उड़ने वाला छोटा रोबोट लोगों की ज़िंदगियां बचा पाएगा?

  • 22 फरवरी 2019
उड़ने वाला रोबोट

किसी प्राकृतिक आपदा की सूरत में पीड़ितों को मलबे में तलाशना बेहद मुश्किल होता है. ऐसी क़ुदरती आफ़त के दौरान, पीड़ितों को खोजने और उन तक पहुंचने का वैज्ञानिकों ने नायाब तरीक़ा निकाला है.

अब कीड़े-मकोड़ों की उड़ान से प्रेरित होकर ऐसे छोटे-छोटे रोबोट बनाए जा रहे हैं, जो किसी आपदा की सूरत में मलबे के भीतर जाकर फंसे लोगों का पता लगाएंगे.

इस उड़ने वाले रोबोट का नाम है डेलफ्लाई. इसे कीड़ों से प्रेरणा लेकर बनाया गया है.

इस उड़ने वाले रोबोट को डिज़ाइन करने वाले वैज्ञानिक मातेह करासेक बताते हैं कि रोबोट में कीड़ों की ही तरह चार पंख लगाए गए हैं.

चारों दिशा में उड़ सकता है यह रोबोट

ये पंख एक साथ भी फड़फड़ा सकते हैं और अलग-अलग भी. इस वजह से उड़ने वाले रोबोट दाएं-बाएं, ऊपर-नीचे, आगे-पीछे हर तरफ़ मुड़ कर उड़ान भर सकते हैं.

जैसे कि अगर इन रोबोट के दाहिने पंख को ज़्यादा तेज़ी से फड़फड़ाया जाए, तो, ये दाहिनी ओर मुड़ जाते हैं. ऊपर उड़ाने के लिए इनके सारे पंख एक साथ एक ही दिशा में घुमाए जाते हैं.

इन रोबोट को रिमोट से भी चलाया जा सकता है और हाथ की मदद से भी उड़ाया जा सकता है.

कैमरे और सेंसर से लैस

डेलफ्लाई नाम के इस रोबोट में कैमरे और सेंसर लगे हुए हैं. इनकी मदद से ये अपनी उड़ान के रास्ते में आने वाली रुकावटों का पता लगा लेता है. ज़रूरत पड़ने पर वो ख़ुद से भी रास्ता बदल लेता है.

फिलहाल तो डेलफ्लाई की मदद से कीड़ों के बारे में रिसर्च की जा रही है.

पर, वैज्ञानिक इस उड़ने वाले रोबोट के और फ़ायदे तलाश रहे हैं.

इन्हें किसी भूकंप या बाढ़ के दौरान पीड़ितों को तलाशने और उन तक पहुंचने में मदद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा पौधों के परागण के लिए भी डेलफ्लाई का प्रयोग हो सकता है.

मातेह कहते हैं कि रोबोट को अगर कीड़ों की तरह झुंड में उड़ाना है, तो इनका आकार बहुत छोटा होना चाहिए. इसकी कोशिश की जा रही है. छोटे होंगे, तो ये सस्ते भी पड़ेंगे. फिर इनका और भी इस्तेमाल हो सकेगा.

वैज्ञानिकों की कोशिशें जारी हैं.

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