पृथ्वी की वो जगहें जहां हैं मंगल ग्रह जैसे हालात

  • 24 जून 2019
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लाल रंग की मिट्टी वाली भूरी ज़मीन, काले रंग के ज्वालामुखी के लावे से बना बालू और गहरी सूखी घाटियां. हम एक ऐसी जगह के बारे में बता रहे हैं, जहां आकर आपको लगेगा कि आप अपनी धरती के बजाय मंगल ग्रह पर हैं.

ये जगह, उत्तरी आइसलैंड है. धरती पर बहुत से लोग मंगल ग्रह की सैर को जाना चाहते हैं. बहुत से देशों के अंतरिक्ष संगठन मंगल ग्रह के लिए मिशन भी भेज चुके हैं.

अमरीका और रूस जैसे देश मंगल पर इंसान को भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

लेकिन, जो लोग ऐसे मिशन का हिस्सा नहीं बन सकते, उनके लिए हम आज धरती के उन ठिकानों की फ़ेहरिस्त लाए हैं, जहां मंगल ग्रह जैसे हालात हैं.

चिली का अटाकामा मरुस्थल

अटाकामा रेगिस्तान के क़रीब चिली का युनगे क़स्बा है. एक ज़माने में यहां तांबे की कई खानें थीं, जो अब बंद हो चुकी हैं. ये जगह चिली के एंटोफागस्टा शहर से दक्षिण में है.

इसे दुनिया के सबसे सूखे इलाक़ों में गिना जाता है. कई दशक तक यहां बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरती. औसतन यहां पर साल भर में 10 मिलीमीटर बारिश होती है. इस वजह से यहां की मिट्टी बेहद शुष्क है.

दुनिया के ऐसे ठिकाने तलाशने वाली वैज्ञानिक क्लेयर कज़िन्स कहती हैं कि 'ऊपरी तौर पर अटाकामा रेगिस्तान मंगल ग्रह के धरातल जैसा दिखता है. आज मंगल ग्रह भी बहुत ठंडा, सूखा और पथरीला रेगिस्तानी ग्रह है.'

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हालांकि अटाकामा में उतनी सर्दी नहीं पड़ती, जितनी मंगल ग्रह पर है.

रात में यहां तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस और दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. जबकि मंगल ग्रह का तापमान माइनस 195 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच कुछ भी हो सकता है. लेकिन, अटाकामा की मिट्टी का रंग बिल्कुल मंगल ग्रह जैसा है.

इसीलिए नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने मंगल ग्रह पर भेजे जाने वाले अपने रोवर्स की टेस्टिंग यहां की थी. नासा ने तो यहां की मिट्टी की खुदाई के बाद अजीबो-ग़रीब बैक्टीरिया खोजे थे. इसके बाद उम्मीद ये जगी कि मंगल ग्रह की सतह के नीचे भी कुछ जीव हो सकते हैं.

मैक्मर्डो ड्राय वैली, अंटार्कटिका

अंटार्कटिका का नाम लेते ही समंदर में तैरते बर्फ़ीले पहाड़ों का ख्याल आता है. लेकिन मैक्मर्डो ड्राय वैली बर्फ़ से मुक्त इलाक़ा है.

यहां औसत तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक रहता है. वैज्ञानिक मानते हैं कि यहां दसियों लाख साल से बारिश नहीं हुई है.

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कुछ जगह पर बर्फ़ की बारिश ज़रूर होती है. चूंकि बारिश इतनी कम होती है और ठंड भयंकर है, इसलिए जो भी बर्फ़ यहां गिरती है वो तुरंत गैस बन जाती है.

ऐसे ही हालात मंगल ग्रह पर भी होते हैं. अंटार्कटिका की मैक्मर्डो ड्राय वैली तूफ़ानी हवाओं का भी हमला झेलती है. इनकी औसत रफ़्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है.

मंगल ग्रह पर इतनी तेज़ आंधी तो नहीं चलती. लेकिन, जब भी वहां आंधी आती है, तो धुएं का ग़ुबार उठता है. क्योंकि मिट्टी हल्की है. ऐसे ही एक तूफ़ान की वजह से नासा का अपॉर्च्यूनिटी रोवर ख़राब हो गया था.

इतने मुश्किल हालात में भी मैक्मर्डो ड्राय वैली में कुछ कीटाणु आबाद हैं.

हैंक्सविल, यूटा, अमरीका

दक्षिणी पश्चिमी अमरीका के कोलोराडो के पठारी इलाक़े में संतरी रंग की चट्टानों वाला ये इलाक़ा मंगल ग्रह से बहुत मिलता है. यहां की कुछ चट्टानें तो जुरासिक युग की हैं.

अमरीका के यूटा सूबे में पड़ने वाला हैंक्सविल इलाक़ा अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों के लिए काम आता है.

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हाल ही में कनाडा और ब्रिटेन के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने यहां पर मंगल ग्रह पर भेजे जाने वाले रोवर को टेस्ट किया था.

कैनेरी आइलैंड्स, तेनरीफ़

स्पेन के मशहूर कैनेरी आइलैंड्स का निर्माण तीस लाख साल पहले एक ज्वालामुखी विस्फोट से हुआ था. ये आज दुनिया के बहुत लोकप्रिय टूरिस्ट ठिकानों में से एक है.

लेकिन, यहां आप मंगल ग्रह के धरातल जैसा माहौल भी देख सकते हैं. द्वीप के ठीक बीच में स्थित है वो ज्वालामुखी जिसमें विस्फोट से ये द्वीप बना था. इसकी ऊंचाई 3718 मीटर है.

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ज्वालामुखी के आस-पास लावे से बनी गुफ़ाएं हैं. वैज्ञानिक मानते हैं कि ऐसी ही गुफ़ाएं मंगल ग्रह पर भी होंगी. मंगल पर मौजूद ऐसी गुफ़ाओं में पानी भी हो सकता है.

आइसलैंड

उत्तरी ध्रुव के क़रीब स्थित ये जगह मंगल ग्रह से बहुत मिलती जुलती है. ये आज के मंगल ग्रह के साथ-साथ अरबों साल पहले वहां के हालात का अंदाज़ा भी कराती है. ज्वालमुखी के लावे से बनी गहरे रंग की मिट्टी में पानी का क़तरा पाना भी मुश्किल है. इसीलिए, यहां कुछ भी नहीं उगता.

यहां की चट्टानों की बनावट काफ़ी हद तक मंगल ग्रह की चट्टानों से मिलती है. इसीलिए यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने आइसलैंड में अपने मार्स रोवर का परीक्षण भी किया था.

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आइसलैंड से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर अरबों साल पहले के हालात का भी अंदाज़ा होता है. यहां सक्रिय गर्म पानी के सोते क़ुदरती प्रयोगशाला का काम करते हैं. ये वैसा ही माहौल देते हैं, जैसे माहौल का अंदाज़ा वैज्ञानिक मंगल ग्रह पर होने का लगाते हैं.

पिलबारा, ऑस्ट्रेलिया

ये पथरीला रेगिस्तान मध्य और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में फैला हुआ है और बहुत सूखा इलाक़ा है. यहां की लाल चट्टानों के बीच अक्सर रेत के ढेर मिलते हैं.

काफ़ी हद तक ये इलाक़ा मंगल ग्रह जैसा दिखता है. इसके अलावा यहां चलने वाली तेज़ हवा और छोटी-छोटी नदियां मंगल ग्रह जैसा माहौल महसूस करने की आदर्श जगह हैं.

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पिलबारा में दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानें हैं. यहां पर 3.4 अरब साल पहले पैदा हुए कुछ जीवों के निशान भी मिले हैं. वैज्ञानिकों को लगता है कि मंगल ग्रह पर भी कुछ-कुछ ऐसा ही माहौल होगा.

बोल्बी, ब्रिटेन

ये ब्रिटेन के उत्तरी यॉर्क के दलदली इलाक़े के पास एक गांव है. ऊपरी तौर पर तो यहां ऐसा कुछ नहीं है कि मंगल जैसा माहौल दिखे. पर इस गांव की ज़मीन के भीतर पोटाश और नमक की खदानें हैं, जो मंगल ग्रह जैसी हैं.

इन खदानों की सुरंगों के ऊपर क़ुदरत ने अजीबो-ग़रीब संरचनाएं बनाई हैं. खदानें क़रीब एक किलोमीटर की गहराई में हैं. यहां का नमकीन माहौल किसी भी बैक्टीरिया के पनपने के लिए मुफ़ीद नहीं है.

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यहां पर केवल हैलोफ़ाइल्स नाम के कुछ जीव ही आबाद हैं. वैज्ञानिकों को लगता है कि कुछ-कुछ ऐसे ही जीव मंगल ग्रह के मुश्किल माहौल में भी आबाद हो सकते हैं.

स्वालबार्ड, नॉर्वे

आर्कटिक के क़रीब स्थित ये पठारी इलाक़ा लाल बालू और कंकड़ से भरा हुआ है.

यहां की मिट्टी देखकर आप को लाल ग्रह का ही ख़याल आएगा.

आर्कटिक के क़रीब होने की वजह से स्वालबार्ड बहुत ठंडा भी रहता है. कई देशों के अंतरिक्ष वैज्ञानिक यहां प्रयोग करने आते रहते हैं.

डॉरसेट, ब्रिटेन

दक्षिणी ब्रिटेन का ये तटीय इलाक़ा मंगल ग्रह से बिल्कुल नहीं मिलता. लेकिन, यहां की मिट्टी में सल्फ़र बड़ी मात्रा में मिलता है.

इनमें कई अजब तरह के बैक्टीरिया भी मिलते हैं. इनमें से एक छोटी सी नदी तो ऐसी है, जिसके बारे में माना जाता है कि अरबों साल से बह रही है.

ऐसी ही नदियां मंगल ग्रह पर मिलने की संभावना वैज्ञानिकों को दिखती है.

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यहां की मिट्टी में लोहा बहुत पाया जाता है. अम्लीय मिट्टी पानी और लोहा मिलकर हेमाटाइट नाम का अयस्क बनाते हैं, जिसके मंगल पर भी पाये जाने की संभावना है. इसलिए वैज्ञानिकों को लगता है कि ये मंगल ग्रह से जुड़े प्रयोग करने की अच्छी जगह है.

अगर आप को लाल ग्रह में बहुत दिलचस्पी है, तो आप इनमें से किसी भी जगह जाकर अपना शौक़ पूरा कर सकते हैं.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी अर्थ पर उपलब्ध है.)

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