लॉटरी जीतकर करोड़पति बने लोग कैसे हो जाते हैं कंगाल

  • 1 नवंबर 2018
नकदी इमेज कॉपीरइट Getty Images

एक अरब 53 करोड़ 70 लाख अमरीका डॉलर के मेगा मिलियन जैकपॉट में एक व्यक्ति की जीत हुई है.

लेकिन एक रिसर्च से पता चलता है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि ये विजेता इतना भाग्यशाली न हो.

इस जैकपॉट के लिए जुलाई में 25 ड्रॉ निकाले गए लेकिन इनमें से किसी भी ड्रॉ में कोई व्यक्ति विजेता नहीं बना.

इससे रक़म बढ़ती गई और ये दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इनामी राशि वाली लॉटरी बन गई.

सबसे बड़ी लॉटरी का रिकॉर्ड 2016 का है, जब पावरबॉल गेम 1.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया था.

मेगा मिलियन जैकपॉट के भी 1.6 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन टिकट मिलाए गए तो रक़म थोड़ी कम रह गई.

जैकपॉट जीतने की संभावना बहुत कम रहती है. एक अनुमान के अनुसार 30.3 करोड़ लोगों में से केवल एक. इससे 400 गुना ज्यादा संभावना इस बात की होती है कि आप पर बिजली गिर जाये.

यदि अमरीका का हर वयस्क नागरिक केवल एक टिकट खरीदे और उनके नंबर अलग हों तो भी इस बात की संभावना ज्यादा होती है कि ड्रॉ में कोई विजेता ना मिले और रक़म बढ़ती जाये.

अब विजेता के ऐलान और इनाम पर दावे के बाद एक दिलचस्प सवाल उठता है. वो सवाल ये है कि इनाम के पैसे और 'भाग्यशाली' टिकटधारक का होता क्या है?

रिसर्च दिखाती हैं कि अक्सर वो होता है, जिसकी आप उम्मीद नहीं करते.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

उम्मीद से छोटा इनाम

जैकपॉट देखने में जितना बड़ा लगता है, असल में उतना इनाम नहीं मिलता.

यदि कोई विजेता इनाम पर दावा करता है तो उसे अगले ही दिन 1 अरब 53 करोड़ 70 लाख डॉलर का चेक नहीं मिल जाएगा.

विजेता को 87.8 करोड़ डॉलर की एकमुश्त रक़म या अगले 30 साल में 1 अरब 53 करोड़ 70 लाख डॉलर की पूरी रक़म की अदायगी में से एक विकल्प चुनना होगा.

इस रक़म की वार्षिक अदायगी शुरुआत में कम होती है और धीरे-धीरे बढ़ती है.

इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा टैक्स में जाएगा. यदि विजेता फ़्लोरिडा या टेक्सास जैसे लॉटरी टैक्स से मुक्त राज्य का है और वो एकमुश्त रक़म चुनता है तो फ़ेडरल सरकार क़रीब 21.1 करोड़ डॉलर का टैक्स वसूलेगी. इस तरह विजेता के पास 66.7 करोड़ डॉलर ही रह जाएंगे.

एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार भाग्यशाली टिकट साउथ कैरोलाइना से ख़रीदा गया था. ये राज्य 7 फ़ीसदी लॉटरी टैक्स लेता है. इस तरह विजेता के पास 60.6 करोड़ डॉलर बचेंगे.

जैकपॉट अब छोटा दिखने लगा है, हालांकि अभी इसमें और बदलाव होने हैं.

आया हुआ पैसा कहाँ गया

सामान्य समझ कहती है कि लॉटरी जीतने से आपकी ज़िंदगी बदल जाएगी.

ऐसा सच होने की संभावना हमेशा रहती है, लेकिन शोध से पता चलता है कि आप जैसी उम्मीद करते हैं, वैसा नहीं होता.

अर्थशास्त्री गिडो इम्बेन्स और ब्रूस सैकर्डोट और सांख्यिकी विशेषज्ञ डोनल्ड रूबिन ने साल 2001 के पेपर में ये दिखाया था कि अप्रत्याशित पैसे को लोग बेतहाशा ख़र्च करते हैं. लॉटरी जीतने के 10 साल बाद उनके पास हर डॉलर के सिर्फ़ 16 सेंट ही बच पाए.

मेरे अपने रिसर्च में मैंने पाया कि 20, 30 या 40 साल के औसत व्यक्ति को विरासत में या तोहफ़े में जब कोई बड़ी रकम मिली तो उन्होंने ख़र्च या ख़राब निवेश के जरिए तुरंत अपने आधे पैसे गंवा दिए.

दूसरे शोध से पता चलता है कि लॉटरी जीतने से वित्तीय रूप से बेहाल लोगों को उनकी मुसीबतों से बचने में मदद नहीं मिली. इससे उनका दिवालियापन बस कुछ दिनों के लिए टल गया.

एक अन्य रिसर्च से पता चला कि एक तिहाई लॉटरी विजेता दिवालिया हो जाते हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सारा पैसा उड़ाना आसान नहीं

कोई लॉटरी विजेता कितनी जल्दी लाखों डॉलर उड़ा सकता है? ये कहना आसान नहीं है.

लॉटरी खिलाड़ियों के डेमोग्राफ़िक रिसर्च के मुताबिक लोग जब 30 से 39 साल की अवस्था में होते हैं, तब ज्यादा लॉटरी खेलते हैं. उम्र बढ़ने पर इसमें गिरावट आती है. अमरीका में एक औसत आदमी 79 साल जीवित रहता है.

मतलब ये कि यदि कोई लॉटरी विजेता महिला उम्र के चौथे दशक में है तो उसके पास क़रीब 90 करोड़ डॉलर खर्च करने के लिए 45 साल होंगे. यानी ख़र्च करने के लिए हर साल उसके पास करीब 2 करोड़ डॉलर या रोजाना 55 हजार डॉलर होंगे.

बैंक में पैसे रखने पर मिलने वाले ब्याज को जोड़ दें तो ये रक़म और बढ़ जाएगी.

सारे पैसे उड़ाने का मतलब है कि विजेता के पास कोई संपत्ति नहीं है. यदि वो आलीशान घर, बैंक्सी पेंटिंग्स, फ़ेरारी और एस्टन मार्टिन जैसी गाड़ियाँ खरीदने के लिए पैसे का उपयोग करता है उसका नेट वर्थ वास्तव में नहीं बदलेगा और वह अपनी दौलत बचाकर रिटायर हो पाएगा.

कुछ बचत किए बिना सारे पैसे उड़ाकर दिवालिया होने का मतलब है कि विजेता ने खर्च करके मौज़ करने के अलावा कुछ नहीं किया.

अरबपति से अदना

हंटिंग्टन हर्टफ़ोर्ड नाम के एक व्यक्ति ने ठीक ऐसा ही किया था.

हर्टफ़ोर्ड साल 1911 से लेकर 2008 तक जीवित रहे. वे 'द ग्रेट अटलांटिक एंड पैसिफ़िक टी' कंपनी के वारिस थे.

ये कंपनी अमरीकी सिविल वॉर से ठीक पहले शुरू हुई थी. इसे ए एंड पी (A&P) सुपरमार्केट चेन के लिए भी जाना जाता था.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption सत्तर साल पहले हरिंगटन हटफोर्ड को आज के हिसाब से 1.1 बिलियन डॉलर की संपत्ति मिली थी लेकिन आख़िरकार उन्हें खुद को दिवालिया घोषित किया.

ए एंड पी (A&P) अमरीका की पहली कोस्ट-टू-कोस्ट फ़ूड स्टोर थी. पहले विश्व युद्ध से लेकर 1960 के दशक तक अमरीकी ख़रीदारों के लिए ये आज के वॉलमार्ट जैसी थी.

हर्टफ़ोर्ड जब 12 साल के थे तब उनको करीब 9 करोड़ डॉलर की विरासत मिली थी.

मुद्रीस्फीति को जोड़ें तो आज ये रक़म 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा की बैठती है.

इतनी बड़ी विरासत मिलने के क़रीब 70 साल बाद 1992 में हर्टफ़ोर्ड को न्यूयॉर्क में दिवालिया घोषित कर दिया गया.

हर्टफ़ोर्ड ने जहाँ भी पैसा लगाया, वो डूब गया. रियल इस्टेट ख़रीदने में उन्होंने लाखों डॉलर गवां दिए. आर्ट म्यूजियम बनाने, थिएटर और शोज़ को स्पांसर करने में भी उनके बहुत सारे पैसे डूबे.

उनका व्यापार कौशल निम्न स्तर का था, लेकिन वह शाही ज़िंदगी जीते थे.

दिवालिया होने के बाद वो बहामास में अपनी बेटी के पास एकांतवासी होकर रहे.

तकदीर आपका साथ दे

हर्टफ़ोर्ड की कहानी के साथ अकादमिक शोध भी यह दिखाता है कि अचानक आया हुआ धन हमेशा खुशी नहीं देता. उस पैसे के उड़ जाने की संभावना अधिक रहती है.

यदि आप लॉटरी खेलते हैं और नहीं जीतते हैं तो मैं कामना करूंगा कि अगली बार तकदीर आपका साथ दे.

यदि आपने खेला है और जीत गए हैं तो मैं दुआ करूंगा कि तकदीर आपका और अधिक साथ दे.

एक महत्वपूर्ण सबक, आप लॉटरी खेलें या न खेलें, यदि आपको अचानक पैसा मिलता है या आप लॉटरी जीतते हैं तो आगे की योजना बनाएं और सारा पैसा ख़र्च करने के इंसानी लालच से बचकर रहें.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार