आपके ऑफ़िस की खिड़की से क्या दिखता है?

  • 3 मई 2019
इमेज कॉपीरइट Tess Girard

आपकी खिड़की के बाहर क्या दिखता है और आप उससे क्या सीखते हैं?- हमने यह सवाल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले लोगों से पूछे.

टेस गिरार्ड और उनके पति डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में बनाते हैं. उन्होंने वर्षों तक बचत की ताकि टोरंटो में घर ख़रीद सकें.

लेकिन उन्होंने घर खोजना शुरू किया तो पता चला कि कीमत उनकी पहुंच से बाहर हो चुकी है.

टोरंटो की जगह वे प्रिंस एडवर्ड काउंटी चले गए. यह ग्रामीण क्षेत्र है, जहां से कुछ ही घंटे में टोरंटो पहुंचा जा सकता है.

गिरार्ड कहती हैं, "हमने सोचा कि अगर सिर पर बोझ कम होगा तो कलाकार बने रहना आसान होगा, इसलिए हम इधर चले आए."

हाल के वर्षों में गिरार्ड की तरह दूसरे कई कलाकार भी ऐसा कर चुके हैं.

इमेज कॉपीरइट Christine Reidcrop

खिड़की के बाहर हंस और बत्तख

गिरार्ड दंपति को अपने नये घर में प्रेरणा मिलती है. वे जंगल के सामने एक पहाड़ी नाले के करीब रहते हैं.

टेस गिरार्ड कहती हैं, "भले ही यह बहुत शांत लगता है, लेकिन असल में वन्यजीवों से यहां बहुत हलचल रहती है."

"मैं बाहर देखती हूं कि नाले के उस पार तालाब में बत्तख और हंस हैं, ऊपर बगुले उड़ते हैं और नाले के पास ऊदबिलाव तैरते हैं."

"कभी-कभी मैं खिड़की के बाहर नोटिस करती हूं कि रोशनी अपना कमाल दिखा रही है. मैं कैमरा लेकर बाहर दौड़ती हूं और कुछ शूट करती हूं. टोरंटो में ऐसी चीजें ढूंढनी पड़ती थी, अब मैं इसे रोज़ महसूस करती हूं."

इमेज कॉपीरइट Martin Iverson

यहां व्हेल हैलो बोलनी आती है

कैप्टन मार्टिन इवर्सन की परवरिश नॉर्वे के एक मछुआरा परिवार में हुई और शायद समुद्र का जीवन ही उनकी नियति थी.

पहले वह नॉर्वे तट पर एक फेरी शिप में काम करते थे, लेकिन इन दिनों वह एक पैसेंजर शिप पर काम करते हैं जो स्कैंडिनेविया, आर्कटिक और अंटार्कटिका के सफ़र पर जाती है.

उनके जहाज़ से दिखने वाले दृश्य हमेशा एक जैसे नहीं होते. वह कहते हैं, "जब आप आर्कटिक या अंटार्कटिका में होते हैं तो ऐसा लगता है जैसे किसी तस्वीर में नाव चला रहे हों."

"यह विशाल और शानदार परिदृश्य है. जब आप इसे पहली बार देखते हैं तो यह थोड़ा अधिक विशेष लगता है, लेकिन यह हमेशा आपको चकित करता है."

"यह भी हो सकता है कि बड़े से आइसबर्ग के सामने सुबह की कॉफी पीते समय व्हेल गुड मॉर्निंग बोलने आ जाए."

इवर्सन इस क्षेत्र में हो रहे जलवायु परिवर्तन के गवाह हैं. हाल के रिसर्च से पता चला है कि नॉर्वे के छोटे आर्कटिक द्वीप धरती के किसी भी दूसरे हिस्से से ज़्यादा तेज़ी से गर्म हो रहे हैं.

इवर्सन साल के छह महीने यहीं समुद्र पर बिताते हैं. उनका कहना है कि उनको यहां क्या-क्या अच्छा लगता है, यह बयां नहीं कर सकते.

"आप एक परिवार बन जाते हैं, जैसे परिवार नंबर 2 या कभी-कभी परिवार नंबर 1."

इमेज कॉपीरइट Ryan Forde

अपनी ज़मीन, अपने बाग़-बग़ीचे

बारबाडोस के रयान फ़ोर्डे जब पुर्तगाली सीखने टोरंटो गए या बिज़नेस की पढ़ाई करने बार्सिलोना गए तो उनको सबसे ज़्यादा अपने घर की याद सताती थी.

पनामा और त्रिनिडाड एंड टोबैगो में कुछ दिन बिताने के बाद वह बारबाडोस लौट आए और रियल इस्टेट सेक्टर में काम शुरू किया.

सेंट जॉन के पुश्तैनी घर में रहते हुए वह अपने व्यावसायिक हितों का ख्याल रखते हैं. उनके डेस्क के सामने की खिड़की से उनकी 10 एकड़ की पारिवारिक ज़मीन दिखती है.

वह बालकनी का दरवाज़ा अक्सर खोलकर रखते हैं जिससे ठंडी हवा आती रहती है और वह बारबाडोस का पूर्वी तट देख सकते हैं.

सेंट जॉन के ज़्यादातर होटल पश्चिमी तट पर हैं. पूर्वी तट कम विकसित है और सर्फ़िग के दीवानों के बीच लोकप्रिय है.

फ़ोर्डे चाहते हैं कि उनकी ज़मीन उनके समुदाय के काम आए, चाहे वहां कोई समारोह करना हो या बस्ती के लिए अनाज-सब्ज़ियां उगानी हों.

"ऐसा नज़ारा मेहमानों को लुभाता है, लेकिन जब मैं जगता हूं और इसे देखता हूं तो यहां से जाना नहीं चाहता. यह मुझे रोज़ ख़ुश रखता है."

"असल में मैं बारबाडोस लौटना नहीं चाहता था, लेकिन यहां के जीवन की गुणवत्ता के आगे सब कुछ फ़ीका है. आप बीच पर जा सकते हैं, आम तोड़ सकते हैं. हम जन्नत में रहते हैं."

इमेज कॉपीरइट Julia Lloyd

हाथियों और बबूनों के बीच

शार्लोट ब्यूवोइसिन 10 साल पहले ब्रिटेन से युगांडा आई थीं. वह हाथियों को शिकार से बचाने के एक कार्यक्रम के लिए फ़ंड जुटा रही थीं.

उन्होंने पहले कुछ साल कंपाला और राष्ट्रीय उद्यानों में बिताए, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने एक दोस्त की प्रॉपर्टी में रहने का फ़ैसला किया है.

लकड़ी से बने जिस छोटे से घर में वह रहती है उसे "आंटी शार्लोट की कुटिया" का नाम दे दिया गया है. वह जिस डेस्क पर काम करती हैं, वहां से जंगल का नज़ारा दिखता है.

वहां एक जलधारा है और सौर ऊर्जा भी है. पास के किसान कपास, अनानास और मक्का उगाते हैं, जिन पर हाथियों और बबूनों का ख़तरा बना रहता है. वे जंगल से निकलकर आते हैं और फसलों को बर्बाद कर देते हैं.

हाल के वर्षों में युगांडा सरकार ने पेड़ लगाने का एक सफल कार्यक्रम चलाया जिसमें पेड़ न काटने वाले किसानों की मदद की जाती है.

इंटरनेट काम करने पर वह अपने अनुभवों पर ब्लॉग लिखती हैं, लेकिन ज़्यादातर समय वह प्रकृति में खोयी रहती हैं.

वह कहती हैं, "पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करके जैव-विविधता बढ़ाने के लिए हमने एक तालाब बनाया. एक हफ्ते में ही वह मेढकों और पानी में रेंगने वाले जीवों से भर गया."

"यह देखकर बहत प्रेरणा मिलती है कि कैसे प्रकृति खुद को संभालती रहती है, भले ही हम इंसान उसे नष्ट करने की कितनी कोशिश करें."

इमेज कॉपीरइट Allison Zurfluh

ख्यालों की दुनिया नहीं, वास्तविक शहर

स्विट्जरलैंड की एलिसन ज़ुरफ़्लू कैलिफ़ोर्निया में पली-बढ़ीं. वह 25 साल की हुईं तो अपने देश वापस लौट आईं.

फ़िलहाल वह अपने बच्चों की देखभाल करते हुए फ्रेंच-इंग्लिश अनुवादक का काम करती हैं.

"फिर मेरे बच्चे बड़े हो गए. सात साल पहले मैं एक कंसर्ट पियानोवादक के साथ इटली चली आई."

उनको वेनिस से प्यार हो गया और उन्होंने यहीं रहने का फ़ैसला किया. अब वह छोटे साझे के दफ़्तर में टूरिज्म मार्केटिंग का काम करती हैं.

उनका ऑफ़िस वेनिस के उस हिस्से में है, जहां सैलानियों की भीड़-भाड़ कम है.

इमेज कॉपीरइट Allison Zurfluh
Image caption एलिसन ज़ुरफ़्लू

"मैं कैलिफोर्निया की बेटी हूं. मैंने सोचा था कि वेनिस डिज्नीलैंड जैसा होगा. लेकिन यह मेरे ख़्यालों जैसा नहीं है. यह मुझे एक वास्तविक जगह लगती है, पुरानी और संस्कृति से भरी हुई."

अपने डेस्क के पास की खिड़की से वह स्कोला ग्रांडे डि सैन रोक्को को देख सकती हैं. यह वेनिस के कुछ प्रसिद्ध बौद्धिक स्कूलों में से एक है.

"स्कूल के अंदर, आप जितनी कल्पना कर सकते हैं, उतनी सुंदर कलाकृतियां हैं. उनके आगे मैं बौनी महसूस करती हूं लेकिन यह जानकर अच्छा लगता है कि उन महान कलाकारों ने वहां पढ़ाई की होगी और उस नहर को देखा होगा जिसे मैं देखती हूं."

इमेज कॉपीरइट Jonathan Hernandez

यहां आपके होने से फ़र्क पड़ता है

जोनाथन हर्नांडेज़ मेडेलिन के एक मध्यवर्गीय मुहल्ले में बड़े हुए, जहां कभी-कभी उनके दोस्त बताते थे कि उन्होंने गोलियों की आवाज़ें सुनी हैं.

कोलंबिया के इस शहर में रहने वाले कई दूसरे लोगों की तरह वह भी (ड्रग्स के) हथियारबंद कार्टेल का ख़ात्मा चाहते थे.

"यूरोप में या दक्षिण अफ्रीका में जैसे ही मैं अपना परिचय देता, लोग कहते पाब्लो इस्कोबार."

"यह कुछ ऐसा है जो यहां हुआ है और हमारे इतिहास का हिस्सा है. हमें इससे बाहर निकलना है."

अतीत से पीछा छुड़ाने के लिए कोलंबिया के लोगों ने हाल में ही पाब्लो इस्कोबार का घर तोड़ दिया.

हर्नांडेज़ अपने सात-मंज़िला ऑफिस की खिड़की से बाहर देखते हैं तो उन्हें मेडेलिन शहर और पास के पहाड़ दिखते हैं. यह उन्हें उनके प्यारे शहर के सकारात्मक पहलुओं की याद दिलाता है.

पहाड़ और लोगों की दया भावना देखकर उनको शांति मिलती है. "सभी लोग एक-दूसरे की मदद करना चाहते हैं. हर जगह ऐसा नहीं होता."

उनके ऑफिस में अमरीका, इंग्लैंड और हंगरी के सहकर्मी हैं. "उनको अब यहां डर नहीं लगता, क्योंकि वे जानते हैं कि यहां कुछ बदल गया है."

इमेज कॉपीरइट Caglar Gokgun

अतीत और वर्तमान का संगम

जैगलर गोगुन ने 10 साल तक पर्यटन क्षेत्र में काम किया है, ख़ासतौर पर अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के लोगों के साथ.

उन्होंने टूअर लीडर के रूप में काम शुरू किया था और अब वह जनरल मैनेजर हैं.

काराकॉय इलाके में उनके दफ़्तर से गोल्डन हॉर्न का पुराना बंदरगाह और मध्यकालीन गालटा मीनार दिखती है, जो सदियों तक वाचटॉवर के रूप में काम आती रही है.

गोगुन एजियन तट पर बसे एक छोटे से शहर में बड़े हुए हैं. उनके शहर की पहचान मछली पकड़ने और जैतून के तेल से है. वह अब भी इस्तांबुल की भव्यता से चकित रहते हैं.

वह कहते हैं, "मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं इस ऐतिहासिक शहर में रहता हूं."

इस्तांबुल में शोर बहुत है जिससे कान ख़राब होने की शिकायत यहां ज़्यादा है.

गोगुन सड़क पर टी-शर्ट और मग बेच रहे कुछ लोगों की ओर इशारा करते हैं. उनके टी-शर्ट और मग पर लिखा है- "इस्तांबुल- वे इसे अराजकता कहते हैं, हम इसे घर कहते हैं."

"लेकिन जब आप यहां खिड़की से बाहर देखते हैं तो कोई अराजकता नहीं दिखती. दो महादेशों के बीच लंगर डाले इस शहर में रहना मेरा सौभाग्य है."

(बीबीसी कैपिटल पर इस स्टोरी को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. आप बीबीसी कैपिटल को फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार