फ़िल्मी दुनिया का वो डायनासोर जो कभी पर्दे पर नहीं आ सका

  • 26 दिसंबर 2018
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1993 में पहली "जुरासिक पार्क" फ़िल्म बनी. इसमें कुछ लोग एक द्वीप की यात्रा पर जाते हैं और वहां डायनासोर देखते हैं. ये डायनासोर उन्हें चट कर जाने की योजना बनाते हैं.

फ़िल्म के सीन इतने पुराने फिल्माए गए थे मानो वे इतिहास से भी पहले के वक्त के हों. 1997 में इस फ़िल्म का पहला सीक्वल बना. उसी समय से यह बात होने लगी थी कि फ़िल्म एक तय फॉर्मूले पर बन रही है.

"द लॉस्ट वर्ल्डः जुरासिक पार्क" में डॉ. इयान मैल्कम की भूमिका निभा रहे जेफ़ गोल्डब्लम कहते हैं, "यह हमेशा इसी तरह शुरू होता है. बाद में वहां दौड़ना-भागना है और चीखना-चिल्लाना है."

यह समझ होने के बावजूद "जुरासिक पार्क-3" (2001) और "जुरासिक वर्ल्ड" (2015) के निर्माता इसी फॉर्मूले से चिपके रहे.

लेकिन इस साल आई फ़िल्म "जुरासिक वर्ल्डः फ़ॉलेन किंगडम" में आख़िरकार उस फॉर्मूले को छोड़ दिया गया.

2004 में "पैशन फिश" और "लोन स्टार" के लेखक-निर्देशक जॉन सेलेस ने "जुरासिक पार्क 4" के लिए पटकथा लिखी थी.

सेलेस की स्क्रिप्ट में कई क्रांतिकारी विचार थे, जिनको अब फ़िल्म की नई फ्रेंचाइजी में शामिल किया गया है.

जुरासिक पार्क सिरीज़ के निर्माता और इसके मूल निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग ने सेलेस की स्क्रिप्ट में पहले रुचि दिखाई, लेकिन फ़िल्म नहीं बनाई.

सेलेस की स्क्रिप्ट में ऐसे कई सीन थे जो स्पीलबर्ग को पसंद आते, फिर भी वह पीछे हट गए.

स्पीलबर्ग को पसंद आई स्क्रिप्ट

आनुवंशिक तौर पर बदले हुए और दुनिया भर में घूम-घूमकर अपराध खत्म करने वाले डायनासोर जुरासिक पार्क फ़िल्म को वहां से बहुत दूर लेकर निकल जाते, जहां दर्शक उसे जानते हैं और चाहते हैं.

सेलेस की पटकथा को पढ़ना बहुत मज़ेदार है. इसमें उनका उत्साह देखते ही बनता है. स्क्रिप्ट में उन्होंने कॉमिक-स्ट्रिप में इस्तेमाल होने वाली ध्वनियों का भरपूर इस्तेमाल किया है.

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फ़िल्म की ओपनिंग सीक्वेंस में वे इसका विशेष रूप से उपयोग करते हैं. इसमें टेरानोडॉन डायनासोर का एक झुंड लिटल लीग बेसबॉल गेम पर टूट पड़ता है.

भूखे दैत्याकार डायनासोर अमरीकी परिवारों में खलबली मचा देते हैं. स्पीलबर्ग के लिए इससे अच्छा दृश्य भला और क्या होता?

"जुरासिक वर्ल्डः फ़ॉलेन किंगडम" की तरह सेलेस की कहानी में भी डायनासोर इस्ला नुबलर द्वीप से भाग जाते हैं.

प्रजनन क्षमता से गुरेज़

जॉन हैमंड ने उनको विलुप्त होने बचाया था, वही तय करते हैं कि ख़त्म हो जाना ही डायनासोर के लिए सबसे सही है. वो इसके लिए पूर्व नेवी सील निक हैरिस की सेवाएं लेते हैं.

इस्ला नुबलर द्वीप अब ग्रेन्डेल कॉरपोरेशन के स्वामित्व में है. हैमंड चाहते हैं कि निक वहां जाए और डायनोसोर के भ्रूण का फ्लास्क ले आए.

उनकी योजना एक अलग तरह का जीव तैयार करने की है. लेकिन इस बार वह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नये डायनासोर में बच्चे पैदा करने की क्षमता यानी प्रजनन की क्षमता न हो.

वह डायनासोर की आबादी के बीच कुछ बेहद आक्रामक, लेकिन प्रजनन क्षमता से रहित डायनासोर को लाना चाहते हैं.

उनको लगता है कि इससे उनकी प्रजाति अपने आप नष्ट हो जाएगी.

निक इस्ला नुबलर जाते हैं. यहां सेलेस ने इंडियाना जोन्स की फ़िल्मों की तरह कुछ रोमांचक चेज़ दिखाए हैं. एक बार तो निक डायनासोर के जबड़े से बचकर निकल जाता है.

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निक को डायनासोर के साथ-साथ ग्रेन्डेल के गुंडों को भी चकमा देना है. एक्शन से भरे सेक्शन के अंत में निक को बेहोश दिखाया जाता है.

जब उसे होश आता है तो, आप विश्वास करें या न करें, वह खुद को स्विट्जरलैंड के आल्प्स पहाड़ों के बीच एक मध्यकालीन महल में पाता है.

इस भौगोलिक छलांग से ज्यादा अहम है पहले की जुरासिक पार्क फ़िल्मों के कथानक से सेलेस का पलायन.

कुछ-कुछ जेम्स बांड की तरह

निक को बंदी बनाने वाले लोगों में एड्रियन जॉयस भी है जो लंबे हत्थे वाली कुल्हाड़ी घुमाता रहता है.

दूसरे आदमी का नाम बैरों वॉन ड्रैक्स है जो ग्रेन्डेल का प्रमुख है. वह क्रॉस्बो की प्रैक्टिस करने में व्यस्त रहता है.

विलेन के सरनेम से याद करें "मूनरेकर" फ़िल्म का विलेन ह्यूगो ड्रैक्स था.

अगर यह सिर्फ़ एक संयोग लगता है तो स्क्रिप्ट के इन शब्दों पर ध्यान दें- "निक और जॉयस वहां घुसते हैं जो जगह जेम्स बॉन्ड की फ़िल्म जैसी लगती है."

यह भी महत्वपूर्ण है कि जब कबी ब्रोकोली ने स्पीलबर्ग को 007 फिल्म देने से मना कर दिया था तब उन्होंने "रेडर्स ऑफ द लॉस्ट आर्क" बनाई थी.

मुमकिन है कि सेलेस ने अपनी स्क्रिप्ट से स्पीलबर्ग को प्रभावित करने के लिए यह चालाकी भरा तरीका निकाला हो.

शायद वह स्पीलबर्ग को विश्वास दिलाना चाहते हों कि वह जेम्स बॉन्ड की फिल्म बनाने जा रहे हैं, जिसमें डायनासोर हों.

फ़िल्म में जिस महल में निक को बंदी बनाकर रखा गया है वह असल में एक प्रयोगशाला है, जहां डायनासोर को हार्मोन्स के डोज़ से नियंत्रित किया जाता है.

इन प्रयोगों पर नियंत्रण रखने वाली वैज्ञानिक माया से निक को मुहब्बत है.

माया ने "बिहेवोरियल साइंसेज़" में डॉक्टरेट की है. उसने एक सर्कस में शेरों को नियंत्रित करने का भी काम किया है.

यहां से फिल्म की पटकथा विचित्र मोड़ ले लेती है.

ट्रेनिंग लेते हुए डायनासोर

जॉयस चाहता है कि डायनासोर को हथियारबंद कर दिया जाए. वह उनको स्पेशल फोर्सेज़ की तरह बनाना चाहता है जो SWAT टीम की तरह धावा बोले, दंगे नियंत्रित करे, तलाशी ले और दुश्मन को नष्ट कर दे.

निक उनको ट्रेनिंग देने के लिए राज़ी हो जाता है. फिर किसी भी वॉर मूवी की तरह डायनासोर ड्रिल करते हुए दिखते हैं. सेलेस ने स्क्रिप्ट में ट्रेनिंग के दौरान मिलिट्री म्यूज़िक बजाने का भी निर्देश लिखा है.

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निक डायनासोर को ट्रेनिंग देकर पहले से ज्यादा ख़तरनाक बना देता है. फिर उनकी एक टीम को मोरक्को भेजा जाता है, जहां आतंकी अपहर्ताओं ने एक फ्रेंच उद्योगपति की बेटी को बंधक बना रखा है.

दक्षिण अमरीका में उनको एक ड्रग लॉर्ड के ठिकाने पर भी धावा बोलने के लिए भेजा जाता है.

जुरासिक वर्ल्ड फ़िल्म से अलग इस स्क्रिप्ट में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों को दिखाया गया है. कहानी के चार मुख्य हिस्से चार अलग-अलग महादेशों में हैं.

दक्षिण अमरीका में फ़िल्माए जाने वाले सीक्वेंस में डायनासोर को जंगल में पैराशूट से उतरते दिखाया गया है.

इसमें निक उनको रेडियो हेडसेट पर आदेश देता है. "लक्ष्य की ओर बढ़ो. अब तुम्हें खुद फ़ैसले लेने हैं."

डायनासोर ड्रग लॉर्ड को हॉट बाथ टब में पकड़ लेते हैं जहां उसके शरीर पर सोने की चेन के अलावा और कुछ नहीं होता.

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स्पीलबर्ग बेहतर जानते होंगे कि उन्होंने सेलेस की जुरासिक पार्क 4 की इस स्क्रिप्ट पर फ़िल्म क्यों नहीं बनाई. लेकिन यह कहना ज्यादा सही होगा कि इस स्क्रिप्ट के कम से कम कुछ हिस्सों को फिल्माया गया.

सेलेस को ऑन-स्क्रीन क्रेडिट भले नहीं दिया गया, लेकिन "जुरासिक वर्ल्ड" के डायरेक्टर और सह-लेखक और जुरासिक वर्ल्डः फ़ॉलेन किंगडम के सह-लेखक कॉलिन ट्रेवोरोव ने माना था कि उन्होंने 2004 की पटकथा पढ़ी थी और उसके मूल तत्वों को अपनी फ़िल्मों में शामिल भी किया था.

इंसानों-डायनोसॉर के बीच की कड़ी

सेना की जंग के लिए डायनासोर को हथियारबंद करने का कॉन्सेप्ट "जुरासिक वर्ल्ड" में है.

"जुरासिक वर्ल्डः फ़ॉलेन किंगडम" में हवेली के अंदर प्रयोगशाला दिखाई गई है. याद करें इस फ़िल्म की शुरुआत में हेलिकॉप्टर की सीढ़ी से कोई उतर रहा है और समुद्र से एक विशाल जीव उसे खा लेने के लिए झपटता है.

यह सेलेस की "जुरासिक पार्क 4" की स्क्रिप्ट में भी है. अंतर यह है कि वहां हेलिकॉप्टर की सीढ़ी से निक लटक रहा है.

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सेलेस को इस बात का संतोष हो सकता है कि उनकी स्क्रिप्ट का हिस्सा दो जुरासिक फ़िल्मों में इस्तेमाल हुआ, जबकि उन्होंने एक ही फ़िल्म में कहीं ज्यादा प्रयोग किए थे.

सेलेस ने फिर एक स्क्रिप्ट लिखी है. कहा जा रहा है कि नई कहानी पहले से भी ज्यादा अविश्वसनीय है.

माना जा रहा है कि इसमें संकर नस्ल के विशाल जीव हैं जो आधे इंसान, आधे डायनासोर हैं, जैसे इंटरनेट पर कुछ "ह्यूमानोसोरस" आर्ट कांसेप्ट में दिखता है.

तो अगर जुरासिक वर्ल्ड के अगले एपिसोड में कोई ह्यूमैनोसोरस दिखें तो आप जान लेंगे कि वे कहां से आए हैं.

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