़नी की नई शांति योजना', अफ़ग़ानिस्तान के अंदर चल रही बातचीत प्रक्रिया और पिछले हफ़्ते मॉस्को में हुई 'विस्तारित तिकड़ी' वार्ता के बारे में भारत को बताया है.राजधानी दिल्ली में आधिकारिक मुलाक़ातों के बाद भारतीय महिला पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान की शांति और सुरक्षा में भारत का वैध हित है और हम चाहते हैं कि इस प्रक्रिया में भारत की बड़ी भूमिका हो."

    उन्होंने बताया कि उनका देश यह सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों का सुरक्षित आश्रय न बन सके.

    माना जाता है कि अगर तालिबान से युद्ध विराम के लिए सहमति हो जाती है, तो साल भर के भीतर वहां नए चुनाव हो जाएंगे. इसके बाद चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंप दी जाएगी.

    इसके उलट अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन के एक लीक हुए पत्र के अनुसार अमेरिका का प्रस्ताव है कि बातचीत के ज़रिए चुनाव से पहले दोनों पक्षों की एक मिली-जुली अंतरिम सरकार का गठन हो.

  3. काबुल पहुंचे अमेरिकी रक्षा मंत्री

    अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन अचानक बिना बताए अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे हैं.

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    अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और रूस जैसी तमाम महाशक्तियों की दिलचस्पी की वजह क्या है?

  5. प्रवीण शर्मा

    बीबीसी हिंदी के लिए

    दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ (फ़ाइल फ़ोटो)

    इस बातचीत में भारत को एक स्टेकहोल्डर के तौर पर मान्यता मिलना भारत की एक बड़ी उपलब्धि है. अब तक अफ़ग़ान शांति वार्ता में भारत को वैसी भूमिका नहीं मिल पा रही थी जिसकी माँग वो कर रहा था.

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    Video caption: आख़िर अफ़ग़ानिस्तान में कब आएगी शांति?

    ट्रंप के राष्ट्रपति रहते अमरीका ने तालिबान से समझौता किया था.

  7. अशरफ़ ग़नी

    बीबीसी को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में अफ़ग़ानिस्तान के राषट्रपति अशरफ़ ग़नी ने कई अहम मुद्दों पर बात की और कहा कि अब वक़्त कड़े फ़ैसले का है.

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    Video caption: अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के हमले सहने वाली सबा सहर की कहानी

    सबा सहर की हत्या की कोशिश की गई थी. वो अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस अफ़सर, एक्टर और डायरेक्टर हैं.

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    Video caption: COVER STORY: अमन की राह देखता यमन?

    सालों से जंग में जलते यमन में शांति बहाल करने में क्या जो बाइडन होंगे कामयाब और क्या ख़त्म होगी यमन के लोगों की मुश्किलें

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    Video caption: जानिए क्यों ये महिला तालिबानी हमले की शिकार बनी थीं.

    शांतिवार्ता के बीच भी सबा जैसे कई लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं.