अर्थव्यवस्था

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईमानदारी से टैक्स चुकाने वालों के लिए कई महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं.

    और पढ़ें
    next
  2. ब्रेकिंग न्यूज़कोरोना संकट: ब्रिटेन बुरी तरह मंदी की गिरफ़्त में

    कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के बाद ब्रिटेन अब आधिकारिक तौर पर आर्थिक मंदी की गिरफ़्त में है. अप्रैल और जून के बीच में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है.

    जनवरी-मार्च के मुकाबले अप्रैल-जून में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 20.4 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

    लॉकडाउन के दौरान पाबंदियों की वजह से दुकानें बंद थीं और इसलिए घरेलू सामानों की खपत और बिक्री भी कम हुई. फ़ैक्ट्रियों में होने वाले उत्पादन और निर्माण कार्य में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है.

    इन सभी वजहों से ब्रिटेन साल 2009 के बाद पहली बार इतनी बुरी तरह आर्थिक मंदी की चपेट में है.

    ब्रिटेन के ऑफ़िस फ़ॉर नेशन स्टैटिस्टिक्स (ओएनएस) ने उम्मीद जताई है कि जून के बाद से अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी क्योंकि अब लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दी जा चुकी है.

    बताया गया है कि मंदी की सबसे ज़्यादा मार हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर पड़ी है.

    ब्रिटेन
  3. सिंगापुर

    सिंगापुर की चौड़ाई महज 48 किलोमीटर में सिमटी हुई है. यह देश न्यूयॉर्क के आधे क्षेत्रफल से भी छोटा है. आबादी भी महज 55 लाख है. लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में इस इलाक़े का कोई देश सामने नहीं टिकता है.

    और पढ़ें
    next
  4. सौतिक विश्वास

    बीबीसी संवाददाता

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह

    मनमोहन सिंह ने इस हफ़्ते बीबीसी से ईमेल के ज़रिए बातचीत की है. इस बातचीत में मनमोहन सिंह ने कोरोना संकट को रोकने और आने वाले वर्षों में आर्थिक स्थितियां सामान्य करने के लिए ज़रूरी तीन क़दमों का ज़िक्र किया है.

    और पढ़ें
    next
  5. ज़ुबैर अहमद

    बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

    नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग

    जनवरी से जून तक चीन से होने वाले आयात में कमी आई है. मगर दूसरी तरफ़ भारत से चीन को होने वाला निर्यात बढ़ गया है. तो ऐसा कैसे हो रहा है?

    और पढ़ें
    next
  6. केली मिल्स

    बहुत से लोग बाज़ार में निवेश करके जल्द पैसा कमाना चाहते हैं, लेकिन इसके ख़तरे क्या हैं?

    और पढ़ें
    next
  7. आलोक जोशी

    वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

    शक्तिकांत दास

    सवाल यह है कि जीडीपी बढ़ने की जगह घटेगी तो कितनी घटेगी? इस देश को कितनी बुरी ख़बर के लिए तैयार रहना चाहिए?

    और पढ़ें
    next
  8. कोरोना संकटः टोयोटा के मुनाफे में 98 फीसदी की गिरावट

    कोरोना

    कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण ऑटोमोबाइल कंपनी की बिक्री और आर्थिक सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ा है.

    टोयोटा मोटर कोर्पोरेशन की वैश्विक बिक्री महामारी के कारण गिरकर आधी हो गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ साल की पहली तिमाही में टोयोटा के मुनाफे में 98 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

    जापान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी को जून में ख़त्म हुई तिमाही में 13.9 अरब येन का मुनाफा हुआ है.

    साल 2011 की पहली तिमाही के बाद से ये कंपनी का सबसे ख़राब प्रदर्शन है. टोयोटा की बैलेंस शीट के आंकड़ें दुनिया भर की ऑटोमोबाइल सेक्टर की ख़राब हालत को बयान कर रहे हैं.

    कोरोना महामारी के कारण फैक्ट्रियां इस साल लंबे समय के लिए रहीं और ग्राहक डीलरशिप स्टोर्स से दूर रहे. इससे उत्पादन और बिक्री दोनों पर असर पड़ा है.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़कोरोना लॉकडाउन में बीएमडब्ल्यू को 787 मिलियन डॉलर का घाटा

    बीएमडब्ल्यू

    दूसरी तिमाही में 787 मिलियन डॉलर के नुक़सान के बावजूद लग्ज़री गाड़ियां बनाने वाली कंपनी बीएमडब्ल्यू को उम्मीद है कि वो इस साल फायदे में रहेगी. हालांकि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान कंपनी की गाड़ियों की बिक्री में बड़ी गिरावट देखी गई है.

    बीएमडब्ल्यू, मिनी और रॉल्स रॉयस जैसी लग्ज़री कारें बनाने वाली कंपनी ने बुधवार को बताया कि हालात में सुधार शुरू हो गया है और इसमें चीन भी शामिल है. लेकिन महामारी के दौरान बिक्री में जो कमी आई है, उसकी भरपाई इतनी जल्दी होती हुई नहीं दिखती.

    बीएमडब्ल्यू के शेयरों में तीन फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. कुछ जानकारों का कहना है कि कंपनी को इतने बड़े स्तर पर कमाई के घाटे की उम्मीद नहीं रही होगी.

    कंपनी ने भी कहा है कि भविष्य के लिए उसने जो अनुमान लगाए हैं, उसमें कोरोना महामारी की दूसरी लहर या बाज़ार में और अधिक मंदी जैसी बातों का ख्याल नहीं रखा गया है.

    महामारी से फिएट क्रिसलर, फोर्ड और डेमलर जैसी कंपनियों को ख़ासतौर पर नुक़सान पहुंचा है. और ये सब ऐसे वक़्त में हो रहा है जबक पारंपरिक ऑटो उद्योग कम प्रदूषण करने वाली टेक्नॉलॉजी के डेवलपमेंट पर अपना खर्च बढ़ा रहा है. इसकी वजह यूरोप के कड़े प्रदूषण नियंत्रक मानक हैं.

  10. अर्थव्यवस्था का सबसे ख़राब दौर बीत गया हैः वित्त मंत्रालय

    अर्थव्यवस्था
    Image caption: सांकेतिक तस्वीर

    मंगलवार को जारी की गई वित्त मंत्रालय की ताज़ा मासिक रिपोर्ट के अनुसार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सबसे बुरा समय बीत गया है.

    रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों में आहिस्ता-आहिस्ता दी गई ढील से अर्थव्यवस्था के कुछ सेक्टर्स में सुधार दिख रहा है.

    इन क्षेत्रों में औद्योगिक उत्पादन, ऊर्जा क्षेत्र, सीमेंट और स्टील सेक्टर, बंदरगाहों पर माल के आवागमन, एयर कार्गो और अन्य क्षेत्रों में सुधार देखा जा रहा है.

    आर्थिक मामलों के विभाग की तरफ़ से जारी की गई 37 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना मामलों के बढ़ने और राज्यों में लॉकडाउन की संभावना के लिहाज से जोखिम बना हुआ है.