क्या रोबोट से सेक्स करना बेवफाई है?

  • ब्रैंडन एंब्रोज़िनो
  • बीबीसी कल्चर

कल्पना कीजिए की आप रातों रात अमीर हो गए. आपके पास बेपनाह दौलत आ गई. आपको एक ऐसी जगह पर वक़्त बिताने का मौक़ा मिला जहां किसी तरह के क़ायदे-कानून की पाबंदी नहीं है. यहां आप हर वो काम कर सकते हैं जो आपका दिल चाहता है.

अगर आपका दिल चाहता है कि आप किसी का क़त्ल कर दें तो आप कर सकते हैं. अगर आपका दिल किसी की अस्मत तार-तार करने को चाहता है, तो, वो भी आप कर सकते हैं. यहां आपको कोई कुछ नहीं कहेगा. और मज़ेदार बात ये है कि कुछ लोगों को ही आपके इस बर्ताव के बारे में पता चलेगा. यही लोग आपकी हौसला अफ़ज़ाई भी करेंगे.

ये बातें सुनने में थोड़ी अजीब लग रही होंगी. ख़ैर चलिए अपनी इस बात में थोड़ी सी तब्दीली कर देते हैं. मान लीजिए इस मनमाने शहर में आपसे एक रोबोट के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाने के लिए कहा जाता है. या आपसे किसी रोबोट को क़त्ल करने को कहा जाए. या आपसे ये कहा जाए कि आप अपनी मनमानी सिर्फ रोबोट के साथ ही कर सकते हैं, किसी इंसान के साथ नहीं. क्या अब भी ये बात आप को अजीब लगती है?

इसी तरह के ख़्याल को टीवी चैनल एचबीओ पर आने वाली नई सीरीज़ वेस्टवर्ल्ड में दिखाया गया है. ये ड्रामा एक तरह के मनोरंजन पार्क पर आधारित है जहां लोग मनोरंजन के लिए आते हैं और यहां हर वो काम कर सकते हैं जो उनका दिल चाहता है. लेकिन यहां मेज़बान हैं रोबोट.

इन रोबोट के प्रोग्रामर ने उन्हें आदेश दिया हुआ है कि जो भी उनकी दुनिया में जिस तरह के मनोरंजन के लिए आता है, तुम्हें उनकी ख्वाहिशों को पूरा करना है. उन्हें पूरी तरह से संतुष्ट करना है. अगर वो आपके साथ हिंसा करते है तो भी आप पलट कर उन्हें किसी तरह का नुक़सान नहीं पहुंचा सकते.

इस प्रोग्राम के पायलट एपिसोड में पता चलता है कि इन रोबोट को बनाने वाले ने एक खास तरह की गड़बड़ कर दी है. जिसके तहत इस मेज़बान रोबोट को कई बार अपने बीते कल की बहुत सी बातें याद रहती हैं. इसमें वो हिंसक मौतें और रेप भी शामिल हैं जो इस रोबोट ने की होती हैं. साथ ही अपने वजूद की सच्चाई जानने का शऊर भी पनपने लगता है.

सेक्स या जिस्मानी रिश्ते होना सारी दुनिया के वजूद के लिए ज़रूरी. ये इंसान और जानवर सभी की ज़रूरत है. जैसे-जैसे इंसानी ज़िंदगी का तरीक़ा बदला, उसने अपनी हर ज़रूरत की चीज़ के लिए कोई ना कोई मशीन या तकनीक ईजाद कर ली.

यहां तक कि जिस्मानी रिश्ते क़ायम करने के लिए भी उसने एक वर्चुअल वर्ल्ड बना लिया है. जहां उसे इस रिश्ते की हर वो लज़्ज़त मिल सकती है जो उसे अपनी असली ज़िंदगी में मिल सकती है. किसी एक मर्द या औरत को सिर्फ अपने साथी के साथ ही जिस्मानी रिश्ता बननाना चाहिए.

अगर किसी एक रिश्ते में रहते हुए वो किसी और के पास अपनी इस ज़रूरत को पूरा करने चला जाए तो उसे बेवफ़ाई कहा जाता है. और ये बात किसी एक देश की नहीं है बल्कि इस मामले में सारी दुनिया की एक ही राय है. अब ऐसे में अगर वर्चुअल वर्ल्ड में कोई मर्द अपनी इस ज़रूरत को पूरा कर रहा है तो क्या उसे भी बेवफ़ाई कहा जाएगा.

वेस्टवर्ल्ड में भी जो सेक्स किया जा रहा है वो ख़ालिस डिजिटल है. लेकिन इसमें कई बार यौन हिंसा के निशान भी मिलते हैं. इसीलिए इस बात की आलोचना भी की जाती है कि इस सीरियल के ज़रिए यौन हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है.

इस सीरियल में लोगन नाम का एक किरदार एक बुज़ुर्ग को सिर्फ इसलिए मारता है क्योंकि वो ऐसा कर सकता है.

लोगन के किरदार की तुलना पंद्रह साल के उस लड़के से की जाती है जो मशहूर सीरियल ग्रैंड थेफ़्ट ऑटो में था. उसने इस सीरियल में एक वर्चुअल सेक्स वर्कर को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया था.

हालांकि टीवी स्क्रीन पर किसी तीन इंच के किरदार को मारना और बात है. लेकिन असल ज़िंदगी में किसी छह फुट के इंसान को मारना और बात है. लेकिन दोनों ही तरह की हिंसा को ये तर्क दे कर सही साबित कर दिया जाता है कि ये तो खेल है. वर्चुअल वर्ल्ड में अगर किसी रोबोट के साथ हम बिस्तर होना बेवफ़ाई नहीं हो सकती. ठीक उसी तरह इस वर्चअल वर्ल्ड में किसी का क़त्ल करना जुर्म नहीं हो सकता.

वेस्टवर्ल्ड में हिंसा भी खूब दिखाई जा रही है. किरदारों के साथ बुरे सुलूक के सीन भी खूब हैं. रोबोट के ज़हन में इस बर्बरता की कोई याद बाक़ी ना रह जाए इसके लिए हर रात इन रोबोट के ज़हन से ऐसे हरेक वाक़िया मिटा दिया जाता है. हालांकि हर बार ऐसा नहीं होता. कुछ मेज़बान रोबोट के साथ जो बर्बरता होती है वो धीरे धीरे उनकी याद में स्टोर होती चली जाती है.

सामाजिक मनोवैज्ञानिक शैरी टर्कल तकनीक के साथ इंसान के रिश्तों का अध्ययन करती है. उनका कहना है भविष्य में रोबोट क्या करेंगे, कैसे होंगे, इससे ज़्यादा हमें ये इस बात की फिक्र होनी चाहिए कि हम मुस्तक़बिल में किस किस्म के इंसान होंगे, और किस तरह के इंसान हम आज बनते जा रहे हैं. हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में किसी के साथ कैसे रिश्ते बना रहे हैं, किसी के साथ हिंसा कर रहे हैं या हम कोई अश्लील वीडियो देख रहे हैं, या जो कुछ वीडयो गेम्स में देखते हैं उसका हम पर क्या असर होता है? इस बात का ख़याल होना चाहिए.

ये समझने की ज़रूरत है कि आखिर वर्चुअल वर्ल्ड में रोबोट के साथ सेक्स करने के लिए लोग इतने पैसे क्यों ख़र्च करते हैं, क्यों यहां किसी के कत्ल या हिंसा को ये कह कर बचा लिया जाता है कि ये तो खेल है. जवाब बहुत सीधा और सरल है. दरअसल यहां आने वाले हर शख्स को अपने किरदार की वो झलक या पहचान मिलती है जैसा वो अपनी असल ज़िंदगी में हो सकता था.

हालांकि, सिर्फ़ तीन एपिसोड के बाद ही एचबीओ के सीरियल वेस्टवर्ल्ड को लेकर बहुत से सवाल उठ रहे हैं. मशीनों के साथ यौन संबंध में नैतिकता के सवाल उठ रहे हैं. खेल के नाम पर दिखाई जा रही हिंसा के सवाल उठ रहे हैं.

लेकिन, सवाल ये भी है कि बहुत से इंसान ऐसा करने को राज़ी हैं. वो मशीनों के साथ सेक्स के लिए दिमाग़ी तौर पर तैयार हैं. अपनी हिंसक प्रवृत्ति के लिए वो रोबोट का क़त्ल भी करने को राज़ी हैं. ये इंसान की मानसिकता को दर्शाता है.

अब एचबीओ के सीरियल वेस्टवर्ल्ड पर चाहे जितने सवाल उठें. मगर इसमें बहुत से ऐसे सवालो के जवाब तलाशने की कोशिश हो रही है, जो हमारी कल्पनाओं से परे है.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कल्चर पर उपलब्ध है.)

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