12 साल की इस लड़की ने टी शर्ट बेचकर कमाए डेढ़ करोड़

  • 21 दिसंबर 2018
12 साल की लड़की ने टी-शर्ट बेचकर कमाए दो लाख डॉलर

अमरीका के लॉस एंजिलस में अपने स्टोर के सामने कैमरे के लिए पोज़ देते हुए खेरिस रोजर्स कहती हैं, "मैं 12 साल की हूं. मैं "फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन" की सीईओ हूं."

वह सच कह रही हैं. खेरिस अभी किशोरावस्था में भी नहीं पहुंची हैं. लेकिन वह एक कंपनी की बॉस हैं जो हजारों टी-शर्ट बेचती है.

"फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन" खेरिस रोजर्स का अपना फैशन लेबल है. यह कंपनी सकारात्मक संदेश वाले टी-शर्ट बनाती है.

टी-शर्ट पर छपे हुए संदेश की थीम एक ही होती है- अपनी त्वचा के रंग को लेकर चिंतित मत रहिए, ज़िंदगी को खुलकर बिताइए.

खेरिस इस एक संदेश से अमरीका के अश्वेत लोगों को ताक़त दे रही हैं और हज़ारों ग्राहकों को टी-शर्ट बेच रही हैं.

उन्होंने अपना ब्रांड अप्रैल 2017 में शुरू किया था. तब से अब तक वह दो लाख डॉलर यानी तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी हैं.

वह कहती हैं, "मेरा हमेशा से एक सपना था. मैं फ़ैशन डिजाइनर बनना चाहती थी. लेकिन मैं नहीं जानती थी कि यह कब शुरू होगा. मुझे नहीं पता था कि मैं इसे इतनी कम उम्र में ही शुरू करने वाली हूं."

खेरिस रोजर्स की बड़ी बहन टेलर पोलार्ड उनका हाथ बंटाती हैं. वह उनकी सहयोगी भी हैं और कंपनी की मैनेजर भी.

खेरिस बताती हैं, "फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन" की शुरुआत तब हुई थी जब उनकी बहन ने खेरिस की एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की थी. उसका हैशटैग था #FlexinInHerComplexion.

उस समय खेरिस सिर्फ़ 10 साल की थीं. ट्विटर पर पोस्ट की गई तस्वीर में उन्होंने प्रिंट वाली फ्रॉक पहन रखी थी.

दादी की सीख

वह कहती हैं, "मेरी दादी अक्सर हमसे कहती थीं कि हमें अपने रंग में खुलकर रहना चाहिए. मैं भी यही सोचती थी."

खेरिस अपनी दादी को याद करके चहक उठती हैं. "मुझे दादी का यह कहना अच्छा लगता था और मुझे कपड़े डिजाइन करना भी अच्छा लगता था तो मैंने दोनों को मिला दिया और मैंने "फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन" बना दिया."

खेरिस ने जो पहली टी-शर्ट डिजाइन की उसमें गोल गले की काले रंग की टी-शर्ट पर बोल्ड सुनहरे रंग से लिखा था- "फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन".

यही उनकी कंपनी का लेबल है और यही संदेश भी. टेलर पोलार्ड भी वही टी-शर्ट पहनती हैं जिनको उनकी बहन डिजाइन करती हैं.

टेलर बताती हैं, "हमने अप्रैल 2017 के आखिर में ट्विटर पर वह मैसेज पोस्ट किया था जो वायरल हो गया. उसके करीब एक हफ्ते के अंदर हमने टी-शर्ट बिजनेस शुरू कर लिया."

पिछले डेढ़ साल में उन्होंने 20 हजार से ज्यादा टी-शर्ट बेचे हैं.

फ्लेक्सिन का मतलब है दिखाना. "To flex in your complexion" का अर्थ है अपनी त्वचा (के रंग) पर गर्व करना.

मैं खेरिस के साथ उनके स्टोर में बैठी हूं. वह कहती हैं, "अभी हम हमारे घर के पिछले हिस्से में हैं. यह हमारा गैराज था जो अब गोदाम है. यहीं पर हम स्क्रीनप्रिंट करते हैं, ऑर्डर पैक करते हैं. सब कुछ यहीं होता है. सच में, हम सारा काम इधर ही करते हैं."

खेरिस के बचपन के दिन कठिनाइयों से भरे थे. वह कहती हैं, "कठिनाई ही मुख्य शब्द है उसके लिए. बढ़ती उम्र में मुझे बहुत कुछ झेलना पड़ा था, जैसे दादागीरी, नस्लवाद, रंगभेद वगैरह."

बच्चे उनको चिढ़ाने के लिए कई नामों से बुलाते थे. जैसे- "मरी हुई रोश" और "चूल्हे में ज्यादा देर तक छूट गई लड़की."

"वे हमेशा मेरी काली चमड़ी के लिए मुझे छेड़ते थे."

खुद से प्यार करो

टेलर पोलार्ड उन दिनों अपनी बहन को बहुत उदास देखती थीं. "दूसरे लोगों की बातों से प्रभावित होकर अपनी बहन को भावनात्मक रूप से टूटते हुए देखने से दिल दुखता था. वह इन सबसे बहुत असहज रहती थी."

"मैं उससे कहती थी कि वह जैसी है बहुत अच्छी है और वह खुद से प्यार करे."

खेरिस भी बड़ी बहन के इस योगदान को मानती हैं. "उसकी मदद के बिना मैं आज यहां तक नहीं पहुंच सकती थी."

"फ्लेक्सिन इन माय कंप्लेक्शन" का मतलब है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं.

खेरिस कहती हैं, "यह दुनिया बड़ी है और यह बहुत बोल्ड है. यह आपको मौका देती है कि आप टी-शर्ट से आ रहे संदेशों को सुनें."

दोनों बहनें अपने स्टोर में सारा काम खुद ही करती हैं. इसमें कपड़े डिजाइन करने, प्रिंट करने, तह लगाने, बंडल बनाने और पैक करने तक के काम शामिल हैं.

खेरिस अपने अनुभव बताती हैं, "युवा उद्यमी के रूप में मैंने सीखा है कि किसी भी उम्र में आप अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकते हैं."

2017 में खेरिस न्यूयॉर्क फैशन वीक में शामिल हुईं. वह वहां तक पहुंचने वाली सबसे युवा डिजाइनर थीं.

"मुझे लगता है कि जो सबसे बड़ी चीज मैंने सीखी वह यह है कि आपके पास जो है उसी से काम करना सीखें."

150 डॉलर से शुरुआत

टेलर पोलार्ड बताती हैं, "हम सेंट्रल लॉस एंजिलस में पैदा हुए, वहीं बड़े हुए. अब भी हमारे पास शायद सारे संसाधन नहीं हैं, जितने कि आपको मालूम है कि बड़ी कंपनियों के पास होते हैं."

"हमारी मां ने बिज़नेस शुरू करने के लिए हमें 150 डॉलर दिए थे. हमने पिछले डेढ़ साल में दो लाख डॉलर से ज्यादा कमाए हैं."

"मुझे लगता है कि आप क्या और कितना करते हैं यह महत्वपूर्ण है. आपको खुद को पूरी तरह लगाना पड़ता है."

खेरिस के लिए पिछला साल बहुत खास रहा. उनको नाइके की ब्रांड एंबैसडर बनाया गया. लीब्रॉन जेम्स (नाइके का एक ब्रांड) जूते के 16वें संस्करण पर उनकी तस्वीर छपी. यह जोश बढ़ाने वाला था.

व्यावसायिक सफलता से भी ज्यादा वे संदेश खेरिस को प्रभावित करते हैं जिनको लोग उन्हें भेजते हैं.

"वे बताते हैं कि उनके साथ वही सब कुछ हुआ है जिनसे मैं गुजरी हूं. मैं उन्हें बताती हूं कि वे किसी भी स्थिति में अकेले नहीं हैं."

वह चहकते हुए कहती हैं, "इससे मुझे लगता है कि मैं हमेशा एक सकारात्मकता फैलाती हूं. हां मुझे ऐसा ही लगता है."

"मैं अब दुनिया भर में हूं और मेरे संदेश ग्लोबल हो रहे हैं."

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