ऐसी ज़बान जिसे चोरी छिपे बचाया गया

  • 30 दिसंबर 2017
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यूरोप और एशिया में बोली जाने वाली सभी ज़बानें इंडो-यूरोपियन परिवार की सदस्य मानी जाती हैं. लेकिन यूरोप के देश स्पेन और फ्रांस में कुछ लोग ऐसी भाषा बोलते हैं, जिसकी शुरुआत के बारे में किसी को पता ही नहीं.

इस ज़बान को सुनने के लिए आप को अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर सैर पर चलना होगा.

सैर के लिए आप को यूरोप के बास्क देश जाना होगा. बास्क कोई अलग मुल्क़ नहीं. ये स्पेन और फ्रांस में बंटा हुआ इलाक़ा है, जहां पर बास्क लोग रहते हैं. इन्हीं में से क़रीब 7 लाख लोग एक ख़ास ज़बान बोलते हैं.

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Image caption स्पेन के बास्क इलाके में गेटारिया नाम का गांव है, यहां यूस्करा ज़बान बोली जाती है

कहां से आई यह ज़बान?

इस भाषा का नाम है यूस्करा. इस भाषा से जुड़े कई राज़ हैं, जो भाषा के जानकार अब तक सुलझा नहीं पाए हैं. यूस्करा की शुरुआत कहां से हुई. इसकी जड़ें कहां हैं. किसी को नहीं पता. दिक़्क़त ये है कि यूस्करा का किसी और ज़बान से कोई ताल्लुक़ भी नज़र नहीं आता.

हां, इसे बोलने वाले इसे लेकर बहुत जज़्बाती हैं. बीसवीं सदी में जब स्पेन में जनरल फ्रैंको की तानाशाही थी, तो जनरल फ्रैंको ने यूस्करा बोलने वालों पर बहुत से ज़ुल्म ढाए थे. ये ज़बान बोलने वालों को गिरफ़्तार कर के क़ैद में रखा जाता था. उन पर जुर्माना लगा दिया जाता था.

कई दशक तक चले ज़ुल्मो-सितम के बाद जब जनरल फ्रैंको की मौत हुई, तो यूस्करा बोलने वालों के अच्छे दिन आए. इस ज़बान के शैदाई खुलकर अपनी बात अपनी भाषा में कह सकते थे. इस भाषा पर रिसर्च भी तेज़ हुई.

बास्क इलाक़े के शहर बिल्बाओ में स्पेन का लैंग्वेज रिसर्च इंस्टीट्यूट है. इसके प्रोफ़ेसर पेल्लो सालाबुरू कहते हैं कि किसी को नहीं मालूम कि यूस्करा ज़बान कहां से आई. हां, लेकिन इसे बोलने वालों को अपनी ज़बान पर गुरूर बहुत है. आज बास्क कंट्री में रहने वाले क़रीब 35 फ़ीसद लोग ये भाषा बोलते हैं.

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Image caption बास्क इलाक़े के शहर बिल्बाओ में स्पेन का लैंग्वेज रिसर्च इंस्टीट्यूट है

ख़ुफ़िया स्कूल चलाकर ज़िंदा रखी ज़बान

एक स्थानीय निवासी कारमेल एरेकाचो कहती हैं कि साठ और सत्तर के दशक में इस ज़बान को ख़ुफ़िया स्कूल चलाकर ज़िंदा रखा गया. जनरल फ्रैंको ने यूस्करा बोलने पर रोक लगा रखी थी. इसी वजह से चर्चों और म्यूज़ियम में चुपके-चुपके स्कूल चलाकर इस ज़बान को खाद-पानी दिया जाता रहा. क्योंकि फ्रैंको के राज में यूस्करा को बोलना जुर्म था. 1970 के दशक में ऐसे ही एक स्कूल में 8 हज़ार बच्चे यूस्करा सीखने आया करते थे.

जनरल फ्रैंको के शासन काल में यूस्करा सिर्फ़ घरों में बोली जाने वाली बोली बनकर रह गई थी. क्योंकि न तो इसकी कोई किताब छपती थी. न ही इसका कोई पर्चा या ग्रंथ था. एरेचाको बताती हैं कि उनकी दादी को एक बार खुले में यूस्करा बोलने पर जेल भेज दिया गया था. इसी वजह से उन्होंने अपने बच्चों को ये ज़बान बोलना नहीं सिखाया.

भाषा के जानकार बताते हैं कि स्पेन के बास्क इलाक़े में गुफ़ाओं में बनी चित्रकारियां मिली हैं. ये क़रीब 14 हज़ार साल पुरानी हैं. इसी तरह स्पेन के बिस्के की खाड़ी और ईकैन इलाक़ों में भी 9 हज़ार साल पुराने कुछ सबूत मिले हैं, जो ये बताते हैं कि ये इलाक़ा इंसानों से आबाद था.

हालांकि ये किसी को नहीं पता कि इन गुफ़ाओं में रहने वाले कौन सी ज़बान बोलते थे. लेकिन इन चित्रों से ये संकेत ज़रूर मिलते हैं कि गुफाओं में बोली जाने वाली बोली का आज की यूस्करा से ताल्लुक़ था.

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Image caption जनरल फ्रैंको ने यूस्करा बोलने पर रोक लगा रखी थी. इसलिए चुपके-चुपके स्कूल चलाकर इस ज़बान को ज़िंदा रखा गया

बाकी यूरोपीय भाषाओं से अलग

जब क़रीब साढ़े तीन हज़ार साल पहले आर्य इस इलाक़े में आए, तो वो अपने साथ अपनी भाषा ले आए. ज़बान के प्रोफ़ेसर पेल्लो सालाबुरू कहते हैं कि यूस्करा का किसी और भाषा से कोई रिश्ता नहीं है. आज की तमाम यूरोपीय भाषाएं इससे एकदम अलग हैं.

कुछ लोग मानते हैं कि यूस्करा भाषा अलग से आइबेरियन प्रायद्वीप पर विकसित हुई. आज के पुर्तगाल और स्पेन मिलकर आइबेरियन प्रायद्वीप को आबाद करते हैं.

आइबेरियन भाषा, लैटिन भाषा के ठीक उलट थी. 1920 में इस भाषा से जुड़े कुछ राज़ खुले थे. लेकिन इससे यूस्करा के बारे में कोई ख़ास जानकारी नही मिल सकी.

हज़ारों साल से बोली जा रही यूस्करा ज़बान की पहली किताब 1545 में फ्रांस में छपी थी. इसी तरह यूस्करा सिखाने वाला पहला स्कूल 1914 में स्पेन के सैन सेबास्टियन में खुला था. 1968 में जाकर यूस्करा लिखने के नियम-क़ायदे तय हो पाए.

प्रोफ़ेसर सालाबुरू कहते हैं कि यूस्करा इतने साल तक बोली जाती रही, ये किसी चमत्कार से कम नहीं. ये भाषा शायद इसलिए बची रह सकी, क्योंकि इसे बोलने वाले बाक़ी हिस्से से अलग इलाक़े में रहते थे.

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Image caption बास्क इलाके में 14 हज़ार साल पुरानी कई ख़ूबसूरत पेंटिंग मिली हैं

क़ुदरती ख़ूबसूरती बयां करने वाले कई शब्द

1960 के दशक में जब स्पेनिश बागी संगठन ईटीए ने जनरल फ्रैंको के ख़िलाफ़ बग़ावत की, तो इस संगठन के लोग अपनी ख़ुफ़िया बातों के लिए यूस्करा का ही इस्तेमाल किया करते थे. वो शहरों की दीवारों पर यूस्करा में अपनी मांगें और नारे लिख देते थे.

यूस्करा जिस इलाक़े में बोली जाती है, वो बास्क इलाक़ा क़ुदरती नेमतों से लबरेज़ है. ख़ूबसूरत समुद्र तट, ऊंची और शानदार चोटियां, नीला आकाश आप के दिल को सुकून देते हैं. इलाक़े की ख़ूबसूरती की वजह से यूस्करा में क़ुदरती ख़ूबसूरती बयां करने वाले कई शब्द हैं.

हाल के दिनों में यूस्करा को बचाने के लिए स्पेन की सरकार ने नई मुहिम छेड़ी है. इसकी एक वेबसाइट बनाई गई है. इसके इतिहास से लोगों को रूबरू कराया जा रहा है.

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Image caption अब यूस्करा ज़बान में अख़बार प्रकाशित किए जा रहे हैं, साथ ही इसे बोला और गाया भी जा रहा है

अब यूस्करा बोलने वालों पर स्पेनिश ज़बान का भी काफ़ी असर देखने को मिल रहा है. बहुत से नए शब्द इसमें जुड़ गए हैं. चर्चों में इसे इस्तेमाल किया जाता है. इस ज़बान में गाने लिखे जा रहे हैं.

इसे बोलने वालों को यक़ीन है कि यूस्करा अपने आप को बचा पाने में ज़रूर कामयाब होगी.

(मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी पर उपलब्ध है.)

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