पाइरेटेड सीडी बेच बने कामयाब कारोबारी की ज़ुबानी, कंबोडिया के विकास की कहानी

  • 28 जनवरी 2019
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ची सिला का जन्म 1974 में हुआ था, कंबोडिया में खमेर रूज का शासन शुरू होने से एक साल पहले.

18 साल की उम्र में वह यूनिवर्सिटी से बाहर आ गए थे और टूर गाइड का काम शुरू कर दिया था.

वह पहले वकील बनना चाहते थे. बाद में उनकी इच्छा आर्किटेक्ट बननी की हुई. 1998 में उन्होंने अपना पहला काम शुरू किया.

ची जैसे-जैसे अपने कारोबार में आगे बढ़े उन्होंने रास्ते में कई सार्थक चीज़ें जमा कीं.

वे सभी चीजें उनकी जीवन-यात्रा की कहानी बताते हैं. साथ ही उनमें कंबोडिया के विकास की भी झलक मिलती है.

अवसर का नया बाज़ार

पिछले 20 सालों में ची की मिली उपलब्धियां कंबोडिया के विदेश व्यापार और आर्थिक विकास के समांतर रही हैं.

खुलेपन की नीति अपनाकर कंबोडिया ने पिछले दो दशकों में औसत 7 फीसदी की विकास दर हासिल की है.

आज नोम पेन्ह में फ़ास्ट फ़ूड रेस्त्रां, शॉपिंग सेंटर और लग्ज़री होटलों की भरमार है.

उभरते बाज़ार में पाइरेटेड सीडी

ची कहते हैं, "1998 में मैंने टूर गाइड का काम शुरू किया था. फिर ज़्यादा पैसे कमाने के लिए मैंने अपने बचपन के मित्र के साथ अपना बिज़नेस शुरू किया."

"हम जवान थे. हमारे पास ना ज़्यादा पैसे थे, न ही अनुभव था."

उन्होंने उस समय के बाज़ार के रुझानों और अवसरों के बारे में गंभीरता से सोचा और पाइडेरेट सीडी बेचने के लिए एक दुकान खोल ली.

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हालांकि यह अवैध काम था, लेकिन उस समय कई लोग यह कारोबार करते थे क्योंकि स्थानीय बाज़ार में असली सीडी बहुत महंगी थी.

नोम पेन्ह में उस समय ऐसी 20 या 30 दुकानें थीं.

एक डिस्क से आया बदलाव

ची के एक ग्राहक ने उनको बूयना विस्टा सोशल क्लब सीडी दी और उसकी कॉपी बनाने को कहा. इसमें 1999 के एक पॉपुलर फिल्म का साउंडट्रैक था.

उस ग्राहक ने ही सुझाव दिया था कि दूसरे ग्राहक भी, जैसे विदेशी कामगार और मज़दूर, इसकी कॉपी पसंद करेंगे.

ची कहते हैं, "मुझे लगा कि हम उनको दुनिया के दूसरे हिस्सों के संगीत की सप्लाई कर सकते हैं, जो उनको नहीं मिल रही है. जैसे क्यूबा का संगीत, रेगे संगीत, फ्रेंच संगीत, शास्त्रीय संगीत, हिप हॉप आदि."

दो साल में ची सिला ने बूयना विस्टा सोशल क्लब की करीब 1,000 कॉपियां बेचीं. पाइरेटेड सीडी की उनकी दुकान नोम पेन्ह की सबसे लोकप्रिय दुकानों में से एक हो गई.

फ़ास्ट फ़ूड का वैध कारोबार

पाइरेसी की दुकान के बाद ची ज़्यादा वैध कारोबार की तरफ बढ़ना चाहते थे.

उन्होंने बाज़ार के उभरते रुझानों पर विचार किया और देखा कि 1960 से 1990 के बीच तेज़ी से औद्योगिक विकास करने वाले चार एशियन टाइगर- सिंगापुर, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और ताइवान- में एक नया कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है.

2001 में ची ने तय किया कि यह उनके फ़ास्ट फ़ूड चेन - बीबी वर्ल्ड या बिग बर्गर वर्ल्ड- को लॉन्च करने का सही समय है.

पहला बीबी वर्ल्ड रेस्त्रां 4,000 वर्ग फुट (372 वर्ग मीटर) में खुला. उस समय के बाज़ार के लिए वह बहुत बड़ा था.

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ची का अनुमान था कि कंबोडिया का छोटा मगर उभरता हुआ मध्य वर्ग बर्गर और फ्राइज़ को बहुत पसंद करेगा.

1999 में कंबोडिया की अर्थव्यवस्था 9 फीसदी की दर से बढ़ी थी और मध्य वर्ग बड़ा हो रहा था.

ची ने सही सोचा था. छह महीने बाद ही उन्होंने एक नये शॉपिंग सेंटर में दूसरा बीबी वर्ल्ड रेस्त्रां खोला.

हालांकि कंबोडिया में अभी तक मैकडोनल्ड्स की एक भी फ्रेंचाइज़ी नहीं खुली है, लेकिन केएफसी और बर्गर किंग जैसे ब्रांड्स का खूब प्रसार हुआ है.

कॉफी का कारोबार

2003 में ची ने कॉफी में कारोबार की संभावना देखी. उस समय कंबोडिया में स्टारबक्स जैसा कुछ भी नहीं था.

"वर्षों तक फ्रेंच उपनिवेश रहने के कारण कॉफी पीने के चलन था, लेकिन यह सड़क किनारे सस्ती दुकानों में ही मिलती थी."

स्टारबक्स ने कंबोडिया में अपना पहला स्टोर 2015 में खोला. अब नोम पेन्ह में 13 जगहों पर उसके स्टोर्स हैं.

प्रेरित करने वाली किताब

ची की कंपनी, टी एंड सी (T&C) सुकून देने वाले वातानुकूलित हॉल में ताज़ा भूनी हुई कॉफ़ी पिलाने की संस्कृति शुरू करना चाहती थी.

वह डेढ़ डॉलर की एक प्याली कॉफी बेचना चाहते थे. यह कीमत तब के बाज़ार भाव से करीब डेढ़ गुना ज़्यादा थी.

प्रेरणा के लिए वह उन्होंने कॉफी उगाने, खरीदने, बनाने और बेचने के बारे में कई किताबें खरीदीं. इनमें चीनी किताबें भी थीं.

टी एंड सी सफल रही. एक समय 12 जगहों पर उसके स्टोर्स थे.

इंटरनेट बूम

2007 में ची ने अपना बिज़नेस प्लान फिर बदला. दुनिया भर में इंटरनेट फैल रहा था, लेकिन कंबोडिया में वह बहुत महंगा था. लोगों के पास स्मार्टफोन या लैपटॉप नहीं थे.

2018 की फ्रीडम हाउस रिपोर्ट के मुताबिक कंबोडिया में इंटरनेट की पहुंच अब भी सिर्फ़ 34 फीसदी है, जबकि ब्रिटेन में यह 95 फीसदी के करीब है.

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ची ने ऑनलाइन गेम्स में कारोबार की संभावनाएं देखी और 'सबय' नाम से कंपनी खोल दी. कंबोडियाई भाषा में इसका अर्थ होता है खुशी.

वह कहते हैं, "बचपन के दिनों से लेकर जवान होने तक लगातार संघर्ष चलता रहा. मैं हमेशा मानता हूं कि अगली पीढ़ी ज्यादा खुशहाल होने की हकदार है."

बढ़ते मध्यवर्ग का ख़याल

2007 में सबय की शुरुआत सिर्फ़ चार लोगों से हुई थी. आज इसमें करीब 200 लोग काम करते हैं.

2006 से 2011 के बीच कंबोडिया की प्रतिव्यक्ति जीडीपी 70 फीसदी बढ़ी. इससे ची के बिजनेस के लिए उपभोक्ताओं का बड़ा आधार तैयार करने में मदद मिली.

ऑनलाइन गेम्स के साथ इस मीडिया कंपनी के वेबसाइट्स और ब्लॉग्स भी हैं. यह फ़िल्में बनाती है, उनका वितरण करती है. इसके टेलीविजन और सिनेमा हॉल भी हैं.

ची कहते हैं, "हमारे व्यवसायों में हमेशा मध्यवर्ग को लक्षित किया गया. यह एक चुनौती है क्योंकि हमारे यहां अब भी अमीर और गरीब लोगों के बीच बड़ा अंतर है."

"हमें हमेशा उम्मीद रही कि हमारे पास क्रयशक्ति वाले ज़्यादा लोग होंगे."

जश्न मनाने का समय

2008 में सबय ने कमाई शुरू कर दी. ची ने खुद को एक छोटा सा तोहफा देने की सोच दी. उन्होंने जैगर ली कोल्ट्रे रिवर्सो घड़ी खरीदी, जिसका ख्वाब वह हमेशा देखते थे.

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वह कहते हैं, "मैं भौतिकवादी आदमी नहीं हूं लेकिन मैं इन सब पर बहुत पैसे खर्च करता हूं."

"यह मेरे जीवनभर का उपहार है. यह मुझे मेरी कड़ी मेहनत और उपलब्धियों की याद दिलाता है."

हालांकि कंबोडिया का लग्जरी बाज़ार अब भी बहुत छोटा है. लेकिन नकली सामान अब धीरे-धीरे असली माल के लिए जगह छोड़ रहे हैं.

यहां अब पोर्श डीलरशिप खुल गई है. ह्यूगो बॉस स्टोर खुल गया है. नोम पेन्ह में पांच सितारा रोज़वुड होटल भी आ गया है. यह सब कुछ पिछले कुछ साल में ही हुआ है.

बिजनेस के लिए साइकिलिंग

कई साल पहले ची साइकिल से गांव-गांव घूमते थे ताकि खाली समय में कुछ सार्थक कर सकें.

"अपने बाइकिंग पार्टनर के साथ हम छोटे-छोटे गांवों में जाते थे. वे गांव मुझे मेरे बचपन की याद दिलाते थे. इस तरह मैं कंबोडिया के इस हिस्से से अपना संबंध बनाता हूं."

उन्होंने सबय बाइकिंग टीम बनाई है जिसके 20 से ज़्यादा सदस्य हैं. सितंबर में उन्होंने ताइवान में एक पहाड़ की चढ़ाई की.

"हमारे पास बातें करने का समय होता है. इस तरह हम एक दूसरे को जानते हैं."

"साइकलिंग रैली से आपको लगातार काम करने की प्रेरणा मिलती है. इससे आपको पता चलता है कि आप असल में पहाड़ पर भी चढ़ सकते हैं."

ली बताते हैं, "मुझे याद है कि जब मैं छोटा था तब मां ने मेरे लिए साइकिल खरीदने के लिए तीन साल तक बचत की थी. मैंने सोचा भी नहीं था कि साइकिल 10 हजार हॉलर की हो सकती है."

संभावनाओं की पहचान

ची ने 20 साल पहले कंबोडिया में कारोबार की शुरुआत की थी. तब से अब तक देश में बहुत बदलाव आ चुका है.

फिर भी उद्यमियों के लिए बहुत सारी चुनौतियां हैं. विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों पर केंद्रित शिक्षा व्यवस्था न होने से कर्मचारियों का संकट रहता है

बाज़ार छोटा है, फाइनेंस की समस्याएं हैं और शहर और गांवों का बंटवारा भी बहुत सशक्त है. लेकिन यह सब ची को नहीं रोक पाया.

वह नई संभावनाओं को पहचानते हैं और अब कंबोडिया में डेयरी उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं.

"हमारे पास आगे बढ़ने के लिए अभी भी बहुत जगह है. हम इसे गोल्डन टाइम कहते हैं."

कंबोडिया में नये कारोबार शुरू हो रहे हैं. देश में युवाओं की संख्या बहुत है. श्रमिक भी अपेक्षाकृत सस्ते हैं. इसके अलावा बाज़ार में प्रवेश करना भी बहुत महंगा नहीं है. इसलिए लोग नई शुरुआत कर रहे हैं."

ची कहते हैं, "मैं भाग्यशाली हूं कि हमेशा अग्रणी रहा. बाज़ार में इन चीजों की शुरुआत करने के लिए आपको खुद को चुनौती देनी होती है. लेकिन अगर आप यह कर लेते हैं तो आप लीडर हैं."

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