पुलिस

  1. अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको

    ऐसा माना जा रहा है कि अब लुकाशेंको के सबसे करीबी सहयोगी माने डाने वाले रूस ने भी उन पर दबाव डालना शुरू कर दिया है.

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  2. लाठी-पानी-आँसू गैस खाकर दिल्ली पहुँचे किसान, 'भ्रम' दूर करने को तैयार सरकार

    किसान

    तीन दिनों तक लगातार मार्च करते, कँपकँपाती सर्दी में पानी की बौंछारे झेलते, लाठियों की मार और आँसू गैस के गोलों का सामना करते, आख़िरकार पंजाब और हरियाणा से बड़ी संख्या में किसानों का समूह देश की राजधानी दिल्ली पहुँच गया है.

    ये किसान केंद्र सरकार के नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं और सरकार से उनकी चिंता पर ग़ौर करने की अपील कर रहे हैं.

    सरकार ने बैरिकेडिंग लगाकर और भारी सुरक्षाबल तैनात करके किसानों के जत्थे को रोकने की तमाम कोशिशें की लेकिन आख़िरकार वो दिल्ली तक पहुँचने में कामयाब रहे.

    किसानों को दिल्ली में कुछ तय जगहों पर प्रदर्शन करने की इजाज़त इसलिए भी मिल सकी क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार ने कुछ स्टेडियमों को अस्थायी जेल बनाने की केंद्र सरकार की माँग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि किसानों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं और उनकी माँगे जायज़ हैं.

    किसान नेताओं से कई राउंड की बातचीत और सरकार से कई बार विचार-विमर्श के बाद दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी मैदान और निरंकारी मैदान में ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ की अनुमति दे दी है.

    इधर, केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़्वी ने कहा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार किसानों के हितों के लिए समर्पित है, समर्पित थी और हमेशा समर्पित रहेगी.’

    उन्होंने कहा, “अगर किसानों को कुछ भी भ्रम है, तो सरकार के दरवाज़े बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं. हमने कांग्रेस की तरह नो एंट्री का बोर्ड नहीं लगाया है.’’

    इससे पहले भारत के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था, “नये कृषि क़ानूनों से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे. क़ानूनों को लेकर अगर किसी में भ्रम है, तो उस पर चर्चा करने के लिए सभी किसान यूनियनों को तीन दिसंबर को दोबारा बुलाया गया है.”

    तोमर ने किसानों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की थी.

  3. Video content

    Video caption: किसानों के आंदोलन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा फ़ैसला

    दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली आने की इजाज़त दे दी है, जानिए किस जगह प्रदर्शन कर सकते हैं किसान.

  4. पानीपत पार करके दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं किसान

    किसान

    हरियाणा के पानीपत में मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा और पीयूष नागपाल ने अभी-अभी जानकारी दी है कि रोके जाने की तमाम कोशिशों के बावजूद विरोध प्रदर्शन करते किसानों के समूह पानीपत पार करते दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं.

    बड़ी संख्या में किसान देर रात भी लगातार मार्च कर रहे हैं.

    इधर, हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि हरियाणा पुलिस किसानों के साथ 'काफ़ी संयमित' तरीके से पेश आई जबकि किसानों ने पुलिस पर हमला किया.

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  5. दिव्या आर्य

    बीबीसी संवाददाता

    महिलाओं के साथ यौन हिंसा

    2012 के दिल्ली गैंग रेप यानी निर्भया मामले के बाद, बलात्कार को लेकर सख़्त क़ानून बनाए गए और कड़ी सज़ा का प्रावधान भी किया गया लेकिन क्या इसका असर हो रहा है?

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  6. माजिद जहाँगीर

    कठुआ, जम्मू से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पीड़ित बच्ची की मां

    तीन साल पहले जम्मू के कठुआ में एक आठ साल की बच्ची का गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.

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  7. जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों ने इस सुरंग का पता लगाया है

    पुलिस के डीजीपी ने बताया कि इसका इस्तेमाल भारत में उन चरमपंथियों को भेजने के लिए किया गया था जो नागरोटा में गुरुवार को मारे गए थे.

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  8. जुवेनाइल पुलिस डिवीज़न

    राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सहयोग से देश का पहला जुवेनाइस पुलिस डिवीज़न त्रिची में खोला गया है.

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  9. Video content

    Video caption: दिल्ली पुलिस की सीमा ढाका ने खोजे 76 गुमशुदा बच्चे, मिला प्रमोशन

    दिल्ली पुलिस की सीमा ढाका को पुलिस कमिश्नर ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर का रैंक दे दिया है.

  10. चिंकी सिन्हा

    फूलन देवी के गांव से लौट कर, बीबीसी हिंदी के लिए

    फूलन देवी

    फूलन देवी के साथ जो कुछ हुआ उसे क़रीब 40 बरस बीत गए. लेकिन उनके गांव से हाथरस के बीच पांच घंटे और चालीस बरस लंबा यह फ़ासला आज भी कायम है. यह फ़ासला है न्याय और नाइंसाफी के बीच का, लोगों के बीच का और दो समुदायों के बीच का.

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